रामदेव के दर्शन करने के लिए रामदेवरा जा रहे थे तभी जोधपुर-जैसलमेर हाईवे
पर भयानक एक्सीडेंट हो गया। इस एक्सीडेंट में परिवार के पांचो सदस्य मौत के
मुंह में चले गए। कार के पीछे की सीट पर दादी के साथ दो बच्चे सो रहे थे,
उनके शवों को कार के पुर्जे काटकर निकालना पड़ा। क्या है मामला…
-परिवार
के साथ रामदेवरा दर्शन करने जा रहे इंदौर निवासी एक एमआर की कार
जोधपुर-जैसलमेर हाईवे पर आगोलाई के पास एक टैंकर से जा भिड़ी।
के साथ रामदेवरा दर्शन करने जा रहे इंदौर निवासी एक एमआर की कार
जोधपुर-जैसलमेर हाईवे पर आगोलाई के पास एक टैंकर से जा भिड़ी।
-टक्कर
इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह से पिचक गई। शुक्रवार तड़के हुए इस दर्दनाक
हादसे में एमआर, उनकी मां, पत्नी और दो बच्चों की मौत हो गई।
इतनी भीषण थी कि कार पूरी तरह से पिचक गई। शुक्रवार तड़के हुए इस दर्दनाक
हादसे में एमआर, उनकी मां, पत्नी और दो बच्चों की मौत हो गई।
-प्रारंभिक जांच में पुलिस का कहना है कि कार चालक ने किसी वाहन को ओवरटेक किया, तभी सामने से तेल से भरा टैंकर आ गया।
-इसके बाद तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर टैंकर से जा भिड़ी।
-मृतक गुमाश्ता नगर के कृष्णगोपाल जोशी (39), पत्नी सोनम उर्फ सोनल (35), बेटा मोहक (3) और बेटी भाव्या (7) और मां रतन बाई (70) हैं।
गुमाश्ता नगर में शोक में डूबे रहवासी
-जोशी परिवार के हादसे की खबर जैसे ही गुमाश्ता नगर पहुंची तो उनके घर के आस-पास रहने वाले लोग स्तब्ध रह गए, शोक में डूब गए।
-जोशी परिवार के हादसे की खबर जैसे ही गुमाश्ता नगर पहुंची तो उनके घर के आस-पास रहने वाले लोग स्तब्ध रह गए, शोक में डूब गए।
-पड़ोसी
महिलाएं पूरे परिवार के खत्म होने की खबर सुनते ही फूटकर रो पड़ीं। पड़ोसी
सुरेखा शर्मा ने बताया कि कृष्णगोपाल जोशी और उनकी पत्नी सोनल काफी मिलनसार
थे।
महिलाएं पूरे परिवार के खत्म होने की खबर सुनते ही फूटकर रो पड़ीं। पड़ोसी
सुरेखा शर्मा ने बताया कि कृष्णगोपाल जोशी और उनकी पत्नी सोनल काफी मिलनसार
थे।
-उनके दोनों बच्चे मोहक (3) और भाव्या (7) उन्हीं के घर में
खेलते थे। इंदौर से रवाना होने से पहले भी सोनल बच्चों सहित उनसे मिलकर गई
थी।
खेलते थे। इंदौर से रवाना होने से पहले भी सोनल बच्चों सहित उनसे मिलकर गई
थी।
दादी की गोद में सो रहे थे दोनों बच्चे, वहीं मिले दोनों के शव
-कार कृष्णगोपाल चला रहे थे। पत्नी बगल की सीट पर बैठी थी, जबकि दोनों बच्चे पीछे दादी की गोद में सो रहे थे।
-कार कृष्णगोपाल चला रहे थे। पत्नी बगल की सीट पर बैठी थी, जबकि दोनों बच्चे पीछे दादी की गोद में सो रहे थे।
-हादसे के बाद उनके शव दादी की गोद में ही मिले।
-कटर और क्रेन से कार के पुर्जे काटकर शवों को बाहर निकाला गया।
-कृष्णगोपाल के मोबाइल से कॉल कर इंदौर में उनके पड़ोसी नीतिश शर्मा को हादसे की जानकारी दी गई। पहुंचा, तब उनकी शिनाख्त हो सकी।
-पड़ोसी ने मृतकों के अन्य परिजन को हादसे की जानकारी दी। परिजन जोधपुर के लिए रवाना हो गए।
मामा को भीलवाड़ा छोड़कर रामदेवरा के लिए निकले थे
-मृतक कृष्ण गोपाल के बड़े भाई राजेश जोशी ने बताया कि वे हर साल रामदेवरा दर्शन के लिए जाते थे।
-मृतक कृष्ण गोपाल के बड़े भाई राजेश जोशी ने बताया कि वे हर साल रामदेवरा दर्शन के लिए जाते थे।
-इस
बार राखी पर भिलवाड़ा से मामा इंदौर आए थे। पूरा परिवार उन्हें भिलवाड़ा
छोड़ने के बाद राजस्थान घूमने इंडिका कार से बुधवार को निकला था।
बार राखी पर भिलवाड़ा से मामा इंदौर आए थे। पूरा परिवार उन्हें भिलवाड़ा
छोड़ने के बाद राजस्थान घूमने इंडिका कार से बुधवार को निकला था।
-वे जोधपुर होकर शुक्रवार तड़के रामदेवरा के लिए निकले, तभी हादसा हो गया।
-परिवार
में कृष्ण गोपाल सबसे छोटा भाई था। उससे बड़ी बहन रंजना हैं, जो चित्तौडगढ़
में है। इंदौर आने के बाद उन्होंने भाई के घर का ताला तोड़कर प्रवेश किया।
में कृष्ण गोपाल सबसे छोटा भाई था। उससे बड़ी बहन रंजना हैं, जो चित्तौडगढ़
में है। इंदौर आने के बाद उन्होंने भाई के घर का ताला तोड़कर प्रवेश किया।
-कहा कि इंदौर में काफी मेहनत कर भाई ने ये घर बनाया था, अब यहां कोई नहीं बचा।





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