भोपाल। न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी गई उड़द और अरहर
अब मंडियों में बिकेगी। सरकार ने खरीदी एजेंसी राज्य सहकारी विपणन संघ और
राज्य नागरिक आपूर्ति निगम को इसकी छूट देने का फैसला मंगलवार को कृषि
कैबिनेट में किया। वहीं, बैठक में कम बारिश के मद्देनजर रबी फसलों को लेकर
चिंता जताई गई और तय किया गया कि सितंबर में जलाशयों की स्थिति का सर्वे
कराया जाएगा।
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई
कृषि कैबिनेट में बताया गया कि उड़द और अरहर की कीमत बाजार में बढ़ गई है।
न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खरीदी एजेंसियों ने 46 हजार टन उड़द और 66 हजार टन
अरहर खरीदकर रखा है। इसे अब मंडी में बेचा जा सकता है। खरीदी एजेंसियां
रणनीति बनाकर उपज को मंडी में उतारने का फैसला करें। बैठक में अल्पवर्षा की
स्थिति की समीक्षा की गई।
अधिकारियों ने बताया कि कई जिलों में
सामान्य से कम वर्षा हुई है। इसके कारण इल्ली सहित अन्य बीमारियां फसल में
लगने की सूचनाएं मिल रही हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि अफलन की
शिकायतें भी हैं। स्थिति पर नजर रखें। बैठक में यह भी तय किया गया कि
सितंबर में जलाशयों में उपलब्ध पानी की स्थिति का सर्वे कराया जाएगा।
अधिकारियों ने बताया कि मौसम विभाग ने अगले तीन दिन में अच्छी बारिश की
संभावना जताई है।
समर्थन मूल्य पर खरीदी उड़द-अरहर अब सरकारी मंडी में बिकेगी
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