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कांग्रेस का ब्लैक पेपर मोदी सरकार के खिलाफ: खडगे पेश करेंगे 10 साल के कार्यकाल पर /#NATIONAL

नई दिल्ली

संसद के बजट सत्र में मोदी सरकार आज (8 फरवरी) UPA सरकार के दौरान देश की आर्थिक स्थिति पर व्हाइट पेपर पेश कर सकती है। इसे लेकर कांग्रेस मोदी सरकार के 10 साल के कार्यकाल को लेकर ब्लैक पेपर ला रही है। सुबह 10:30 बजे कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर ब्लैक पेपर पेश करेंगे।

बुधवार 7 फरवरी को भाजपा सांसद और संसदीय फाइनेंस कमेटी के चेयरमैन जयंत सिन्हा ने कहा था कि सरकार के व्हाइट पेपर में 2014 के पहले की खराब अर्थव्यवस्था का जिक्र होगा। साथ ही बताया जाएगा कि PM मोदी ने 2014 के बाद कैसे आर्थिक स्थिति बदली।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी 1 फरवरी को बजट पेश करते हुए कहा था कि UPA सरकार में अर्थव्यवस्था को लेकर मिसमैनेजमेंट हुआ था। इसे लेकर व्हाइट पेपर लाया जाएगा।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी 1 फरवरी को बजट पेश करते हुए कहा था कि UPA सरकार में अर्थव्यवस्था को लेकर मिसमैनेजमेंट हुआ था। इसे लेकर व्हाइट पेपर लाया जाएगा।

क्या होता है व्हाइट पेपर?
व्हाइट पेपर एक रिपोर्ट होती है, जिसमें सरकार की नीतियों और मुद्दों को चर्चा होती है। सरकार व्हाइट पेपर अक्सर तब लाती है, जब उसे किसी मुद्दे पर निष्कर्ष निकालना होता है। NDTV की रिपोर्ट के मुताबिक, केंद्र सरकार के व्हाइट पेपर लाने से सरकार को लोकसभा चुनाव से पहले कांग्रेस के खिलाफ हमला करने का हथियार मिलेगा।

वित्तमंत्री ने कहा था- हम सबका साथ, सबका विश्वास और सबके प्रयास के मंत्र से आगे बढ़े
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 1 फरवरी को बजट भाषण में कहा था- देश की जनता भविष्य की तरफ देख रहे हैं। वे आशान्वित हैं। पीएम मोदी के नेतृत्व में हम आगे बढ़ रहे हैं। जब पीएम मोदी ने 2014 में काम शुरू किया, तब बहुत ज्यादा चुनौतियां थीं।

जनता के हित में काम शुरू किए हैं। जनता को ज्यादा से ज्यादा रोजगार के अवसर दिए हैं। देश में नया उद्देश्य और उम्मीद जगी है। जनता ने हमें दूसरी बार सरकार में चुना। हमने व्यापक विकास की बात की। सबका साथ, सबका विश्वास और सबके प्रयास के मंत्र से आगे बढ़े।

बीते 10 साल में दोगुना FDI आया
सीतारमण ने बताया था कि FDI यानी फर्स्ट डेवलप इंडिया। 2014-23 के दौरान 596 अरब डॉलर विदेशी प्रत्यक्ष निवेश (FDI) आया। यह 2005-2014 के दौरान आए FDI से दोगुना था। हम विदेशी पार्टनर्स से बाइलेटरल इन्वेस्टमेंट ट्रीटी (द्विपक्षीय निवेश के लिए समंझौता) कर रहे हैं।


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