चीन ने डेरा मामले में कसा तंज, कहा- भारत सुलझाए अपने आंतरिक मामले

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नई दिल्‍ली।
अब तक डोकलाम को लेकर लगातार बयान जारी कर रहे चीनी मीडिया अब डेरा मामले
में दखल देने की कोशिश में हैं। चीन के अखबार ग्लोबल टाइम्स ने भारत पर तंज
कसने की कोशिश करते हुए लिखा है कि भारत पहले अपने आंतरिक मामले सुलझा ले।

ग्‍लोबल
टाइम्‍स में छपे लेख में इस बात पर जोर दिया गया है कि भारत पहले अपने
आंतरिक मामलों को सुलझाए। साथ ही यह भी कहा गया है कि कि इस घटना ने भारत
के राजनीतिक हालात को उजागर कर दिया है। लेख में स्‍पष्‍ट रूप से कहा गया
है कि डेरा सच्चा सौदा की लोकप्रियता और ताजा हिंसा ने भारत की राजनीतिक और
सामाजिक समस्या को सबके सामने लाकर रख दिया है।
लेख के जरिए चीन एक
बार फिर अपना पुराना राग भी अलापा है। इसमें भारतीय जवानों को वापस बुलाने
की मांग की गई है। गौरतलब है कि डोकलाम को लेकर पूरे विवाद की शुरुआत तब
हुई, जब चीन ने भारतीय जवानों पर सिक्किम सीमा पार करने और डोकलाम में चल
रहे एक सड़क निर्माण के काम में बाधा डालने का आरोप लगाया। इस विवाद को दो
महीने से ज्‍यादा समय हो गए और चीन लगातार भारत से अपने जवानों को वापस
बुलाने की मांग कर रहा है। आपको यह भी बता दें कि राम रहीम के मामले में आज
उन्‍हें सजा सुनाई जानी है।
राम रहीम का जिक्र करते हुए कही गई हैं ये बातें
–
पिछले कुछ दिनों से भारत हिंसा की आग में जल रहा है। पिछले हफ्ते अपने
साध्वियों के साथ दुष्‍कर्म मामले में एक धार्मिक गुरु को दोषी करार दिए
जाने के बाद 36 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों जख्‍मी हो गए। हरियाणा से
लेकर उत्‍तर प्रदेश, दिल्‍ली में हिंसा फैल गई है।
– मीडिया
रिपोर्टों के मुताबिक, एक सामाजिक कल्‍याण एवं धार्मिक समूह के प्रमुख
गुरमीत राम रहीम सिंह के छह करोड़ समर्थक हैं। इस धर्म गुरु की जबरदस्‍त
लोकप्रियता दर्शाती है कि भारत एक हाथी की तरह फंस गया है, जो परंपरा और
आधुनिकता की मुश्किल से जूझ रहा है।
– भारतीयों ने दुनिया में हमेशा
अपने देश को पवित्रता का गढ़ बताया है, मगर अंधविश्वास और दकियानूसी परंपरा
वाली सोच उसके आधुनिकीकरण में मुश्किल बनी है।
– भारतीय हमेशा
गुरुओं को पूजते रहे हैं। ये स्वयंभू भारत में बड़े-बड़े उद्योगपति भी हैं।
अपने जबरदस्‍त रसूख वाले गुरमीत राम रहीम का खुद का होटल, सिनेमा हॉल और
स्कूल हैं। वह एक फिल्म में खुद को बतौर हीरो भी पेश कर चुका है।
– हम चिंतित हैं कि भारत आंतरिक हिंसा से ध्यान भटकाने के लिए डोकलाम विवाद का इस्तेमाल कर सकता है।
–
राम रहीम की घटना यह भी बताती है कि भारत की जनता देश की पारंपरिक राजनीति
से मायूस है। बड़ी संख्या में ऐसे नाखुश भारतीय गैर-पारंपरिक धार्मिक
गुटों की ओर जा रहे हैं।


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