नरवर/ विकासखंड की ग्राम पंचायत सिमरिया में पीएचई के इंजिनियर व हेंडपंप मैकेनिक की लापरवाही के कारण एक मजदूर की मौत हो गई जबकि तीन गंभीर रूप से झुलस गए। पुलिस ने मामले मर्ग कायम कर मामले की विवेचना शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सिमरिया में पीएचई का सरकारी हेंडपंप खराब हो गया था। इस हेंडपंप को सुधारने की जिम्मेदारी हेंडपंप मैकेनिक सादिक खान को सुधारने जाना था। सादिक ने अपनी ड्यूटी पर जाने की जगह हेंडपंप सुधारने के लिए प्रायवेट मजदूर विजय कुशवाह, भूरा कुशवाह सहित दो अन्य मजदूरों को भेज दिय। जब यह मजदूर हेंडपंप सुधारने के लिए उसमें डले पाइपों को निकाल रहे थे, तभी पाइप ऊपर से गुजरी 11 केवी की विद्युत लाइन से टकरा गया। पाइप विद्युत लाइन से टकराते ही सभी मजदूरों को करंट लग गया। हादसे में विजय कुशवाह की तो मौके पर ही मौत हो गई जबकि भूरा कुशवाह सहित अन्य मजदूर गंभीर रूप से झुलस गए। सभी मजदूरों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया। विचारणीय पहलू यह है कि सरकारी काम के लिए प्रायवेट मजदूरों को आखिर किसने और किसकी अनुमति से भिजवाया था। नियमानुसार हेंडपंप सुधारने के लिए मैकेनिक सादिक खान को जाना चाहिए था, लेकिन उसने खुद न जाते हुए प्रायवेट अनट्रेंड मजदूरों को भिजवाया जो इस मौत का कारण बना। बताया जा रहा है कि जो मजदूर घायल हैं उनमें से भूरा की हालत भी बेहद नाजुक बनी हुई है। पीएचई के विश्वसनीय सूत्र बताते हैं कि इंजीनियर आरएन श्रीवास्तव ज्यादातर अपने मुख्यालय की जगह दतिया स्थित अपने गृह निवास से ही सरकारी कार्य करते हैं। इसी का परिणाम है कि कर्मचारी भी लापरवाही करते हुए पूरा काम प्रायवेट मजदूरों से करवा रहे हैं। यही लापरवाही ने आज एक मजदूर की मौत का कारण भी बन गई।






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