लग्जरी कारों GST लागू

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नई दिल्ली। मध्यम आकार, बड़ी और एसयूवी कारों पर
जीएसटी के तहत बढ़ा हुआ सेस आज से लागू हो जाएगा। इसके अनुसार मध्यम आकार
की की कारों पर 2 प्रतिशत, बड़ी कारों पर 5 प्रतिशत और एसयूवी पर 7 प्रतिशत
सेस लागू होगा। केंद्रीय उत्पाद व सीमा शुर्क बोर्ड के मुताबिक इसकी
अधिसूचना सोमवार को जारी कर दी जाएगी।
माना जा रहा था कि सेस लागू
होने के बाद इन कारों की कीमतों में इजाफा होगा। लेकिन जीएसटी सेस बढ़ने के
बाद देश का कार उद्योग पेसोपेश में है। खास तौर पर महंगी कारें बनाने वाली
कंपनियों के लिए यह बढ़ोतरी एक बड़ी उलझन लेकर आ गई है।
जीएसटी लागू
होने के बाद जब महंगी गाड़ियों और एसयूवी पर कुल टैक्स की दरों में कमी हुई
थी तो इन कंपनियों ने कारों की कीमतों को घटाने का फैसला किया था। इससे
एसयूवी के साथ ही महंगी कारों की बिक्री में अच्छी खासी बढ़ोतरी हुई थी।
अब
इन कंपनियों को नए सिरे से कार की कीमत बढ़ाने की जरूरत होगी। ऐसे में
इन्हें डर है कि इन कारों के नए खरीददार बिदक न जाएं। यही वजह है कि
मर्सिडीज बेंज, ऑडी जैसी कार बनाने वाली कंपनियों ने बढ़ी हुई कीमत का कुछ
हिस्सा खुद ही वहन करने का फैसला किया है ताकि बिक्री की रफ्तार बनी रहे।
शनिवार
को हैदराबाद में जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारों पर सेस की दरों को नए
सिरे से समायोजित किया गया है। वैसे तो छोटी कारों पर कोई असर नहीं पड़ेगा
लेकिन पेट्रोल 1200 व डीजल 1500 सीसी से ज्यादा क्षमता की सभी कारों की
कीमतों में कुछ न कुछ अंतर पड़ेगा। इन पर सेस की दर में दो फीसद से सात फीसद
तक का अतिरिक्त इजाफा किया गया है।
केंद्र सरकार ने वैसे तो 10 फीसद
तक सेस लगाने का रास्ता साफ किया था कि लेकिन काउंसिल ने विभिन्न श्रेणी
की कारों पर अलग-अलग दरें तय की हैं। हाइब्रिड कारों पर दरों में कोई बदलाव
नहीं किया गया है। सरकार इसे लागू करने के लिए सोमवार को अधिसूचना जारी
करेगी।
महिद्रा, हुंडई, टोयोटा किर्लोस्कर, ऑडी, मर्सिडीज बेंज और
टाटा समूह की जेएलआर की तरफ से सोमवार को ही अपने तमाम वाहनों की नई कीमतों
का एलान किया जाएगा। लेकिन इन कंपनियों से जुड़े लोगों का कहा है कि सरकार
की तरफ से अंतिम घोषणा आने के बाद ही यह तय कर पाएंगे कि कितना बोझ हम
उठाएंगे और कितना ग्र्राहकों पर डालेंगे।
कीमत वृद्धि से भी ज्यादा
इन कंपनियों को इस बात से नाराजगी है कि सरकार अर्थव्यवस्था में इतना बड़ा
योगदान करने वाले उद्योग पर कर की दरों में बार-बार बदलाव कर रही है।
टोयोटा किर्लोस्कर के वाइस चेयरमैन शेखर विश्वनाथन का कहना है कि, “बार बार
टैक्स रेट में बदलाव से उद्योग के उत्साह पर असर पड़ता है जो बाजार में
अस्थिरता को बढ़ा सकता है।”
भारतीय बाजार में तेजी से पैठ बना रही
बीएमडब्ल्यू ने भी ऐसी ही बातें कही है। सनद रहे कि हाइब्रिड कारों पर
टैक्स की दरों को बढ़ाये जाने से नाराज हुंडई ने पहले ही यह एलान कर दिया है
कि वह भारत में अब हाइब्रिड कारें लांच नहीं करेगी।
सरकारी सूत्रों
का कहना है कि परिषद ने उन्होंने पूरे हालात पर नजर रखते हुए फैसला किया
है। परिषद 10 फीसद तक सेस की दर तय कर सकता था लेकिन उसने ऐसा ऑटो उद्योग
की अहमियत को देखते हुए ही किया है। कई कार कंपनियों ने भी सरकार के इस रुख
का स्वागत किया है। बहरहाल परिषद का फैसला स्कार्पियो, डस्टर, एक्सूयवी
500, फार्च्यूनर जैसे तमाम प्रसिद्ध एसयूवी की कीमतों में सात फीसद तक की
वृद्धि संभव है।


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