
शिवपुरी। शहर की पॉश कॉलोनी राघवेन्द्र नगर में मंगलवार की रात्रि गुप्ता मैचिंग सेंटर के संचालक विजय गुप्ता के घर में घुसकर बदमाशों ने दुस्साहसिक अंदाज में घर में उनकी पत्नी किरण गुप्ता की चाकू से गला रेतकर नृशंस हत्या कर दी। बदमाशों ने गले के साथ-साथ पेट और शरीर के अन्य भागों में भी महिला पर चाकू से बेरहमी से प्रहार किए। आशंका है कि हत्या की यह वारदात दोपहर तीन साढ़े तीन बजे से लेकर शाम छह बजे के बीच की है। बदमाशों ने महिला के शरीर पर पहने आभूषण भी उतार लिए जिनमें से कुछ आभूषण रात्रि में पुलिस को जांच के दौरान घर में रखे मिले। वहीं घर की तिजोरी और लॉकर में रखा सामान भी सुरक्षित मिला जिससे कई सवाल खड़े हो गए हैं। एसपी राजेश हिंगणकर ने बताया कि हत्या प्रथम दृष्टि में लूट के इरादे से की गई प्रतीत होती है, लेकिन हम अन्य विकल्पों पर भी विचार कर रहे हैं, क्योंकि हत्यारे घर में रखी नगदी और अन्य आभूषण छोड़ गए हैं। सूचना पाकर एसपी राजेश हिंगणकर, देहात, कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए जहां एफएसएल टीम भी उनके साथ थी वहीं स्नोफर डॉग की सहायता से देर रात तक पुलिस गलियों में घूमती रही। आज सुबह एसपी पुन: घटना स्थल पर पहुंचे जहां उन्होंने करैरा एसडीओपी रत्नेश सिंह तोमर और शिवपुरी एसडीओपी सुरेशचंद दोहरे को वहां लगे सीसीटीव्ही फुटेजों को देखने के निर्देश दिए जिस पर पुलिस ने वहां लगे चार सीसीटीव्ही फुटेजों को खंगालना शुरू कर दिया है।
जानकारी के अनुसार विजय गुप्ता का मकान राघवेन्द्र नगर में आरएसएस कार्यालय के पिछवाड़े स्थित है। श्री गुप्ता की ओरियन्टल बैंक ऑफ कॉमर्स के पास गुप्ता मैचिंग सेंटर के नाम से प्रतिष्ठान है वहीं घर में भी उनका मैचिंग सेंटर चलता है। घर से वह महिलाओं और कारीगरों को पेटीकोट, ब्लाउज आदि बनाने के लिए देते हैं और प्रतिष्ठान के साथ-साथ घर पर भी उनकी खैरिज दुकानदारी सुबह 10 बजे तक चलती है। दुकानदारी में उनका सहयोग उनका सबसे छोटा पुत्र शिवम देता है जबकि बड़ा पुत्र दीपेश रूढ़की में आईआईटी में अध्ययनरत है। इसके अलावा इसी वर्ष मार्च माह में उनकी सुपुत्री का विवाह भी हुआ था। प्रतिदिन की तरह व्यवसायी विजय गुप्ता और उनका सुपुत्र शिवम गुप्ता अपने प्रतिष्ठान पर गए थे। दुकान से खाना खाने के लिए दो ढाई बजे शिवम गुप्ता घर में आया। उस समय सब कुछ ठीकठाक था। बताया जाता है कि वह तीन साढ़े तीन बजे घर से खाना खाकर दुकान के लिए निकला। रात साढ़े आठ बजे जब दोनों पिता-पुत्र घर पर लौटे तो उन्हें घर का दरबाजा कुछ खुला हुआ नजर आया इससे वह आश्चर्यचकित हुए, क्योंकि किरण गुप्ता घर का दरबाजा बंद करके रखती थी और पिता पुत्र के घर पर आने पर ही वह दरबाजा खोलती थी। आशंकित पिता-पुत्र जब घर में अंदर घुसे तो उन्होंने देखा कि किरण गुप्ता का शव जीने के पास पड़ा हुआ है। घटना स्थल पर खून का ढेर है। उनका गला किसी ने रेत दिया था, पेट पर भी बेरहमी से प्रहार किए गए थे। कान में से टॉप्स तथा चैन गायब थी। घर का सामान बिखरा हुआ था और उनकी पत्नी खून से लथपथ मृत अवस्था में जमीन पर पड़ी हुई थी। घबराए पिता-पुत्र जब मकान की पहली मंजिल पर गए तो उन्होंने देखा कि कमरे में टीव्ही चल रहा था और बाथरूम में खून पड़ा हुआ था। जिससे प्रतीत होता था कि बदमाशों ने बाथरूम में अपने खूनसने हाथ धोए थे। घटना स्थल पर वह चाकू भी बरामद हुआ जिससे किरण गुप्ता की नृशंस हत्या की गई थी। तुरंत ही श्री गुप्ता ने घटना की जानकारी पास में रहने वाले अपने भाइयों और पुलिस को दी।
