दिनारा से 15 किलोमीटर दूर स्थित छितीपुर गांव में चल रही श्रीमद् भागवत कथा मैं दतिया से पधारी साध्वी ज्योति जी ने सुदामा चरित सुनाकर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया ज्योति भारती ने कथा सुनाते हुए कहां की गुरु के साथ कपट और मित्र के साथ चोरी करने बाला दरिद्र हो जाता है उन्होंने कहा कि सुदामा ने अपने मित्र कृष्ण की नजर बचाकर गुरु के दिए चने अकेले ही खा लिए जिस कारण हुआ है दारिद्रता को प्राप्त हुए एक दिन सुदामा ने पत्नी को भगवान श्री कृष्ण की दोस्ती के बारे में बताया तो सुदामा की पत्नी ने उन्हें कृष्ण जी के पास जाकर जीवन निर्वाह के लिए कुछ धन लाने को कहा जब सुदामा द्वारकापुरी पहुंचे तो भगवान श्री कृष्ण ने बचपन के मित्र सुदामा की खूब खातिरदारी की ओर सुदामा के प्रेम में मग्न होकर आंसुओं से उनके पैर धो डाले बड़ी संख्या में भक्त प्रतिदिन कथा के साथ-साथ यहां श्री राम महायज्ञ का आयोजन भी हुआ जिस के मुख्य यजमान श्री मती भुअन रवि लोधी दर्जनों यजमानों द्वारा यज्ञ में आहुतियां दी गई यज्ञ को विधि विधान यज्ञाचार्य रामनिवास शर्मा मनी महाराज कुचलौन द्वारा संपन्न कराया गया समापन अवसर पर विशाल भंडारे का आयोजन किया गया जिसमें सभी भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया।






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