भोपाल। प्रदेश सरकार अब सुशासन में लापरवाही बर्दाश्त
नहीं करेगी। जिलों में कामकाज में कसावट लाने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय
ने एक दर्जन बिंदुओं पर जिलों के कामों की समीक्षा करने का फैसला किया है।
जिलों की रैकिंग इसी आधार पर तय होगी। इसमें मिलने वाले अंकों के हिसाब से
कलेक्टरों का रिपोर्ट कार्ड बनेगा। इसका खुलासा मुख्यमंत्री शिवराज सिंह
चौहान मंगलवार को सुबह दस बजे से होने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंस में करेंगे।
सूत्रों
के मुताबिक सरकार आगामी विधानसभा चुनाव के मद्देनजर प्रशासनिक कसावट करने
की रणनीति बना चुकी है। इसके मद्देनजर मुख्यमंत्री मंत्रियों और वरिष्ठ
अधिकारियों के साथ बैठक कर अपनी मंशा साफ कर चुके हैं। अब वे मैदानी अफसरों
(कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, मुख्य कार्यपालन अधिकारी और वन मंडल अधिकारी) के
साथ मंगलवार को बैठक करेंगे।
इसमें कलेक्टरों को मुख्यमंत्री अपनी
प्राथमिकताएं बताएंगे। साथ ही यह भी बताया जाएगा कि अब जिलों की रैंकिंग की
जाएगी। ये केंद्र व राज्य की प्रमुख योजनाओं के क्रियान्वयन और लक्ष्य
प्राप्ति के आधार पर तय होगी। इसके हिसाब से कलेक्टरों का रिपोर्ट कार्ड भी
तैयार होगा। हर योजना के मूल्यांकन के लिए एक प्रारूप रहेगा। इसे जिलों को
ऑनलाइन जमा करना होगा।
इन बिंदुओं पर होगा मूल्यांकन
राजस्व
प्रकरणों का निराकरण, आवास योजना और भू-अधिकार पत्रों का वितरण, भष्टाचार
मुक्त प्रशासन के लिए की गई कार्रवाई, कानून व्यवस्था को बनाए रखना, सीएम
हेल्पलाइन, जनसुनवाई, लोकसेवा गारंटी, समाधान ऑनलाइन से जुड़े मामलों का
निराकरण, अनुसूचित जाति-जनजाति के आर्थिक विकास के लिए चलाए कार्यक्रम,
कौशल विकास, रोजगार व स्व-रोजगार को बढ़ावा देना, कृषि आय को दोगुनी करने के
प्रयास, कैशलेस एवं डिजिटल इंडिया को लागू करना, कुपोषण और महिला
सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदम।
सुशासन में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, कलेक्टरों का बनेगा रिपोर्ट कार्ड
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