शिवपुरी। सिंध जल आवर्धन योजना में हुए भ्रष्टाचार और घर घर पानी पहुंचाने की मांग को लेकर पब्लिक पार्लियामेंट का जल सत्याग्रह का आंदोलन जारी है। जल सत्याग्रह को अब आमजन का भी समर्थन मिल रहा है। शुक्रवार की शाम 5 वार्ड की प्यासी जनता ने मटके फोड़कर जल क्रांति को अपना समर्थन दिया। वार्ड 29, 30, 32, 33 और 35 की प्यासी जनता ने सिंध के पानी की मांग को लेकर मटके लेकर फिजीकल इलाके में काली माता मंदिर के समीप प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप मटके फोड़े। विरोध प्रदर्शन में महिलाएं बच्चे व पुरुष शामिल थे। महिलाओं का कहना है कि जल क्रांति सत्याग्रह पर बैठे लोगों की प्रशासन सुन नहीं रहा है और न ही मंत्री सुन रहे हैं। सभी झूठे वायदे और आश्वासन दे रहे हैं जबकि योजना में डाली गई घटिया लाइन बार बार फूट रही है और लोगों को पानी तक नहीं मिल पा रहा है। योजना 11 साल बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। महिलाओं का कहना था कि शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। दिन रात कटटी लेकर इधर से उधर घूम रहे हैं तब जाकर दो कटटी पानी मिल रहा है जबकि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को प्यासी आवाम को पानी मुहैया कराना चाहिए। जल सत्याग्रह कर रहे लोगों की बात मंत्री से लेकर नेता तक नहीं सुन रहे हैं जिनके कंधों पर इन योजनाओं को पूरा कराने का जिम्मा है वह जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।जलक्रांति के समर्थन में प्यासी जनता ने फोड़े मटके, जमकर की नारेबाजी

शिवपुरी। सिंध जल आवर्धन योजना में हुए भ्रष्टाचार और घर घर पानी पहुंचाने की मांग को लेकर पब्लिक पार्लियामेंट का जल सत्याग्रह का आंदोलन जारी है। जल सत्याग्रह को अब आमजन का भी समर्थन मिल रहा है। शुक्रवार की शाम 5 वार्ड की प्यासी जनता ने मटके फोड़कर जल क्रांति को अपना समर्थन दिया। वार्ड 29, 30, 32, 33 और 35 की प्यासी जनता ने सिंध के पानी की मांग को लेकर मटके लेकर फिजीकल इलाके में काली माता मंदिर के समीप प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की और विरोध स्वरूप मटके फोड़े। विरोध प्रदर्शन में महिलाएं बच्चे व पुरुष शामिल थे। महिलाओं का कहना है कि जल क्रांति सत्याग्रह पर बैठे लोगों की प्रशासन सुन नहीं रहा है और न ही मंत्री सुन रहे हैं। सभी झूठे वायदे और आश्वासन दे रहे हैं जबकि योजना में डाली गई घटिया लाइन बार बार फूट रही है और लोगों को पानी तक नहीं मिल पा रहा है। योजना 11 साल बीत जाने के बाद भी पूरी नहीं हो सकी है। महिलाओं का कहना था कि शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा हुआ है। दिन रात कटटी लेकर इधर से उधर घूम रहे हैं तब जाकर दो कटटी पानी मिल रहा है जबकि जनप्रतिनिधियों और प्रशासन को प्यासी आवाम को पानी मुहैया कराना चाहिए। जल सत्याग्रह कर रहे लोगों की बात मंत्री से लेकर नेता तक नहीं सुन रहे हैं जिनके कंधों पर इन योजनाओं को पूरा कराने का जिम्मा है वह जिम्मेदार अपना पल्ला झाड़ रहे हैं।