लुटेरे आभूषण ले भी गए और छोड़ भी गए
मृतक महिला के पति विजय गुप्ता के अनुसार उनकी पत्नी किरण के शरीर से उनके आभूषण गायब थे। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची जहां छानबीन के दौरान सोने की दो चूडिय़ां घर में मिल गईं। जबकि उनका लॉकर और अलमारी में रखे 10 हजार रूपए नगदी और अन्य आभूषण सुरक्षित वही रखे थे। यह स्पष्ट नहीं हो सका कि इस वारदात में लुटेरे कितनी बड़ी रकम ले गए हैं। अभी फिलहाल गुप्ता परिवार ने इस विषय में पुलिस को अवगत नहीं कराया है।
डॉग नहीं लगा सका कोई सुराग
मौके पर पहुंचे एसपी ने स्नोफर डॉग की सहायता से वहां की आसपास की गलियों में छानबीन की। इस दौरान स्नोफर डॉग श्री गुप्ता के मकान के पीछे वाली गली से होकर बहुत ही सकरी गलियों से निकलकर वहां एक मकान के पास पहुंचा इसके बाद डॉग वहां से सीधा आगे तुलसीनगर के पिछले हिस्से तक पहुंचा, लेकिन उसके बाद वह वापस लौट आया जिस कारण वहां कोई भी सुराग नहीं मिला।
पुलिस खंगाल रही है सीसीटीव्ही कैमरे
पुलिस ने वहां लगे सीसीटीव्ही कैमरों को भी खंगाला जिसमें एक महिला दिखाई दे रही है वहीं एक ऑटो भी देखा गया है, लेकिन घटना में उन लोगों के शामिल होने की अभी पुष्टि नहीं हुई है। सुबह एसपी श्री हिंगणकर अग्रवाल समाज के बुलाए जाने पर वहां पहुंचे और उन्होंने अपने अधीनस्थों को गुप्ता टाईल्स पर रखे कैमरे नगर पालिका उपाध्यक्ष अन्नी शर्मा के भ्राता और उनके पास कपड़े की दुकान संचालित करने वाले दुकानदार की दुकान पर लगे कैमरों की छानबीन करने वहां पहुंचे, लेकिन उस समय बिजली नहीं थी जिस कारण एसपी ने कोलारस टीआई सतीश चौहान, कंट्रोल रूम प्रभारी जितेन्द्र शाक्य और अपने अधीनस्थों को वहां बैठकर बिजली आने का इंतजार करने का निर्देश देते हुए कहा कि वह यहां से सारे फुटेज देखकर उन्हें अवगत कराएंगे और इसके बाद एसपी करैरा एसडीओपी रत्नेश सिंह तोमर को लेकर वहां से रवाना हो गए।
वारदात 3 से 5 के बीच होने की आशंका
व्यापारी विजय गुप्ता और उनके सुपुत्र शिवम गुप्ता रात साढ़े आठ बजे घर पहुंचे उस समय वारदात को अंजाम दिया जा चुका था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उस दौरान खून सूखने लगा था और ऐसा प्रतीत होता था कि हत्या हुए दो-ढाई घंटे से अधिक हो गए हैं। व्यापारी के मकान के पास एक मोटर भरने वाले की दुकान है। उसने पुलिस को बताया कि शाम पांच बजे वह दुकान पर आ गया था और तबसे व्यापारी के मकान पर कोई नहीं आया था। उक्त व्यक्ति के बयानों को यदि सत्य माना जाए तो हत्या की वारदात दोपहर तीन साढ़े तीन से पांच बजे के बीच हो सकती है।
आक्रोशित अंदाज में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए एसपी को सौंपा ज्ञापन
इस सनसनीखेज वारदात से पूरे शहर में दहशत और सनसनी का वातावरण है। पॉश कॉलोनी में शहर के बीचोबीच घर में घुसकर महिला की हत्या से आम आदमी अपनी सुरक्षा के प्रति चिंतित हो गया है तथा शहर की कानून और व्यवस्था की स्थिति पर एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। इससे आक्रोशित अग्रवाल समाज ने आज एसपी राजेश हिंगणकर को ज्ञापन देने के लिए व्यापारी के राघवेन्द्र नगर स्थित मकान पर बुलाया। ज्ञापन देने के पूर्व अग्रवाल समाज के लोगों ने एसपी हिंगणकर से काफी उग्र लहजे में बातचीत की और उन्होंने कहा कि शराब, जुआ, सट्टा से जुड़े छोटे मोटे अपराधियों