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आदिवासी परिवारों ने कलेक्टर से मांगी मदद: वन विभाग पर आदिवासी परिवारों को उखाड़ फेंकने का आरोप लगाया, बोले स्वीकृत आवास नहीं बनाने दे रहा वन विभाग / Shivpuri News

शिवपुरी: जिले की तहसील करैरा के ग्राम दिदावली में वर्षों से निवास कर रहे आदिवासी परिवारों को वन विभाग की टीम द्वारा जबरन हटाने और उनकी झोपड़ियों में आग लगाने का आरोप लगाया गया है। इसको लेकर पीड़ित आदिवासी परिवार मंगलवार को जनसुनवाई में पहुंचे और कलेक्टर से न्याय की गुहार लगाई।

पीड़ित परिवारों का कहना है कि वे पिछले 20 वर्षों से ग्राम दिदावली में रह रहे हैं और शासन की ओर से उन्हें कुटीर निर्माण की मंजूरी भी मिल चुकी है। इसके बावजूद जब वे अपनी झोपड़ी की जगह पर कुटीर बना रहे थे, तब वन विभाग की टीम आई और जबरन उन्हें वहां से खदेड़ दिया। आदिवासियों का आरोप है कि वनकर्मियों ने उनकी झोपड़ियों में आग लगा दी, गालियां दीं और लाठियां लेकर डराने-धमकाने का प्रयास किया।

जनसुनवाई में पहुंचे आदिवासी परिवारों ने कलेक्टर से मांग की कि उन्हें उसी स्थान पर कुटीर बनाने की अनुमति दी जाए और वन विभाग को निर्देशित किया जाए कि वे अनावश्यक रूप से उन्हें परेशान न करें।