कोलारस।
नगर में आरके पांडे के ग्वालियर स्थानांतरित होने और नए एसडीएम के रूप में
आर ए प्रजापति ने पदभार संभाल लिया नवांतुक एसडीएम आर ए प्रजापति कि पहली
जनसुनवाई में लोगो की भीड़ उमड़ पड़ी। नवांतुक एसडीएम आर ए प्रजापति ने सभी
की समस्याओ को एक एक कर सरलता से सुना और समझा। साथ ही जिम्मेदार विभाग को
आवेदन कार्यवाही के लिए दिया।
इसके साथ ही कई आवेदको की समस्याओ को तत्काल हल कराने के आदेश दिये।
जनसुनवाई के दौरान लंबे समय बाद सकारात्मकता दिखाई दी। पिछले अधिकारीयो की
जनसुनवाई से लोगो का भरोसा उठ चुका था। बताया जाता है कि पिछली
जनसुनवाई में कई चक्कर लगाने के बाद भी लोगो की समस्याओ का समाधान नही हो
रहा था। न ही अधिकारीयो द्वारा पिछले आवेदनों की समीक्षा की जाती थी।
जनसुनवाई के दौरान लंबे समय बाद सकारात्मकता दिखाई दी। पिछले अधिकारीयो की
जनसुनवाई से लोगो का भरोसा उठ चुका था। बताया जाता है कि पिछली
जनसुनवाई में कई चक्कर लगाने के बाद भी लोगो की समस्याओ का समाधान नही हो
रहा था। न ही अधिकारीयो द्वारा पिछले आवेदनों की समीक्षा की जाती थी।
जनसुनवाई का सबसे अच्छा पहलू यह रहा काफी समय बाद कोलारस जनसुनवाई में सभी
विभागो के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे। अब इसे नए एसडीएम के सामने अपने
अंक बड़ाने कि बात कहे या नए साहब कि हिदायत। अब देखना यह है की नए एसडीएम
लोगो के बीच अपना कैसा बर्चस्व बना पाऐंगे।
विभागो के जिम्मेदार अधिकारी मौजूद रहे। अब इसे नए एसडीएम के सामने अपने
अंक बड़ाने कि बात कहे या नए साहब कि हिदायत। अब देखना यह है की नए एसडीएम
लोगो के बीच अपना कैसा बर्चस्व बना पाऐंगे।
साहब गांव के सचिव ने हड़पी कुटीर की राशि
जनसुनवाई के दौरान में ग्राम पंचायत वसाई हरिसिंह यादव, बलबीर सिंह यादव ने
कोलारस एसडीएम आरए प्रजापति से गुहार लगाई कि उन्हे शासन कि योजना के तहत
कुटीर मंजूर हुई थी। उक्त कुटीर के मंजूर हुई रकम में से हरि सिंह के
12000, बलबीर सिंह के 17000 कि राशी गांव के ही सचिव राजेश त्यागी ने सामान
लाने के लिए ले लिये। लेकिन कोई सामान नही लाकर दिया जिससे कुटीर निर्माण
का कार्य अधूरा पड़ा है। जब सचिव से कुटीर कि राशी कि मांग कि तो उसने कहा
हम ऐसे ही रिश्वत लेते है। इस पर एसडीएम प्रजापति ने तुरंत मामले कि जांच
कर कार्यवाही करने को कहा है।
कोलारस एसडीएम आरए प्रजापति से गुहार लगाई कि उन्हे शासन कि योजना के तहत
कुटीर मंजूर हुई थी। उक्त कुटीर के मंजूर हुई रकम में से हरि सिंह के
12000, बलबीर सिंह के 17000 कि राशी गांव के ही सचिव राजेश त्यागी ने सामान
लाने के लिए ले लिये। लेकिन कोई सामान नही लाकर दिया जिससे कुटीर निर्माण
का कार्य अधूरा पड़ा है। जब सचिव से कुटीर कि राशी कि मांग कि तो उसने कहा
हम ऐसे ही रिश्वत लेते है। इस पर एसडीएम प्रजापति ने तुरंत मामले कि जांच
कर कार्यवाही करने को कहा है।



