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अपने माता पिता को भूलकर भी दुखी नहीं होने देना: कु. ज्योति

रानू राजपूत छितीपुर
दिनारा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले गांव छितीपुर में स्थित गौड़  बाबा मंदिर पर पिछले 3 दिन से चल रही श्रीमद् भागवत कथा में कथा व्यास कुमारी ज्योति भारती की कथा प्रवचन सुनने ग्रामीण जन बढ़ चढ़कर हिसा ले रहे हैं कथा व्यास कुमारी ज्योति भारती ने एक दृष्टांत सुनाते हुए परिवार में बेटी के महत्व को समझाया और कहा कि संतान को जन्म देते वक्त एक मां को जितना कष्ट होता है उससे ज्यादा कष्ट एक पिता के दिल को अपनी बेटी को विदा करते वक्त होता है! उन्होंने कहा कि जब बेटी डोली में बैठकर जाती है मुड़कर पिता की ओर देखती है तो पिता को वो दिन याद आते हैं कि जब मैं शाम को घर आता तो बेटी बिना मांगे पानी लेकर आ जाती भूख लगती तो बिना मांगे भोजन की थाली लेकर आ जाती और कहती पिता जी भोजन कर लो अब कल से मुझे कौन पूछेगा बेटी से पिता ससुराल में मिलने जाए और बेटी हंसकर कह दे कि मैं बहुत खुश हूं तो पिता खुशी से फूला नहीं समाता और उसकी उम्र 2 वर्ष और बढ़ जाती है लेकिन यदि बेटी पिता के पहुंचने पर रोने लग जाए तो पिता की उम्र 2 साल कम हो जाती है इसलिए बेटी हुई है जो अपने माता पिता, सास ससुर एवं पति की मान मर्यादा का ध्यान रखें उन्होंने कहा की मेरी तो भगवान से यही प्रार्थना है की हर जन्म में मुझे यही माता-पिता मिले आज मैं जो कुछ भी हूं अपने माता-पिता की वजह से हूं इसलिए भूलकर भी उन्हें दुखी नहीं देखना चाहिए कथा व्यास ज्योति भारती ने कहा की चांद और सूरज भी उनके आगे झुका करते हैं जिनके सिर मां बाप के चरणों में झुकते हैं
छितीपुर मे चल रही भागवत कथा मे मुख्य यजमान श्रीमती भुअन रबि लोधी जी है जिसमें भंडारे का आयोजन 11 तारीख को होगा
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