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गंधवानी सरकारी अस्पताल पर फिर उठे सवाल। मरीज के परिजनों समय पर इलाज न करने का लगाया आरोप।

धार/गंधवानी–  मध्य प्रदेश सरकार  गुड गवर्नेश ओर सुशासन की स्थापना के
लिये नए नए प्रयास कर रही हैं और सभी सरकारी विभागों में इसका कड़ाई से पालन
करने के निर्देश देकर सुशासन की स्थापना करने कह रही है मध्य प्रदेश सरकार
के गुड़ गवर्नेश के सिद्धांत पर गंधवानी विकास खण्ड क्षेत्र में  स्वास्थ्य
विभाग की कार्यप्रणाली  सरकार की मंशा  के ठीक उलट नजर सी आ रही है।जी  हा
इसकी बानगी गंधवानी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में देखने को ओर सुनने
को मिल रही है। गंधवानी के सरकारी अस्पताल में आने वाले मरीज के परिजनों
द्वारा आये दिन अस्पताल प्रबंधन पर सवाल उठाए जा रहे। जी हां गंधवानी के
सरकारी अस्पताल में दिनांक 10.09.2017 को देर रात्रि में आए मरीज के परिजन
ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए बताया कि हम हमारे मरीज कपिल की अचानक
तबियत बिगड़ गई वह दर्द   बुखार और घबराहट से अचानक घबराने लगा और बेहोश
जैसा होने लगा जिसे। हम परिजन तत्काल गंधवानी के सरकारी अस्पताल लेकर पहुचे
जंहा इलाज के लिये कोइ डाक्टर उपलब्ध नही था। हमारा मरीज दर्द बुखार से
तड़प रहा था। हम परेशान हो रहे थे लेकिन इलाज करने के लिए वहाँ कोई चिकित्सक
उपस्थित नही था। मरीज के परिजनों के अनुसार वहा उपस्थित नर्स ने डॉक्टर को
फोन लगाया लेकिन डाक्टर साहब ने दो बार नही उठाया , नर्स ने फिर से फोन
लगाया तो डॉक्टर साहब ने इंजेक्सन लगाने ओर सुबह इलाज करने की बात कही। इस
पर परिजनों ने नर्स को मना करते हुए डॉक्टर साहब को बुलाने को कहा ।
परिजनों के अनुसार मरीज के परिजन डाक्टर को उसके घर भी बुलाने गए लेकिन
हमेशा की तरह डाक्टर साहब नही आए इस तरह  मरीज के परिजनों को परेशान होते
करीब डेढ़ घण्टा बित गया। मरीज के परिजन नर्स के सामने पत्रकारों को बुलाने
का कह कर पत्रकारो को बुलाने पहुचे। मरीज के परिजनों के अनुसार पत्रकारों
के आने की भनक लगते ही डाक्टर साहब की नींद खुल गई और पत्रकारों के आते ही
मरीज को देखने के लिए पहुच गए और मरीज का इलाज किया। मरीज के परिजनों ने
चिकित्सक पर गम्भीर आरोप लगाते हुए बताया कि हम रात में 3 बजे के लगभग
हमारे परिजन को लेकर गंधवानी के सरकारी अस्पताल पहुचे थे लेकिन डाक्टर साहब
के नही होंने के कारण हमारा मरीज और हम करीब डेढ़ घण्टे तक परेशान होते रहे
इस अस्पताल में घोर लापरवाही व्याप्त है इस तरह के कई आरोप मरीज के
परिजनों ने गंधवानी के अस्पताल के चिकित्सक सन्दीप श्रीवास्तव पर लगाए। साथ
ही मरीज के परिजनों  ने आरोप लगाते हुए बताया कि हम 3 बजे के लगभग आये
अस्पताल प्रबन्धन द्वारा जो ओपीडी रजिस्टर में हमारे मरीज की इंट्री की उस
वक्त उन्होंने हमारे मरीज का भर्ती समय नही डाला जिसकी फोटो भी हमने खिंच
रखी है।  मरीजो के परिजनो द्वारा इस तरह के आरोप गंधवानी अस्पताल प्रबंधन
और चिकित्सक पर लगते रहते हैं और शिकायते भी होती रहती है लेकिन आरोप लगने
के बावजूद भी जिम्मेदारों पर कोई कार्यवाही नही होती साथ ही यदि पत्रकारों
द्वारा यहा आने वाले मरीजो के पीड़ितों के हक की लड़ाई लड़ते हुए सच्चाई के
साथ खबर प्रकाशित की जाती है तो जिम्मेदारों द्वारा उन पत्रकारों पर ही कई
तरह के झूठे आरोप मढ़ दिए जाते हैं। वही जब इस मामले को लेकर गंधवानी के
चिकित्सक से सम्पर्क करने की कोशिश की गई तो उनसे संपर्क नही हो पाया।

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