शिवपुरी। मानस भवन में आयोजित जनसुनवाई में आज वार्ड क्रमांक 11 की
पार्र्षद श्रीमती नीलम बघेल अपने पति अनिल बघेल के साथ पहुंची जहां
उन्होंने जनसुनवार्ई में बैठी एडीएम नीतू माथुर को नगर पालिका प्रशासन और
जिला प्रशासन पर असहयोग एवं असुनवार्ई का आरोप लगाते हुए सशर्र्त इस्तीफा
सौंप दिया। उक्त इस्तीफे को एडीएम ने नगर पालिका सीएमओ को परीक्षण कर
प्रस्तुत करने का निर्र्देेश दिया है। श्री बघेल ने कहा कि या तो उनके
वार्ड की समस्याओं का निराकरण किया जाए अथवा इस्तीफा स्वीकार कर उन्हें
दायित्व से मुक्त कर दिया जाए।
पार्षद श्रीमती बघेल ने एडीएम को सौंपे
इस्तीफे में उल्लेख किया है कि वह वार्ड क्रमांक 11 से वर्र्तमान में भाजपा
से पार्षद है वह एक जिम्मेदार महिला पार्षद भी हैं। उनकी पार्षदी का तृतीय
कार्यकाल है। उनका वार्ड इन दिनों मूलभूत समस्याओं, जलापूर्ति, सड़क, नाली
और अतिक्रमण से जूझ रहा है। जिनका निराकरण न तो नगर पालिका प्रशासन कर रहा
है और न ही जिला प्रशासन ऐसी स्थिति से वह काफी परेशान हैं और इस हालात
में उनके समक्ष अपना त्याग पत्र देने के अलावा कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा
है उन्होंने कलेक्टर के नाम सौंपे पत्र में अनुरोध किया है कि उनकी
समस्याओं का निराकरण न होने की स्थिति में यह त्याग पत्र स्वीकार किया
जावे।
पार्र्षद श्रीमती नीलम बघेल अपने पति अनिल बघेल के साथ पहुंची जहां
उन्होंने जनसुनवार्ई में बैठी एडीएम नीतू माथुर को नगर पालिका प्रशासन और
जिला प्रशासन पर असहयोग एवं असुनवार्ई का आरोप लगाते हुए सशर्र्त इस्तीफा
सौंप दिया। उक्त इस्तीफे को एडीएम ने नगर पालिका सीएमओ को परीक्षण कर
प्रस्तुत करने का निर्र्देेश दिया है। श्री बघेल ने कहा कि या तो उनके
वार्ड की समस्याओं का निराकरण किया जाए अथवा इस्तीफा स्वीकार कर उन्हें
दायित्व से मुक्त कर दिया जाए।
पार्षद श्रीमती बघेल ने एडीएम को सौंपे
इस्तीफे में उल्लेख किया है कि वह वार्ड क्रमांक 11 से वर्र्तमान में भाजपा
से पार्षद है वह एक जिम्मेदार महिला पार्षद भी हैं। उनकी पार्षदी का तृतीय
कार्यकाल है। उनका वार्ड इन दिनों मूलभूत समस्याओं, जलापूर्ति, सड़क, नाली
और अतिक्रमण से जूझ रहा है। जिनका निराकरण न तो नगर पालिका प्रशासन कर रहा
है और न ही जिला प्रशासन ऐसी स्थिति से वह काफी परेशान हैं और इस हालात
में उनके समक्ष अपना त्याग पत्र देने के अलावा कोई रास्ता नजर नहीं आ रहा
है उन्होंने कलेक्टर के नाम सौंपे पत्र में अनुरोध किया है कि उनकी
समस्याओं का निराकरण न होने की स्थिति में यह त्याग पत्र स्वीकार किया
जावे।





