चेहरा चमकाने का नहीं छोड़ते कोई मौका
शिवपुरी। गत दिवस नगर पालिका परिषद की बैठक में नपाध्यक्ष के साथ अभद्र और अश्लील भाषा का प्रयोग करने वाले ठेकेदार के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने की पुलिस कार्यवाही कराने के लिए नगर पालिका कर्मचारियों ने कार्यालय में ताला डाल कर भारतीय मजदूर संघ से सम्बद्ध नगर पालिका वर्कर्स आर्गेनाइजेशन के बैनर तले पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने पहुंचे। कर्मचारी नगरपालिका के राजस्व निरीक्षक यशपाल सिंह जाट के नेतृत्व में कर्मचारियों ने मांग की कि नपा परिषद में सभापति का अपमान करने वाले ठेकेदार अर्पित शर्मा के खिलाफ धारा 353 की कार्यवाही की जावे। सूत्रों की मानें तो राजस्व निरीक्षक द्वारा नगरपालिका में भी राजनीति की जाती है और उनके द्वारा नपाध्यक्ष के समर्थन की आड़ में आज कर्मचारियों को एकत्रित किया और ज्ञापन देने पहुंचे। बताया तो यहां तक जाता है कि राजस्व निरीक्षक ऐसा कोई मौका नहीं छोड़ते जहां आसानी से अपना चेहरा चमकाया जा सके। ज्ञापन के दौरान भी राजस्व निरीक्षक कर्मचारियों को आगे-आगे नजर आए। जब इस संबंध में उनसे चर्चा की गई तो वे इस बात से किनारा करते नजर आए।
उल्लेखनीय यह है कि मंगलवार को नगर पालिका परिषद की बैठक आयोजित की जा रही थी उसी समय परिषद की कार्यवाही में ठेकेदार अर्पित शर्मा पहुंच गए और उन्होंने वीडियो बनाना शुरू कर दिया। जिस पर नपाध्यक्ष ने आपत्ति दर्ज कराते हुए ठेकेदार को बाहर जाने के लिए कहा इससे आक्रोशित होकर ठेकेदार ने नगर पालिका द्वारा भुगतान न करने की बात करते हुए अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह को अभद्र भाषा एवं अश्लील गालियां देना शुरू कर दी। ठेकेदार के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा एवं सार्वजनिक तौर पर गाली देकर उन्हें बेइज्जत किया गया था। नपाध्यक्ष, उपाध्यक्ष व अन्य कांग्रेसी नेता पार्षद मामला दर्ज कराने के लिए कोतवाली पहुंचे जहां पुलिस ने नपाध्यक्ष की रिपोर्ट नहीं लिखी। रिपोर्ट न लिखने से आक्रोशित नपाध्यक्ष कोतवाली परिसर में ही धरने पर बैठ गए बाद में पुलिस अधीक्षक के हस्तक्षेप के बाद ठेकेदार के खिलाफ धारा 254, 506 के अंतर्गत प्रकरण पंजीबद्ध कर लिया। लेकिन शासकीय कार्य में बाधा डालने की कार्यवाही पुलिस ने ठेकेदार पर नहीं की। ठेकेदार के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने की कार्यवाही को लेकर आज कर्मचारियों ने नगर पालिका कार्यालय में ताला जड़ते हुए कोई काम नहीं किया वे एक रैली के रूप में जिलाधीश को ज्ञापन देने के लिए कार्यालय पहुंचे जहां उन्होंने कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
एसपी के सामने नपा अध्यक्ष नहीं रोक सके आंसूओं को
नगर पालिका परिषद की कार्यवाही के दौरान ठेकेदार अर्पित शर्मा द्वारा सरेआम की गई बेइज्जती की रिपोर्ट लिखाने जब कोतवाली पहुंचे जहां कोतवाली पुलिस ने पहले रिपोर्ट लिखना उचित ही नहीं समझा जिससे व्यथित होकर नपाध्यक्ष और उपाध्यक्ष को कोतवाली परिसर में धरने पर बैठने को मजबूर होना पड़ा इसके उपरांत भी पुलिस द्वारा ठेकेदार के खिलाफ सामान्य सी धारायें लगाकर उन्हें वहां से चलता कर दिया। कोतवाली पुलिस के व्यवहार से दु:खी होकर नगर पालिका अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह व अन्य कांग्रेसी पुलिस अधीक्षक के समक्ष पहुंचे और अपने साथ किए कोतवाली पुलिस के व्यवहार को सुनाते-सुनाते पुलिस अधीक्षक के सामने अपने आंसूओं को नहीं रोक सके। उन्होंने कहा कि उनके आवेदन पर कोतवाली पुलिस ने ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्यवाही करना मुनासिब नहीं समझा।
नपा के 2 बजे के बाद खुले ताले
सुबह 10 बजे से लेकर दोपहर 1 बजे तक नगर पालिका कार्यालय में ताले लगे देखे और नपा में घटना के विरोध में कोई भी कर्मचारियों ने काम नहीं किया। तत्पश्चात सभी सभी नपा कर्मचारियों ने सफाई कर्मचारियों को साथ लेकर दोपहर 1 बजे के बाद सभी लोग एक जुट होकर जिलाधीश के नाम एक ज्ञापन सौंपा जिसमें ठेकेदार के खिलाफ धारा 353 का प्रकरण दर्ज करने की मांग की गई। तब कहीं जाकर नगर पालिका के ताले खुले और काम काज शुरू हो सका।






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