बदरवास इलाके से निकाला गया। यहां 1100 लोगों ने चुनरी को हाथों में थाम
रखा था। यात्रियों का जोरदार स्वागत किया गया। उक्त चुनरी ईशागढ़ तहसील की
ग्राम पंचायत राजगढ़ के सरपंच देवेंद्रसिंह आदिवासी एवं ग्राम पंचायत के
अंतर्गत आने वाले चार गांव के लोगों व महिलाओं ने मिलकर चढ़ाने का संकल्प
लिया। सभी बढ़ चढ़कर माता की चुनरी को अपने हाथों से थामे जयकारे बोलते हुए
मां निहाल देवी को भेंट करने निकले। चुनरी को लेकर सभी बदरवास के गांव सड़
बूड पहुंचे, जहां रात्रि विश्राम किया। उनके भोजन ओर नाश्ते की व्यवस्था
बांसखेड़ा गांव शिक्षक राजकुमार यादव ने की।



