लखनऊ

सूत्रों ने दावा किया कि अखिलेश यादव को सीबीआई ने पूछताछ के लिए गुरुवार को बुलाया है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव को CBI ने समन भेजा है। सीबीआई ने उन्हें अवैध खनन मामले में 29 फरवरी यानी कल पूछताछ के लिए दिल्ली बुलाया है। अखिलेश इस मामले में बतौर गवाह पेश होंगे। अवैध खनन का यह मामला हमीरपुर में 2012-2016 के बीच का है। जनवरी 2019 में CBI ने इस मामले में चर्चित IAS अफसर बी. चंद्रकला समेत 11 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। यह जानकारी सूत्रों के हवालों से पता चली है।
CBI ने अखिलेश यादव को 160 CRPC में तहत समन भेजा है। यह धारा CBI को बतौर गवाह 18 साल से अधिक उम्र के किसी भी व्यक्ति को पूछताछ के लिए बुलाने की शक्ति देती है।
हमीरपुर में तब बी. चंद्रकला थीं डीएम
हमीरपुर अवैध खनन मामले में 2 जनवरी 2019 को CBI के डिप्टी SP केके शर्मा ने केस दर्ज कराया था। इस केस में CBI ने IAS बी. चंद्रकला के लखनऊ स्थित फ्लैट समेत 14 जगहों पर छापेमारी की। यह छापेमारी कानपुर, लखनऊ, हमीरपुर, जालौन, नोएडा में हुई थी।
इसके बाद आईपीसी की धारा- 379, 384, 420, 511 120 B और भ्रष्टाचार अधिनियम के तहत CBI ने केस दर्ज किया था। FIR में कहा गया था कि 2012 से 2016 के बीच में हमीरपुर में बालू की माइनिंग अवैध तरीके से की गई थी। शिकायतों के मुताबिक, अधिकारी अवैध खनन कर रहे लोगों और अवैध बालू ले जा रहे वाहनों के ड्राइवरों से पैसे ऐंठते थे।
यही नहीं, इसमें आरोप लगाया था कि सरकारी कर्मचारियों ने हमीरपुर में खनिजों का अवैध खनन होने दिया। सरकारी अधिकारियों ने आपराधिक साजिश रची। टेंडर प्रक्रिया का पालन नहीं किया। अवैध रूप से नए पट्टे और नवीनीकरण किया। 2012 से 2016 के बीच में अखिलेश यादव यूपी के सीएम में थे। उस वक्त गायत्री प्रजापति खनन मंत्री थे। अवैध खनन सामने आने के बाद उनका विभाग बदल गया था। यह विभाग सीएम के पास आ गया था।
7 दिन पहले हुआ था कांग्रेस-सपा का गठबंधन
21 जनवरी को यानी 7 दिन पहले कांग्रेस और सपा के बीच शीट शेयरिंग फाइनल हुई थी। समझौते के तहत कांग्रेस 17 सीटों पर जबकि सपा 63 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इससे पहले 2017 में दोनों दल विधानसभा चुनाव में साथ आए थे।
सपा प्रवक्ता बोले-ऑफिशियल रूप से नोटिस नहीं मिली है

ये फोटो फखरुल हसन की है। इनका कहना है कि अखिलेश यादव को नोटिस नहीं मिली है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन ने कहा कि मीडिया से जानकारी मिली है कि CBI ने अखिलेश यादव को नोटिस जारी किया है। मगर अभी तक ऑफिशियल रूप से नोटिस नहीं मिली है।











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