शिवपुरी: बांग्लादेश में संत और हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के विरोध में मध्यप्रदेश के कई जिलों के साथ शिवपुरी में भी सकल हिन्दू समाज ने प्रदर्शन किया। हिंदू समाज के लोगों ने आक्रोश रैली निकालकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा। बता दें कि आज हिंदू समाज के लोग तात्याटोपे समाधि स्थल के पास प्रदर्शन के लिए जुटे थे। यहां से एक रैली के रूप में लोग निकले और माधव चौक पहुंचे। माधव चौक पर ही कलेक्टर रविन्द्र कुमार चौधरी पहुंच गए थे। यहां हिंदू समाज ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के नाम बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ हस्तक्षेप करने की मांग की गई थी।
प्रदर्शन पर बैठे लोगों का कहना था कि भारतवर्ष, जो सहिष्णुता, सांस्कृतिक विविधता, और धार्मिक सौहार्द का प्रतीक है, सदैव अपने पड़ोसी देशों में मानवाधिकारों एवं अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को प्राथमिकता देता आया है। लेकिन बांग्लादेश में इसके विपरीत हिन्दुओं पर अत्याचार किया हैं। पिछले कुछ वर्षों में बांग्लादेश में हिन्दू अल्पसंख्यकों पर जिस प्रकार हिंसा, उत्पीड़न और उनके धार्मिक स्थलों पर हमले बढ़े हैं, वे न केवल उनकी धार्मिक स्वतंत्रता का हनन करते हैं, बल्कि मानवता के मूल सिद्धांतों को भी चुनौती देते हैं।
हाल ही में घटी कुछ घटनाएं
1. रंगपुर (नवंबर 2024): रंगपुर जिले के ऐतिहासिक काली मंदिर पर कट्टरपंथियों द्वारा हमला किया गया, जिसमें न केवल मूर्तियों को खंडित किया गया, बल्कि मंदिर को भी आग के हवाले कर दिया गया।
2. चटगांव (अक्टूबर 2024): एक निर्दोष हिन्दू किशोरी का अपहरण कर उसका जबरन धर्मांतरण करवाया गया, और विरोध करने पर उसकी नृशंस हत्या कर दी गई।
3. कुमिला (सितंबर 2024): दुर्गा पूजा के दौरान पंडाल पर हमला कर देवी की प्रतिमाओं को अपवित्र किया गया और उपस्थित श्रद्धालुओं को घायल किया गया।
4. नरेनगंज (अगस्त 2024): हिन्दू व्यवसायियों की दुकानों को आगजनी का शिकार बनाकर उनके परिवारों को जान से मारने की धमकियां दी गई।
5. सिलहट (जुलाई 2024): एक प्रतिष्ठित हिन्दू पुजारी की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई, जिससे पूरे क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल व्याप्त हो गया।
6. गाजीपुर (जून 2024): हिन्दू परिवारों को उनके घरों से बलपूर्वक बेदखल कर उनकी संपत्तियों पर अवैध कब्जा कर लिया गया।
7. बारीसाल (मई 2024): एक हिन्दू महिला के साथ सामूहिक बलात्कार की घटना घटी, परंतु प्रशासनिक तंत्र ने पीड़ित को न्याय दिलाने में उदासीनता दिखाई।
8. फेनी (अप्रैल 2024): हिन्दू बहुल एक गांव को निशाना बनाकर 50 से अधिक घरों को जला दिया गया, जिससे सैकड़ों लोग विस्थापित हो गए।
9. राजशाही (मार्च 2024): होली उत्सव के दिन कट्टरपंथियों ने हिन्दुओं पर हमला कर कई लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया और उनकी संपत्ति लूट ली।
10. ढाका (फरवरी 2024): ढाका के एक प्रमुख हिन्दू मंदिर पर हमला कर धार्मिक ग्रंथों को अपवित्र किया गया और पुजारियों को हिंसक रूप से मारपीट कर भगा दिया गया।
ये रखी गई मांगे
1. कूटनीतिक हस्तक्षेपः भारत सरकार से निवेदन है कि वह बांग्लादेश सरकार के समक्ष इन घटनाओं पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराए और वहां के हिन्दू समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु आवश्यक कूटनीतिक दबाव डाले।
2. अंतरराष्ट्रीय जागरूकताः संयुक्त राष्ट्र एवं अन्य अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों से इस विषय पर संज्ञान लेने और आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया जाए।
3. मीडिया जागरूकताः इन घटनाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मीडिया में प्रमुखता से प्रकाशित किया जाए, ताकि विश्व समुदाय इस गंभीर समस्या से अवगत हो सके।
4. राहत एवं पुनर्वासः भारत सरकार पीड़ित परिवारों को आर्थिक, कानूनी एवं मानसिक सहायता प्रदान करे तथा उन्हें पुनर्वास हेतु हरसंभव सहायता दी जाए।
सकल हिंदू समाज ने किया प्रदर्शन: बांग्लादेश में हिन्दुओं पर हो रहे अत्याचारों एवं उत्पीड़न के विरोध में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन / Shivpuri News




