भोपाल। टीकमगढ़ में कांग्रेस के खेत बचाओ-किसान बचाओआंदोलन में पुलिस द्वारा किसानों को कपड़े उतारकर पीटने के मामले ने तूल
पकड़ लिया है। सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस मामले की जांच के आदेश
दिए गए हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस अनावश्यक रूप से ऐसी परिस्थिति बनाती
है कि कुछ हंगामा हो। इस मामले की जांच डीजीपी करेंगे। सीएम ने जेल
प्रहरियों के दीक्षांत समारोह में हिस्सा लेने के बाद मीडिया से यह बात
कही।
मंगलवार को कांग्रेस ने टीकमगढ़ में किसानों के साथ कलेक्टर
कार्यालय के बाहर घेराव करने की कोशिश की। इस दौरान पुलिस और
प्रदर्शनकारियों में तीखी झड़प के बाद माहौल उग्र हो गया। पुलिस ने सभी पर
जमकर लाठियां चलाई और आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार छोड़कर उन्हें
हटाने का प्रयास किया।
संयुक्त कार्यालय के सामने ही थाना देहात
पुलिस ने दो ट्रैक्टर ट्रालियों में जा रहे किसानों को पकड़कर हवालात में
डाल दिया, बताया गया है कि इन किसानों के पुलिस ने कपड़े उतरवाकर अर्धनग्न
अवस्था में ला दिया। जब इसकी खबर पूर्वमंत्री यादवेंद्र सिंह को लगी तो
उन्होंने थाना पहुंचकर इन किसानों को पुलिस से मुक्त कराया।
कमलनाथ और ज्योतिरादित्य ने की निंदा
किसानों
की पिटाई पर कांग्रेस नेता कमलनाथ सीएम शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधत
हुए ट्वीट किया है। उन्होंने लिखा है ‘किसान पुत्र की सरकार में मंदसौर
कांड के जख्म अभी सूखे नहीं और अब टीकमगढ़ में किसानों पर बर्बरता, शिवराज
के दमन में अंग्रेजों को भी पीछे छोड़ा’।
उधर ज्योतिरादित्य सिंधिया
ने ट्वीट कर कहा कि सरकार लगातार किसानों की आवाज को दबाने की कोशिश कर रही
है। मैं इस कृत्य की कड़ी निंदा कर दोषी अधिकारियों पर सख्त कार्यवाही की
मांग करता हूं। टीकमगढ़ में शांतिपूर्वक आंदोलन कर रहे किसानों को बिना
कपड़ों के पुलिस लॉकअप में बंद करने की शर्मनाक घटना की मैं कड़े शब्दों
में निंदा करता हूं।



