
शिवपुरी। कलेक्ट्रेट में आयोजित जनसुनवाई में डंपर मालिक पहुंचे। उन्होंने बताया कि जैतपुर रेत खदान पर उन्हें जो रॉयल्टी दी जा रही है। वह सादा पर्ची पर दी जा रही है। खदान संचालित करने वाले लोग बंदूक के बल पर औने पौने पैसे उनसे वसूल रहे हैं, जबकि जब शासन द्वारा ई-रॉयल्टी का फरमान सुना दिया है। ई-रॉयल्टी डंपर मालिकों को दी जानी चाहिए। सादा पर्ची वाली रॉयल्टी के चलते पुलिस भी आए दिन उनके डंपरों पर कार्रवाई करती है, जिससे उन्हें नुकसान हो रहा है। उनका कहना है कि ऐसी स्थिति में वह डंपर चलाने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने अपने अपने डंपरों के सेल लेटर शासन के नाम लिखकर साइन पर सीईओ जिला पंचायत को सौंप दिए हैं। डंपर मालिकों का कहना है कि लाखों रुपए खर्च कर काम धंधा करने के लिए उन्होंने डंपर बनाए थे, लेकिन उन डंपरों से इनकम होने की बजाय उल्टा वह कर्ज में डूबते जा रहे हैं। कभी पुलिस कार्रवाई कर लाखों का चालान बना देती है तो कभी माइनिंग विभाग उन पर जुर्माना ठोक देता है, जबकि खदान पर ही उन्हें ई-रॉयल्टी दी जाए, जिससे वह अपने डंपर चला सकें। अपने परिवार का भरण पोषण कर सके। डंपर मालिकों ने बताया कि गजेन्द्र रावत और मनोज रावत व साथियों के द्वारा वाहन चालक व मालिकों से टोकन के नाम पर दो से 5 हजार रुपए लिए जा रहे हैं, जिसकी रसीद तक नहीं दी जा रही है। इसके अलावा पुलिस से डंपर पकड़वाने की धमकी और कार्रवाई करने की धमकी भी दे रहे हैं। इसलिए इन लोगों के विरुद्घ कार्रवाई की जाए।






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