नई दिल्ली

नए प्रस्ताव के मुताबिक, मिनिकॉय आयलैंड में जो एयरफील्ड बनाई जाएगी वहां से सारे ऑपरेशंस को एयरफोर्स लीड करेगी।
लक्षद्वीप-मालदीव विवाद के बीच खबर आ रही है कि भारत सरकार लक्षद्वीप में नया एयरपोर्ट बनाने की तैयारी कर रही है। इसे लक्षद्वीप के मिनिकॉय आइलैंड में बनाया जाएगा, जहां फाइटर जेट्स, मिलिट्री ट्रांसपोर्ट प्लेन और कॉमर्शियल एयरक्राफ्ट ऑपरेट कर सकेंगे। ये जानकारी मंगलवार को न्यूज एजेंसी ANI ने सूत्रों के हवाले से दी।
मिनिकॉय आइलैंड में नई एयरफील्ड बनाने का प्रस्ताव काफी समय पहले सरकार के पास भेजा गया था, लेकिन पिछले हफ्ते पीएम मोदी के लक्षद्वीप दौरे के बाद इस प्रस्ताव को नए सिरे सरकार के सामने पेश किया गया है। फिलहाल लक्षद्वीप में सिर्फ एक हवाई पट्टी है, जो अगाट्टी में स्थित है। यहां पर छोटे एयरक्राफ्ट ही लैंडिंग-टेकऑफ कर पाते हैं।

लक्षद्वीप के अगाट्टी में मौजूद एयरस्ट्रिप पर छोटे विमान ही ऑपरेट होते हैं।
इस एयरफील्ड से सेना के ऑपरेशंस को लीड करेगी एयरफोर्स
लक्षद्वीप में एयरफील्ड बनाने का प्रस्ताव सबसे पहले इंडियन कोस्ट गार्ड ने सरकार के सामने पेश किया था। नए प्रस्ताव के मुताबिक, जो एयरफील्ड बनाई जाएगी वहां से सारे ऑपरेशंस को एयरफोर्स लीड करेगी। इस कदम से न सिर्फ लक्षद्वीप द्वीपसमूह में टूरिज्म को बढ़ावा मिलेगा, बल्कि एयरफील्ड डेवलप होने से अरब महासागर और हिंद महासागर क्षेत्र में भारत को अपनी निगरानी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।
36 द्वीपों का समूह है लक्षद्वीप, यहां मालदीव की ही तरह सफेद रेत
लक्षद्वीप भारत का केंद्र शासित प्रदेश है। ये 36 छोटे-छोटे द्वीपों का समूह है। केरल के कोच्चि से इनकी दूरी करीब 440 किमी है। यहां की कुल आबादी करीब 64 हजार है, जिसमें 96% मुस्लिम हैं। यहां प्रमुख रूप से मलयालम भाषा बोली जाती है।
हर साल करीब 25 हजार पर्यटक लक्षद्वीप घूमने जाते हैं। यहां कावारत्ती आईलैंड, लाइट हाउस, जेटी साइट, मस्जिद, अगाट्टी, कदमत, बंगारम, थिन्नाकारा प्रमुख घूमने की जगह हैं। अगाट्टी हवाई पट्टी तक कोच्चि से जाया जा सकता है। शिप से भी जाया जा सकता है। मालदीव की ही तरह लक्षद्वीप में भी सफेद रेत के बीच हैं।

पीएम मोदी ने 4 जनवरी को अपनी लक्षद्वीप यात्रा की तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थीं। इसके बाद लोग लक्षद्वीप को मालदीव से बेहतर बताने लगे।
भारत-मालदीव के बीच क्यों उठा विवाद
दोनों देशों के बीच तनाव तो तब से चल रहा है, जब 9 सितंबर 2023 को मालदीव के राष्ट्रपति चुनाव में चीन समर्थक मोहम्मद मोइज्जू की जीत हुई। उनके सत्ता में आते ही मालदीव ने ‘इंडिया आउट’ की नीति लागू कर दी। मोइज्जू ने भारत से अपने सैनिकों को वापस बुलाने को कह दिया।
हालिया विवाद इन्हीं सारे विवादों की नींव पर खड़ा है। दरअसल, पीएम मोदी 2 और 3 जनवरी को लक्षद्वीप के दौरे पर थे। जब उन्होंने 4 जनवरी को इस दौरे की तस्वीरें शेयर कीं, तो कई भारतीयों ने लक्षद्वीप को मालदीव से बेहतर बताया और अपील की कि मालदीव की जगह लक्षद्वीप घूमने जाएं। इस पर भारतीय और मालदीव के लोगों के बीच ऑनलाइन बहस शुरू हो गई।
इस बहस में मालदीव सरकार के 3 मंत्री माल्शा शरीफ, मरियम शिउना और अब्दुल्लाह महजूम माजिद भी कूद गए। उन्होंने PM मोदी और भारत के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं। साथ ही भारत की टूरिज्म सेक्टर में फेसेलिटीज को लेकर भी कमेंट्स किए। 7 जनवरी को मालदीव सरकार ने इन्हें सस्पेंड कर दिया गया।

मंत्री मरियम शिउना ने सोशल मीडिया पर पोस्ट में PM मोदी के लिए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।










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