
रायपुर। बीते तीन सालों में आयकर रिटर्न दाखिल करने के प्रति प्रदेश के लोगों में जागरूकता बढ़ी है। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि वित्तीय वर्ष 2016-17 की तुलना में 2018-19 में आयकर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या चार लाख 15 हजार 654 बढ़ी है। करीब 40 फीसद की बढ़ोतरी हुई है। बताया जा रहा है कि इसे देखते हुए आयकर विभाग भी टैक्स कलेक्शन का टारगेट बढ़ाते जा रहा है।
जैसे-जैसे रिटर्न दाखिल करने की आखिरी तारीख नजदीक आ रही है, चार्टर्ड अकाउंटेंट के पास करदाताओं की भीड़ बढ़ने लगी है। आयकर रिटर्न भरने और ईमानदारी से टैक्स जमा करने के लिए विभाग जागरूकता अभियान चला रहा है।
पिछले साल विभागीय अधिकारियों ने करदाताओं से व्यक्तिगत संपर्क करने के साथ नुक्कड़ नाटकों का भी आयोजन किया था ताकि करदाता टैक्स जमा करने के लिए प्रेरित हों। करदाताओं की संख्या बढ़ने का बड़ा कारण टैक्स नियमों में बदलाव व सख्ती को भी माना जा रहा है। आइटी बार एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष चेतन तारवानी ने बताया कि टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है। यह अच्छी बात है। करदाताओं को ईमानदारी से टैक्स भरना चाहिए।
करदाता बढ़े, पर टैक्स कलेक्शन में पिछड़े-
कर विशेषज्ञों से मिली जानकारी के अनुसार भले ही प्रदेश में करदाताओं की संख्या बढ़ी है, लेकिन इस साल टैक्स कलेक्शन में विभाग थोड़ा पिछड़ गया। सूत्रों के अनुसार वित्तीय वर्ष 2018-19 में विभाग का टारगेट 6400 करोड़ से अधिक था, लेकिन कलेक्शन लगभग 5800 करोड़ के आसपास रहा।
फैक्ट फाइल-
वित्तीय वर्ष रिटर्न दाखिल
2016-17 6,50,050
2017-18 7,75,608
2018-19 10,65,714
2019-20(जून तक) 1,03,226
आयकर रिटर्न भरने के ये हैं फायदे-
आयकर अधिकारियों और कर विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी तरह से टैक्स चोरी पकड़ी जाने पर करदाता को परेशानी होती है। आयकर रिटर्न ईमानदारी से दाखिल करने पर आप सरकार की नजर में चढ़ते हैं। बैंकिंग लोन के दौरान आयकर स्टेटस देखा जाता है, जिसमें फायदा होता है। बीमा पॉलिसी ली है, किसी दुर्घटना में मौत हो जाती है तो करदाताओं को पॉलिसी का पूरा-पूरा लाभ मिलता है।





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