
दमोह। बल्ला लेकर नगरपालिका कर्मचारियों को धौंस दिखाने वाले भाजपा युवा मोर्चा उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल जेल की हवा खा रहा है। नगर पालिका के कर्मचारियों की कर्मचारियों की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने आरोपित अग्रवाल के खिलाफ धारा 186 और 506 के तहत मामला दर्ज किया था। जिसके बाद उसे आज सुनवाई के लिए कोर्ट में पेश किया गया। जहां से कोर्ट ने उसे जेल भेज दिया।
इससे पहले मामले को गंभीर मानते हुए दमोह कलेक्टर तरुण राठी ने नगर पालिका सीएमओ कपिल खरे को निर्देश दिए थे कि वह संबंधित आरोपित के खिलाफ कोतवाली में जाकर एफआईआर दर्ज कराएं। उसके बाद सभी नगर पालिका कर्मचारी और सीएमओ कोतवाली पहुंचे, जहां पर आरोपित के खिलाफ धौंस देने की शिकायत पर मामला दर्ज हुआ।
बता दें कि इंदौर में भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय ने निगम अफसर को बैट से पीटा था। ये मामला ठंडा भी नहीं हुआ था कि दमोह से ये तस्वीर सामने आई थी। जहां आरोपित विवेक अग्रवाल बल्ला लेकर लेखाधिकारी को धमकाने पहुंचा था। गुरुवार को ही भाजपा जिला मीडिया प्रभारी मनीष तिवारी ने इससे जुड़ी एक तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल की थी, जिसमें भाजपा विधायक आकाश विजयवर्गीय द्वारा किए गए कृत्य का हवाला देकर एक मैसेज लिखा था कि दमोह भाजपा युमो उपाध्यक्ष भी अपने वार्ड के कार्यों के लिए नगरपालिका कर्मचारियों को बैट के साथ चेतावनी दे रहे हैं। साथ में यह भी लिखा था कि पहले आवेदन, फिर निवेदन और उसके बाद दे-दनादन।
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद नईदुनिया ने इस खबर को प्रकाशित किया था, जिसमें भाजयुमो उपाध्यक्ष विवेक अग्रवाल का वह बयान भी शामिल किया था, जिसमें उन्होंने खुले रूप से कर्मचारियों को चेतावनी दी थी।
शुक्रवार को भी विवेक अग्रवाल फिर से नगरपालिका पहुंचे। उन्होंने बैट भी थाम रखा था, जिसे वह अपने कंधे पर रखकर नगरपालिका कार्यालय में घूमकर कर्मचारियों में भय का माहौल बनाने का प्रयास कर रहे थे। शुक्रवार को इसका वीडियो भी वायरल हुआ, लेकिन नगरपालिका प्रशासन, कर्मचारी और जिला प्रशासन में से किसी ने भी इस हरकत पर कोई एक्शन नहीं लिया था। मगर फिर कलेक्टर हरकत में आए और सीएमओ को इस नेता के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने को कहा। जिसके बाद वो जेल पहुंचा।



