बड़ी खबर: लोगों के लिए घातक बने होर्डिंग, मनमाना किराया वसूलने के बाद भी नियमों का नहीं हो रहा पालन

शिवपुरी। शहर के विभिन्न मार्गों पर आप बड़े-बड़े होर्डिंग देख सकते हैं जिन पर संस्थाओं के या फिर अन्य कंपनी के विज्ञापन चस्पा होता है। शहर में सांड पब्लिसिटी सहित अन्य लोगों के पास होर्डिंग का ठेका है। नगर पालिका द्वारा टेंडर के माध्यम से शहर में होर्डिंग लगाने का ठेका दिया जाता है। नगरपालिका से ठेका लेने के बाद यह होर्डिंग संचालकों की मनमानी देखी जा रही है। सूत्रों की मानें तो होर्डिंग संचालकों द्वारा नगरपालिका से निर्धारित दर से तीन से चार गुना अधिक दर वसूली जाती है। बताया तो यहां तक जाता है कि अधिक दर लेने के कारण इनके द्वारा कोई पक्की रसीद भी होर्डिंग लगवाने वाली संस्था या व्यक्ति को नहीं दी जाती है। इसके अलावा होर्डिंग संचालकों द्वारा इनकी कोई देखरेख नहीं की जाती है। आंधी तूफान में यह होर्डिंग सड़क किनारे लटक  रहे हैं और कई लोग इनकी चपेट में आकर घायल भी हो चुके हैं। जानकारों की मानें तो इन होर्डिंग का बकायदा बीमा किया जाना चाहिए जिससे कि यदि कोई राहगीर इनके गिरने से इनकी चपेट में आकर घायल हो जाए तो इस बीमा राशि से उसे राहत दी जा सकती है, लेकिन होर्डिंग संचालकों की मनमानी के चलते उनके द्वारा ऐसा नहीं किया जाता है। शहर के कई हिस्सों में बड़े-बड़े होर्डिंग लटके हुए देखते जा सकते हैं। 

प्रशासन की अनदेखी के चलते मनमानी पर उतारू

प्रशासन द्वारा इन होर्डिंग संचालकों की गतिविधियों पर कोई नजर नहीं रखी जाती यही कारण है कि इनके द्वारा नियमों को दरकिनार किया जाता है। नगरपालिका द्वारा निर्धारित नियमों का पालन भी नहीं किया जाता है।

वसूलते हैं मोटी रकम

यह होर्डिंग संचालक ग्राहकों से निर्धारित दरों से तीन से चार गुना अधिक की राशि वसूलते हैं। ग्राहकों को मजबूरी में इन्हें यह राशि देने होती है, क्योंकि इसके अलावा उनके पास अन्य कोई विकल्प नहीं रहता है।

गिरते होर्डिंग का नहीं कोई रखवाला

होर्डिंग के ठेकेदारों द्वारा शहर के तमाम हिस्सों में गिरते होर्डिंग पर ध्यान नहीं दिया जाता है। ग्राहक से रुपए लेकर उसकी देखरेख की जिम्मेदारी से यह किनारा कर लेते हैं। जब ग्राहक की समयावधि समाप्त होती है तभी इनका ध्यान इस ओर जाता है।