
रायपुर। स्वामी विवेकानंद कोटा एथलेटिक स्टेडियम में आयोजित राज्य स्तरीय एथलेटिक चैंपियनशिप में आयोजकों और कोच व खिलाड़ियों के बीच जमकर विवाद हुआ। विवाद इतना बढ़ गया कि एक-दूसरे को देख लेने तक की बात तक पहुंच गया। हालांकि बाद में मामले को शांत करा दिया।
उल्लेखनीय है कि दौड़ के मैदान में 30 घंटे तक चले ड्रामे की वजह से खेल रोकना पड़ा। विवाद उस दौरान शुरू हुआ, जब 100 मीटर दौड़ के लिए आयोजकों द्वारा एनाउंसमेंट हुआ। दौड़ में शामिल धावकों को चेस्ट नंबर न मिलने से जब वे आयोजक के पास पहुंचे तो उन्हें कहा गया कि अब तक क्या सो रहे थे? इसी बात को लेकर आयोजक से कवर्धा से आए 12 खिलाड़ी व कोच के बीच कहा-सुनी होने लगी।
बात इतनी बिगड़ गई कि आयोजक और कोच के बीच तू-तू-मैं-मैं के बाद गाली-गलौज तक बात पहुंच गई। अंत में किसी तरह मामले को शांत कराया गया और फिर बिना चेस्ट नंबर के ही खिलाड़ियों को दौड़ना पड़ा। दौड़ के बाद उन्हें चेस्ट नंबर दे दिया गया।
शंकर ने लगाया आरोप
भिलाई से एथलेटिक क्लब के शंकर दलई ने कवर्धा के कोच पर आरोप लगाया है कि उन्हें सीधे धमकी दी है कि तुम मुझे जानते नहीं हो, मैं तुम्हारी नौकरी खा लूंगा। वहीं चेस्ट नंबर के विवाद को लेकर कहा कि खिलाड़ियों के लिए सुबह से चेस्ट नंबर वितरित किए जा रहे थे, मगर खिलाड़ी नहीं पहुंचे। जब 100 मीटर दौड़ शुरू होने के पांच मिनट पहले खिलाड़ियों के नाम की घोषणा की गई, तब कवर्धा के खिलाड़ी पहुंचे व हंगामा करना शुरू कर दिया।
खिलाड़ियों के सामने किया गया अपमान
कवर्धा के कोच वसीम राजा ने कहा कि आयोजकों द्वारा पहले दो चेस्ट नंबर देने में देरी की गई। जब धावक वहां चेस्ट नंबर लेने पहुंचे तो उनके साथ बदतमीजी की गई। उन्हें कहा गया कि ज्यादा किया तो पूरे कवर्धा के खिलाड़ियों को बाहर कर दिया जाएगा। वहीं वसीम ने आयोजक शंकर पर आरोप लगाया है कि खिलाड़ियों और कोच के साथ बदतमीजी की गई है, जिसकी वजह से हालात बिगड़े।
शराब पीकर पहुंचने का आरोप
राज्य स्तरीय स्पर्धा में पहुंचे खिलाड़ियों ने एक आयोजक पर शराब पीकर आने का आरोप भी लगाया है। हालांकि खिलाड़ियों द्वारा लगाए गए इस आरोप की पुष्टि नहीं हो पाई है।
आयोजक और कोच के बीच हुए विवाद को लेकर अब तक किसी ओर से शिकायत नहीं आई है। लिखित शिकायत के बाद जांच होगी। उसके बाद कार्रवाई की जाएगी। – जीएस बामरा, अध्यक्ष, छत्तीसगढ़ एथलेटिक्स एसोसिएशन





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