
शिवपुरी। प्रदेश के भू अभिलेश विभाग के अंतर्गत अल्पवेतनभोगी कर्मचारी पटवारी और राजस्व निरीक्षक वर्षों से अपनी लंबित मांगों का निराकरण न होने के चलते मप्र पटवारी संघ एवं राजस्व निरीक्षक संघ के संयुक्त आव्हान पर विगत 10 अप्रैल से अनिश्चितकालीन कमल बंद हड़ताल पर आज दिन बैठे हुए हैं। पटवारियों की कहना है कि मप्र शासन की महत्वपूर्ण योजनाओं को अमलीजामा पहनाने वाले इन कर्मचारियों की समस्याओं की सदैव अनदेखी की जाती रही है। ज्ञापन में मांग की है कि पटवारियों एवं राजस्व निरीक्षकों
यह है पटवारियों के हड़ताल पर बैठने का कारण
1. पटवारी 2008 से आज दिनांक तक 2100 ग्रेड पे पर अटका हुआ है जबकि अन्य संवर्ग के ग्रेड पे बढ़ा दिए गए। पटवारियों की ग्रेड बढ़ाकर 2800 करने की मांग है।
2. पदोन्नति के कोई नियम नहीं-पटवारी अपने पद पर नियुक्त होकर पटवारी पद पर ही सेवानिवृत्त हो जाता है। पटवारी को रा.नि. बनने के लिए भी विभागीय परीक्षा देने होती है जबकि अन्य संवर्ग में भृत्य पद पर नियुक्ति कर्मचारी भी पदोन्नत हो जाता है।
1992 के बाद से आज तक विभागीय परीक्षा नहीं ली गई। 1992 के बाद एक बार सीधे लिपिक से नायब तहसीलदार के पद पर विभागीय परीक्षा से भर दिए गए और पटवारियों का हक छीनकर आज तक विभागीय परीक्षा नहीं ली गई। वर्ष 2008 में पटवारी से नायब तहसीलदार के पदों को भरने हेतु आवेदन आमंत्रित किए गए थे किंतु आज दिनांक तक वह परीक्षा आयोजि नहीं की गई।
बिना संसाधन के हाईटेक पटवारी
वर्तमान परिवेश में पटवारियों से सारे काम डिटिजल टेक्नोलॉजी के माध्यम से कराये जा रहे हैं। जैसे-राजस्व रिकार्ड खसरा, किश्त बंदी, नक्शा का संधारण कम्प्यूटर से करना, राजस्व नकल का कम्प्यूटर से जारी किया जाना, सीमांकन इलेक्ट्रॉनिक मशीन से करना, सभी शासकीय आदेशों को पटवारी के मोबाइल नंबर पर मैसेज से जारी करना आदि। किंतु पटवारियों को न तो कम्प्यूटर उपलब्ध कराये गये और न ही मोबाइल जबकि मुख्यमत्री द्वारा पटवारियों को लेपटॉप उपलब्ध कराये जाने की घोषणा की जा चुकी है जिस पर शासन ने आज तक अमल नहीं किया है, वहीं दूसरी ओर शासन द्वारा स्कूल कॉलेजों में लाखों की संख्या में लेपटॉप एवं स्मार्ट फोन मुफ्त में बांटे जा रहे हैं।






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