शिवपुरी। नगरपालिका की आज विशेष बैठक में चर्चा होने से पूर्व ही जमकर हंगामा हुआ। जहां भाजपा पार्षद भानु दुबे, अभिषेक शर्मा बट्टे, विधायक प्रतिनिधि डिम्पल जैन ने 22 अगस्त 2017 को आयोजित परिषद की बैठक में अधूरे छोड़े गए बिंदुओं को 21 पार्षदों की सहमति से पास करने को लेकर नपाध्यक्ष और सीएमओ पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रमाणिकता को रूप मेंं परिषद में पार्षदों की उपस्थिति रजिस्टर और नपा द्वारा तैयार किए गए ठहराव की प्रति सदन के समक्ष रखी। जहां पार्षद भावना पाल उस परिषद में अनुपस्थित थीं। जबकि ठहराव में उनके हस्ताक्षर थे। वहीं किरण सेन, अरूण पण्डित और बैजयन्ती शाक्य के भी हस्ताक्षरों में गड़बड़ी थी। जिससे परिषद के अधिकतर पार्षदों ने इसका विरोध किया। जिस पर सीएमओ और अध्यक्ष ने अपना जवाब दिया, लेकिन पार्षद उनके जवाब से संतुष्ट नहीं हुए।
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पार्षद दुबे ने हाथों में पानी की बोतल लेकर सीएमओ पर निकाला गुस्सा
वार्ड क्रमांंक &8 के पार्षद भानु दुबे तो इतने उत्तेजित हो गए कि उन्होंने अपने हाथों में पानी की बोतलें उठा लीं और सीएमओ को धमकी देते हुए कहा कि मुझे Óयादा गुस्सा मत दिलाओं नहीं तो एक एफआईआर अभी हो जाएगी। बाद में अन्य पार्षदों ने शांत कराया और अपनी जगह पर बैठाया। पार्षदों ने नगरपालिका की इस हरकत पर सीएमओ रणवीर कुमार और नपाध्यक्ष को भ्रष्टाचारी और धोखेबाज करार दिया। लगभग आधे घंटे तक चले इस मामले के बाद परिषद के पांच बिंदुओं पर चर्चा हुई।
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सफाईकर्मियों ने नपा पर जताया अविश्वास
परिषद की बैठक में एजेंडे का पहला बिदुं सफाईकर्मियों की मांगों के संबंध में था, लेकिन एक घंटे तक बहस के बाद भी उक्त बिंदु पर सहमति नहीं बनी और बड़ी संख्या में महिला और पुरूष सफाईकर्मी परिषद की बैठक में आ गए जिन्होंने जमकर नपा सीएमओ और अध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह से बहस की। इसके बाद नगरपालिका ने उनकी सारी मांगे मानते हुए प्रोसेडिंग में लिखा गया कि उनके 240 सफाईकर्मी जो वर्ष 2007 से 2016 तक नियमित रूप से काम कर रहे हैं उन्हें संविदा में लेकर उनके नियमितकरण के लिए शासन को प्रस्ताव भेजेंंगे। वहीं शेष सफाईकर्मियों के लिए 9 हजार रूपए वेतन देकर उनके नियमतिकरण के लिए प्रस्ताव कमिश्रर के पास पहुंचा जाएगा। हालांकि सफाईकर्मियों ने नपा प्रशासन को अविश्वास जताते हुए कहा कि जब तक उन्हें कोई ठोस कार्यवाही का आवश्वासन नहीं मिलेगा। तब तक वह डटे रहेंगे और नपा की कोई भी बात नहीं मानेंगे।
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15 मिनट में चार बिंदुओं पर बनी सहमति
उक्त बिंदुओं पर चर्चा के पश्चात शेष सभी चार बिंदुओं पर आम सहमति बन गई। जिनमें शहर में व्याप्त जल समस्या और नवीन फायर बिग्रेड क्रय हेतु 40 लाख की वित्तीय स्वीकृति और ग्वालियर बायपास चौराहे पर स्व. राजमाता विजयाराजे सिंधिया की प्रतिमा स्थापना व ग्वालियर बायपास चौराहे से माधव चौक होते हुए गुना बायपास चौराहे तक का नाम कै. राजमाता विजयाराजे सिंधिया के नाम पर रखे जाने का प्रस्ताव पास हो गया। हालांकि इस बिंदु पर वार्ड क्रमांक &9 के पार्षद श्यामलाल राजे ने आपत्ति जताते हुए कहा कि उक्त चौराहे पर पूर्व में नपा परिषद द्वारा संविधान निर्मिता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थापित करने का निर्णय हो चुका है। इसके बावजूद भी राजमाता सिंधिया की प्रतिमा वहां कैसे स्थापित की जा सकती है। उन्होंने प्रस्ताव रखा कि राजमाता की प्रतिमा गुना बायपास पर लगाई जाए, लेकिन उनके इस प्रस्ताव पर सभी पार्षदों ने आपत्ति जताते हुए कहा कि डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा गुना बायपास पर लगाने के लिए वह सभी तैयार हैं। अपने आपको अलग थलग पड़ता देख पार्षद राजे ने सभी पार्षदों की बात पर सहमति जताते हुए डॉ. भीमराव अंबेडकर प्रतिमा लगाने संबंधी आवेदन नगरपालिका सीएमओ को सौंप दिया। वहीं अंतिम बिंदु पर भी आम सहमति बन गई जिसमें तिकोनिया पार्क में महात्मा फुले एवं सावित्री बाई फुले की प्रतिमा स्थापित करने का प्रस्ताव पास हो गया। आज आयोजित बैठक में नगरपालिका उपाध्यक्ष अनिल शर्मा अन्नी उपस्थित नहीं थे।
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बैठक में तनावपूर्ण स्थिति निर्मित होने पर पुलिस ने संभाला मोर्चा
जैसे ही परिषद कक्ष में नपाध्यक्ष मुन्नालाल कुशवाह और सीएमओ रणवीर कुमार पहुंचे। जहां पार्षदों ने फर्जी हस्ताक्षरों का मामला उठाया जिस पर हंगामा शुरू हो गया। इसी बीच वहां पुलिस भी पहुंच गई और हंगामाई पार्षदों को वहां से हटाकर बैठक में मौजूद अन्य लोगों को बाहर कराया।
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बैठक के बाद पार्षद आकाश शर्मा और सीएमओ के बीच हुआ विवाद
नगरपालिका द्वारा जानकारी न दिए जाने पर पार्षद आकाश शर्मा ने बैठक के बाद सीएमओ को घेर लिया और उन्हें चेंबर तक नहीं जाने दिया। पार्षद की मांग थी कि उनके द्वारा मांगी गई जानकारी उन्हें उपलब्ध कराई जाए। जिस पर सीएमओ न उन्हें उनसे बात न कर अध्यक्ष से बात करने की हिदायत दी और कहा कि नपा एक्ट के तहत वह सीएमओ से जवाब तलब नहीं कर सकते। इस बात को लेकर श्री शर्मा उत्तेजित हो गए और उन्होंने सार्वजनिक रूप से सीएमओ को भला बुरा कहा और दोनों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। पार्षद शर्मा ने सीएमओ का हाथ पकड़कर झकझोर दिया।