को पकडऩे के साथ-साथ वह बड़ी वारदात के आरोपियों को गिरफ्तार कर दिखाएं कि पुलिस आम आदमी की सुरक्षा के प्रति जागरूक है। कुछ समय के लिए छुटपुट कार्रवाईयों को विराम दें। एसपी ने सभी बातों को ध्यानपूर्वक शांति से और धैर्यपूर्वक सुना तथा आश्वासन दिया कि वह जल्द से जल्द इस मामले का खुलासा करने का प्रयास करेंगे। ज्ञापन देने वालों ने उनसे डेटलाइन की मांग की, लेकिन एसपी ने कहा कि वह अभी समय देने की स्थिति में नहीं हैं, लेकिन भरोसा दिलाते हैं कि जल्द से जल्द बदमाश सलाखों के पीछे होंगे।
लूट के अलावा अन्य एंगिल पर भी पुलिस कर रही है विवेचना
प्रथम दृष्टि में भले ही महिला की हत्या के पीछे लूट नजर आ रही हो, लेकिन पुलिस के अधिकारी भी एकदम से इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे कि लूट के कारण किरण की हत्या की गई है। इसके पीछे उनकी सोच यह है कि हत्या जिस अंदाज में की गई है उससे प्रतीत होता है कि पेशेवर हत्यारे ने इस वारदात को अंजाम दिया है। फिर सवाल यह है कि लूटना यदि उद्देश्य था तो बदमाश घर में मौजूद नगदी और अन्य सामान को क्यों नहीं ले गए। हालांकि एक पुलिस अधिकारी का यह भी तर्क है कि संभवत घबराकर बदमाश ऐसा न कर पाए हों, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार महिला के कपड़े अस्त व्यस्त हालत में मिले जिससे पुलिस लूट के अलावा अन्य एंगिल पर भी जांच कर रही है। एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट के बाद शायद पूरी तरह से मामले का खुलासा होगा।
जूते के निशान को लेकर पुलिस जांच में जुटी
एसपी राजेश हिंगणकर ने अग्रवाल समाज द्वारा ज्ञापन दिए जाने के दौरान उन्हें बताया कि उन्हें एक जूते के निशान मिले हैं जिससे प्रतीत हो रहा है कि जूता हाल ही में खरीदा गया है जिस पर उन्होंने जांच शुरू कर दी है वहीं सीसीटीव्ही कैमरे में वहां देखी गई है। साथ ही एक ऑटो भी वहां आया है। ऐसी स्थिति में पुलिस हर बिन्दु पर अपना ध्यान केन्द्रित किए हुए हैं।
पुलिस ने संदिग्धों पर किया ध्यान केन्द्रित
एसपी राजेश हिंगणकर ने करैरा एसडीओपी रत्नेश सिंह तोमर को निर्देशित किया कि वह उनके परिवारजनों से जानकारी लें और उनसे पूछे कि उनके घर पर कपड़े लेने वाले कौन-कौन लोग हैं और उनके घर पर कितने ऑटो आते थे जिनमें कपड़े भरकर ले जाया जाता था। उन सभी ऑटो की लिस्ट बनाकर उनसे पूछताछ की जाए। विजय गुप्ता के घर पर हबीब खान नामक नौकर काम करता था वह पिछले दो दिनों से उनके घर नहीं आया है जिस कारण हबीब को पुलिस ने हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
अंतिम संस्कार में नहीं शामिल हो सका मृतक का पुत्र
मृतक किरण गुप्ता का अंतिम संस्कार आज पोस्टमार्टम के बाद दोपहर एक बजे मुक्तिधाम शिवपुरी में किया गया जिसमें बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और व्यवसायी आदि शामिल हुए। अंतिम संस्कार में मृतक किरण गुप्ता के बड़े सुपुत्र दीपेश गुप्ता शामिल नहीं हो सके। दीपेश रूढ़की में आईआईटी में अध्ययनरत हैं। कल रात बड़ी मुश्किल से उनसे संपर्क साधा गया, क्योंकि उनके कॉलेज का फोन और उनका मोबाइल दोनों बंद मिले। इसके बाद वायरलैस से दीपेश को वारदात की सूचना दी गई। बताया जाता है कि दीपेश दोपहर 12 बजे तक प्लेन द्वारा रूढ़की से दिल्ली आएगा। उनके आने में देरी के कारण किरण गुप्ता का अंतिम संस्कार कर दिया गया।






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