भागवत कथा के बीच रशियन डांसर ने लगाए अश्लील ठुमके

russian dancer gwalior 2017919 111712 18 09 2017भागवत कथा के बीच अचानक ‘म्यूजिक बजेगा लाउड तो राधा नाचेगी’ गाना बजने
लगा। किसी को समझ आता, इससे पहले ही अर्धनग्न हालत में रशियन डांसर ने मंच
पर डांस शुरू कर दिया। ऐसा डांस देख कर महिलाएं और वृद्ध शर्मसार हो गए।
श्रोताओं में कुछ वीडियो बनाने में व्यस्त हो गए, जबकि कुछ तो इस फूहड़ता को
देख कार्यक्रम से उठकर ही चले गए। अब कोतवाली थाना पुलिस इस मामले की जांच
कर रही है।
दरअसल कसेराओली में कसरेट पंचायत की गोवर्धन नाथ की
धर्मशाला में 6 दिन से श्रीमद भागवत कथा चल रही है। जिसके आयोजक सराफा
कारोबारी सतीश मारवाड़ी और कथा व्यास दिनेश शास्त्री हैं। रोजाना की तरह
श्रोता रविवार को भी श्रीमद भागवत कथा सुन रहे थे। इसी बीच शाम करीब 5 बजे
अचानक ‘म्यूजिक बजेगा लाउड तो राधा नाचेगी’ गाना बजना शुरू हो गया।
लोग
कुछ समझते इसके पहले ही अर्धनग्न (काले कपड़े पहने) हालत में रशियन डांसरों
ने डांस शुरू कर दिया। धार्मिक आयोजन के दौरान ऐसी फॅहड़ता देख वृद्ध और
महिलाएं काफी असहज स्थिति में आ गए। लोगों ने इसका विरोध तो किया ही साथ ही
कार्यक्रम से उठकर भी चले गए। आयोजकों ने लोगों को रोकने की कोशिश की,
लेकिन लोगों का कहना था कि हम भागवत कथा सुनने आए हैं न कि फूहड़ डांस देखने
के लिए।
धार्मिक भजन पर अर्धनग्न कपड़ों में डांस
भागवत
कथा के दौरान जब इस प्रकार के डांस को लेकर विरोध हुआ तो एक नया प्रयोग
किया गया। जिससे लोगों का आक्रोश अधिक भड़क गया। कृष्ण की वेशभूषा में सजे
युवक के साथ रशियन बैले डांसर ने अर्धनग्न (सफेद कपड़ों) कपड़ों में ‘आज राधा
को श्याम याद आ गया’ गीत पर गरबा और डांस किया। हालांकि इसमें भजन और गरबे
की प्रस्तुति थी, लेकिन डांसर के कपड़ों के कारण फूहड़ता प्रतीत हो रही थी।
वायरल हो गया वीडियो
श्रीमद
भागवत कथा के दौरान फूहड़ डांस का वीडियो सोमवार को सोशल मीडिया पर वायरल
होने के बाद पुलिस भी अलर्ट हो गई। उधर, आयोजक सतीष मारवाड़ी के खिलाफ
हिन्दू संगठनों ने भी मोर्चा खोल दिया है। कोतवाली थाना पुलिस भी मामले की
जांच कर रही है।
आयोजक को बुलाया है
हमने
इस मामले को लेकर सतीश मारवाड़ी को मंगलवार को बुलाया है। मामले की जांच की
जा रही है, यदि किसी प्रकार का आश्लील डांस हुआ है तो कार्रवाई की जाएगी।

 दामोदर दास गुप्ता, टीआई कोतवाली
कोई फूहड़ता नहीं हुई
जो
महिलाएं नृत्य कर रही थीं, वे मथुरा के मंदिर से आईं भक्त थीं, जो भागवत
कथा सुनने आई थीं। किसी प्रकार के रशियन या फूहड़ डांस की प्रस्तुति नहीं
हुई है। हम इस मामले में टीआई से भी बात कर चुके हैं।
-सतीश मारवाड़ी, आयोजक

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