
दमोह। पुलिस का “सिंघम” अवतार अक्सर फिल्मों में देखने को मिलता है उसी काल्पनिक किरदार को कई प्रदेश के पुलिसकर्मी अपनी शैली में भी पिरोने में देखे गए पर आज प्रदेश के ऐसे थानेदार की जीवन शैली जो “डॉ कलाम अर्थात मिसाइल मैन” से प्रेरित है मिलिये उपनिरीक्षक “भगत सिंह ठाकुर” से। पुलिसिंग से समय निकालकर शासकीय स्कूलों में पढ़ाने जाते हैं, यह थानेदार हटा के कुम्हारी थाना प्रभारी की पहल, अतिरिक्त समय मे थाना क्षेत्र के कई स्कूलों में देते हैं बच्चो को शिक्षा, हटा- पुलिस थाना में पदस्थ उपनिरीक्षक के क्या कार्य होते हैं।आप सभी जानते होंगे,थाने में कार्य करते पुलिसकर्मियों को आप रोज देखते होंगे ,पर कंही आपने कोई ऐसा थानेदार देखा है।जो वर्दी पहनकर नियमित रूप से थाना क्षेत्र के स्कूलों में पढ़ाने जाए,सुनने में अचंभा जरूर होगा लेकिन यह सच है। हम आपको एक ऐसे थाना प्रभारी की दिनचर्या दिखाने जा रहे हैं जो अपने व्यस्तम समय के बीच थाना क्षेत्र के स्कूलों में नियमित रूप से पढ़ाने जाते हैं।
देखिए रिपोर्ट/-
पहले एक शिक्षक ,फिर गांव के सरपंच ,सरपंच से फिर शिक्षक पद और उसके बाद पुलिस विभाग में उपनिरीक्षक पद पर सेवाएं दे रहे,,बच्चो के बीच शिक्षक की भूमिका में नजर आ रहे यह ज़नाब हटा अनुविभाग के कुम्हारी थाना में पदस्थ उपनिरीक्षक बी एस ठाकुर ….जो पुलिसिंग के अलावा थाना क्षेत्र के कई स्कूलों में नियमित रूप से टीचिंग का कार्य करते हैं, थाना प्रभारी स्कूलों में जाकर छात्र छात्राओं को किताबी ज्ञान के साथ साथ जनरल नॉलेज और कानून से सम्बंधित जानकारियां देते हैं। इतना ही नही थाना प्रभारी विभिन्न कार्यक्रमो के माध्यम से लोगों के बीच पंहुचकर संवाद कर क्षेत्र में शांति व्यवस्था कायम किये हुए हैं।
ख़ास बात यह है कि समाज मे लगातार बढ़ते अपराधों और व्यस्ततम दौर के बाबजूद जंहा आमतौर पर कर्मचारी तनाव में रहते हुए अपने ही विभाग के कार्य नही निपटा पाते ऐसे में उपनिरीक्षक बी एस ठाकुर लोगों को किसी प्रेरणा से कम नहीं है। वर्तमान में बी एस ठाकुर कुम्हारी थाना में पदस्थ है जो थाने के काम निपटा कर प्राथमिक शाला, माध्यमिक और हायर सेकेंडरी कुम्हारी, माध्यमिक शाला हिनोती, सहित पटेरिया,कुलुआ आदि कई गांव के स्कूल जाकर बच्चो को पढ़ाते हैं ,हायर सेकेंडरी स्कूल कुम्हारी की छात्रा मोनिका यादव बताती हैं कि वे हिनोती गांव से रोज पढने आती है शिक्षकों के अलावा थाना प्रभारी जी से अतिरिक्त पढ़ाई से उनका जनरल नॉलेज बढ़ रहा है।इसी स्कूल की छात्रा अनुश्री जैन, कीर्ति कुर्मी का कहना है कि थाना प्रभारी के स्कूल में आने से यंहा का माहौल बेहद अच्छा हो जाता है।वे हमें कई सरल तरीकों से पढ़ना सिखाते हैं।साथ ही महिला हेल्पलाइन और यातायात सम्बंधित नियमो की रोचक जानकारियां देते हैं।हमें उनसे पढ़ना अच्छा लगता है।वंही कक्षा 12 वी के छात्र दीपांशु जैन का कहना है कि बी एस ठाकुर जी पढ़ाने आते हैं और आज उन्होंने जो बच्चा चोरी की अफवाह चल रही है।उसपर विस्तार से जानकारी देकर इस प्रकार की अफ़वाहों पर ध्यान न देकर दुसरो को प्रेरणा देने की बात कही हम लोग उन्हें शिक्षक के रूप में पाकर खुश हैं।हिनोती स्कूल के प्रधानाध्यापक ओम लाल कोल की माने थाना प्रभारी श्री ठाकुर सप्ताह के अंतराल में उनके स्कूल आकर 6 से 8 वी तक के बच्चों की क्लास लेकर उन्हें किताबी ज्ञान के अलावा कानून और अपराधो की जानकारी देते हैं।इसी प्रकार हायर सेकेंडरी स्कूल कुम्हारी के प्राचार्य श्री पटेरिया का कहना है कि थाना प्रभारी अपने व्यस्तम समय के बाबजूद सप्ताह में दो बार स्कूल आते हैं और बच्चों को विशेष ट्रेक और तरीको से इतिहास,गणित आदि का ज्ञान देते हैं।साथ ही वे बालिकाओं को महिला अपराधों की जानकारी देकर उन्हें सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के गुर सिखाकर शासन की महत्वपूर्ण सेवाओं की जानकारी और टोल फ्री नम्बर का लाभ लेने इनके उपयोग करने की जानकारी देते हैं।
दरअसल बी एस ठाकुर पुलिस सेवा से पहले प्राथमिक स्कूल में शिक्षक के पद पर थे ,शिक्षक का पद छोड़कर गांव के सरपंच बनकर जनसेबा की और पुनः शिक्षक के बाद पुलिस सेवा में आए,
बी एस ठाकुर का शिक्षा और बच्चोंसे ऐसा लगाव है कि आज भी वह इनको समय देकर शिक्षा की अलख जगा रहे हैं,थाना पभारी की इस पहल और सरहानीय कार्य से क्षेत्र के लोग खुश हैं वंही छात्र छात्राएं भी पुलिस अधिकारी को अपने बीच पाकर कई अनुभव सांझा करते हुए रोमांचित होते हैं।स्कूल में पुलिस अधीकारी को अपने बीच पाकर छात्राएं बेबाकी से महिला अपराधो और साइबर क्राइम के सवाल पूछकर जागरूक हो रही है वंही स्कूलों के पदस्थ शिक्षक भी थाना प्रभारी को सहकर्मी के रूप में पाकर इनकी प्रशंसा करते हैं।




