
इंदौर। इन दिनों दुकानदारों ने पांच रुपए का नोट लेना
बंद कर दिया है। इसके पीछे वे कोई ठोस वजह नहीं बता रहे हैं। इस स्थिति का
सामना लोगों को ज्यादातर राजवाड़ा, आड़ा बाजार और गलियों में चल रही किराना
दुकानों के अलावा, पंट्रोल पम्प, रिटेल शॉप पर करना पड़ रहा है। रिजर्व बैंक
ऑफ इंडिया के अधिकारियों की मानें तो नोट का चलन बंद नहीं किया गया है।
अगर कोई नोट लेने से कोई मना करता है तो उसके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई जा
सकती है।
सुदामा नगर निवासी मनोहर देसाई का कहना है कि पिछले दस
दिनों से इस समस्या से जूझना पड़ रहा है। दुकानदार कह रहे हैं कि हमसे कोई
नोट स्वीकार नहीं कर रहा है। थोक बाजार में सिक्के मांगे जा रहे हैं।
संचार नगर निवासी संतोष मिश्रा ने बताया कि कुछ दिन पहले पंट्रोल पंप पर भी
नोट लेने से मना कर दिया था। बाद में 5 रुपए का सिक्का देना पड़ा। आरबीआई
के रीजनल कार्यालय के अधिकारी बताते हैं कि नोट बंद करने को लेकर कोई
नोटिफिकेशन निकाला गया है। करंसी नहीं लेने वालों के खिलाफ आईपीसी एक्ट के
तहत कार्रवाई हो सकती है। अगर बैंक और वित्तीय संस्था नोट लेने से मना करती
है तो इस स्थिति में आरबीआई को शिकायत की जा सकती है।
नहीं है नोट की कमी
नोट
का चलन बंद नहीं किया गया है। पांच रुपए के नए नोट बैंक और मार्केट में
पर्याप्त संख्या में उपलब्ध हैं। अभी तक ऐसी शिकायत बैंक तक नहीं पहुंची
है।
-मुकेश भट्ट, लीड बैंक मैनेजर
पहले दस का सिक्का लेने से किया था इनकार
सालभर
पहले बाजार में दस रुपए का सिक्का लेने से दुकानदारों ने मना कर दिया था।
कारण यह था कि सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में 10 रुपए के सिक्के नकली
होने की बात कही गई थी। इसके बाद कई दिनों तक लोगों को परेशान होना पड़ा था।






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