,

बैराड में वर्षो से लंबित कॉलेज की मांग को लेकर विद्यार्थी परिषद ने सौंपा ज्ञापन।
नगर मंत्री ने दी आंदोलन की चेतावनी।



बैराड़

शिवपुरी जिले की पोहरी विधानसभा क्षेत्र के बैराड़ नगर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद इकाई बैराड़ के द्वारा शासकीय महाविद्यालय बनवाने हेतु उच्च शिक्षा मंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन दिया ,साथ ही जल्द कॉलेज शुरू किए जाने की मांग की।

ज्ञापन मैं बताया है कि बैराड एक विराट नगर है इस विषय को गंभीरता से लेकर समाधान करें बैराड़ तहसील क्षेत्र में अभी तक एक भी शासकीय विद्यालय नहीं है जबकि बैराड़ तहसील एक समृद्ध एवं बहुसंख्यक तहसील है मगर बहुसंख्यक तहसील होने के वावजूद भी उसमें कोई भी शासकीय महाविद्यालय नहीं है
जिससे यहां के छात्र-छात्राओं को अनेक समस्याओं का सामना करना पड़ता है छात्र-छात्राओं को शिवपुरी,पोहरी,विजयपुर, ग्वालियर,मुरैना,कोटा राजस्थान एवं अन्य जिलों में अपना अध्ययन करने जाना पड़ता है छात्र-छात्राओं को 100 किलोमीटर दूर से भी अधिक दूरी पर अपना अध्ययन करने के लिए जाना पड़ता है जिससे उनको आर्थिक रूप से भी परेशान होना पड़ता है जबकि बैराड़ एक विराट नगर है जिससे डेढ़ सौ से भी अधिक गांव जुड़े हैं।किंतु इतनी आबादी होने के बावजूद भी इस बैराड़ तहसील में कोई भी शासकीय महाविद्यालय नहीं है जबकि सरकार द्वारा महाविद्यालय बनवाने की घोषणा की जा चुकी है और महाविद्यालय बनाने का वय भी सरकार के पास आ चुका है सरकार द्वारा जो जमीन महाविद्यालय को बनवाने के लिए कालामढ़ के सर्वे नंबर 571/1 में 2 हैक्टेयर भूमि दी गई है और शासकीय कागजों में दर्ज है उस पर भू माफियाओं द्वारा कब्जा कर आएं दिन भवन निर्माण कर अतिक्रमण हो रहा है

अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद बैराड़ के नगर मंत्री राम गणेश रावत ने पत्रकारों से वार्तालाप कर बताया कि सरकार द्वारा जो जमीन महाविद्यालय को बनाने के लिए जो जमीन दी गई है उस पर भू माफियाओं द्वारा कब्जा कर आए दिन भवन निर्माण कर अतिक्रमण हो रहा है। मगर सारी बातें शासन को पता होते हुए भी कोई कार्यवाही नहीं की जा रही। विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने शीघ्र ही कॉलेज नहीं बनाए जाने पर आंदोलन की चेतावनी दी है। ज्ञापन के दौरान बैराड़ के नगर मंत्री रामगणेश रावत, विश्व हिंदू परिषद कार्यकर्ता व पदाधिकारी सैकड़ों की संख्या में कई अन्य छात्र, छात्राएं उपस्थित रहे।

लोकसभा,विधानसभा चुनाव में मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और अन्य बड़े नेताओं द्वारा मंच से बैराड़ में शासकीय महाविद्यालय खोले जाने की घोषणा की थी जो अभी तक इधर में लटकी है जिस कारण बैराड़ तहसील के छात्र-छात्राओं को अन्य शहरों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए लाखों खर्च करने के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने अन्य बड़े महानगरों में जाना पड़ता है बैराड में 10वीं और 12वीं के बाद छात्रों के लिए महाविद्यालयीन शिक्षा उपलब्ध नहीं है जिस कारण छात्र.छात्राएं परेशान हैं। क्योंकि कई छात्र-छात्राओं की पढ़ाई महाविद्यालय ना होने से 12वीं के बाद रह जाती है और कई अर्थ अभाव के कारण बाहर नहीं जा पाते। ऐसे में बैराड़ में महाविद्यालय न होने से परेशानी बढ़ गई है। पोहरी विधानसभा के जनप्रतिनिधियों ने इस घोषणा के बाद कॉलेज को धरातल पर लाने की पहल अभी तक नहीं की।

बैराड़ से धर्मेंद्र शर्मा की रिपोर्ट


संबंधित खबरें