
आज दोपहर सज्जन वर्मा ने फेसबुक और X की प्रोफाइल बदली है। यह तस्वीर फेसबुक की पहले और अब की है। यही बदलाव X पर भी किया है।
पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ के बीजेपी में शामिल होने की अटकलों को इंदौर के पूर्व मंत्री सज्जन वर्मा ने और हवा दे दी। कमलनाथ के खास माने जाने वाले वर्मा ने आज शनिवार दोपहर अचानक अपना सोशल मीडिया एकाउंट से कांग्रेस हटा दिया है। पहले कांग्रेस के पंजे के चिह्न के साथ फोटो थी। वर्मा अभी इंदौर में ही हैं।
कमलनाथ के बीजेपी में जाने के सवाल पर कहा कि उनके साथ 40 साल से जुड़ा हूं। वे ही मेरे नेता हैं। वे जहां रहेंगे, मैं भी उनके साथ रहूंगा। यह मेरा मोरल दायित्व है।
सज्जन वर्मा ने दावा किया कि मुझे ऐसा लगता है कि मेरे नेता किसी बात से बहुत आहत हुए हैं। व्यक्ति मान सम्मान और स्वाभिमान के लिए राजनीति करता है। यदि यह आहत होता है तो ही निर्णय लेता है। उनसे एक दिन पहले बात हुई थी। उन्होंने मुझसे पूछा था कि अभी जो कुछ चल रहा है, उसमें हमें क्या फैसला करना चाहिए। हमारी आपसी कुछ बातें हुईं जो आपको नहीं बता सकता।
राहुल की न्याय यात्रा की टाइमिंग पर उठाए सवाल
सज्जन ने कहा कि जिस तरह की परिस्थिति पार्टी में है, निर्णय गलत हो रहे हैं। सही समय पर सही निर्णय लिया जाना महत्वपूर्ण है। हमारे नेता राहुल गांधी और कांग्रेस को जब इंडिया गठबंधन के लिए ममता बनर्जी, अखिलेश यादव, अरविंद केजरीवाल से महागठबंधन पर बातचीत करनी चाहिए थी, तब वे यात्रा निकाल रहे हैं।
देवास से चुनाव लड़ते रहे हैं सज्जन
गौरतलब है कि पूर्व मंत्री वर्मा देवास के पूर्व सांसद रह चुके हैं। साथ ही सोनकच्छ से विधायक रहते हुए कमलनाथ सरकार में मंत्री भी बने थे। वे राजनीतिक रूप से सीधे तौर पर कमलनाथ के खास माने जाते हैं। मूल रूप से इंदौर के रहने वाले वर्मा अनुसूचित जाति वर्ग से आते हैं और कांग्रेस के बड़े दलित नेता माने जाते हैं। हालिया चुनाव में वे सोनकच्छ से भाजपा के राजेश सोनकर से हार गए थे।
पटवारी के अध्यक्ष बनने से होल्ड घटा
बता दें सज्जनसिंह वर्मा का इंदौर में अच्छा होल्ड रहा है। अपने बयानों को लेकर भी वे हमेशा सुर्खियों में बने रहे हैं लेकिन जब से जीतू पटवारी को कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। उसके बाद से वर्मा का इंदौर पर होल्ड घटा है। पार्टी ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार को बनाया है। इस तरह मालवा-निमाड़ में कांग्रेस ने नए नेतृत्व को मौका देकर पुराने नेताओं को किनारे कर दिया है।
9 में से 1 समर्थक को मिला था टिकट
इंदौर जिले में विधानसभा की 9 सीट हैं। पिछले चुनाव में सज्जन वर्मा के कोटे से सिर्फ एक टिकट मिला था। इंदौर-4 से राजा मंधवानी लड़े जो हार गए। इंदौर-1 से संजय शुक्ला, इंदौर-2 से चिंटू चौकसे का टिकट सीधे पार्टी लेवल से तय हुआ। इंदौर-3 से पिंटू जोशी दिग्विजय सिंह गुट के माने जाते हैं। इंदौर-5 से सत्यनारायण पटेल प्रियंका गांधी के समर्थक हैं। महू से लड़े केदारशुक्ला बीजेपी से आए थे। देपालपुर के विशाल पटेल और सांवेर की रीना बौरासी भी दिग्विजय सिंह गुट से हैं।
पुराना प्रोफाइल-

पहले सज्जन वर्मा की सोशल मीडिया प्रोफाइल पर ऐसा था फोटो।
नई प्रोफाइल-

अब सज्जन वर्मा ने नई प्रोफाइल बना ली है।
ट्वीटर के प्रोफाइल से भी कांग्रेस का लोगो हटाया
पूर्व मंत्री वर्मा ने अपने ट्वीटर हेंडल से कांग्रेस का लोगो शनिवार दोपहर को हटाया है। यह वह वक्त है जब कमलनाथ अचानक दिल्ली जा रहे हैं। वर्मा ने प्रोफाइल फोटो अपडेट करते हुए तिरंगे के साथ अपनी फोटो लगाई है। जिस पर जन, गण, मन लिखा है। वहीं फेसबुक आईडी पर भी उनकी पुराने फोटो कांग्रेस के लोगो के साथ थी, उसे भी हटा दिया है।
प्रोफाइल पर फोटो बदलने के बाद आने लगे कमेंट्स











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