
छोटे व्यापारियों के देशव्यापी संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) ने केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली से एक चौंका देने वाला सवाल पूछा है। दरअसल दो शोध रिपोर्ट में यह दावा किया गया है कि करेंसी नोट कई तरह की बीमारियों को न्योता देते हैं। इसी मामले में संगठन ने अरुण जेटली से जवाब मांगा है।
कैट ने पत्र की एक कॉपी स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को भी भेजी है। संगठन का मानना है कि सरकार के अलावा इंडियन मेडिकल एसोसिएशन और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया को आगे आना चाहिए।
दरअसल करेंसी नोट कई तरह के कीटाणुओं के संपर्क में आती है। जिनसे हमेशा बीमारी फैलने का खतरा बना रहता है। इसमें गंभीर बिमारियों से ग्रस्त लोग भी शामिल हैं।
काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च (सीएसआईआर) के अंतर्गत काम करने वाले संस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ जीनोमिक्स एंड इंटिग्रेटिव बायोलॉजी (आईजीआईबी) के शोध में करेंसी नोटों में 78 तरह के बीमारियां फैलाने वाले बैक्टीरिया मिले हैं। वहीं ज्यादातर नोटों में पेट खराब होने, टीबी और अल्सर जैसी बीमारियां फैलाने वाले बैक्टीरिया पाए गए हैं।





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