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सीएम डॉ. यादव इंदौर में राम मंदिर पहुंचे। सिरपुर में बोले- उज्जैन का अपने आप भला हो जाता है यहाँ के तालाब अच्छे होते है /#मध्यप्रदेश

इंदौर

शुक्रवार 2 फरवरी को वर्ल्ड वेटलैंड डे के अवसर पर सीएम डॉ. मोहन यादव इंदौर के सिरपुर रामसर साइट पर पहुंचे। यहां उन्होंने बैटरी कार से तालाब का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां चल रही अलग-अलग परिजयोनाओं के बारे में जानकारी ली।

सीएम डॉ. यादव ने अपने भाषण में कहा कि इंदौर के तालाब बहुत सुंदर और जीवनदायी हैं। हम नदी, पहाड़ों में ईश्वर का वास मानते हैं। हम पौधों में प्राण हैं यही हमारी धारणा है। हम देश को माता स्वरूप मानते हैं। वसुधैव कुटुम्बकम के मंत्र को फॉलो करते हैं। यदि इंदौर के तालाब अच्छे होते तो उज्जैन का अपने आप भला हो जाता।

रामसर सचिवालय की महासचिव डॉ. मुसोन्दा मुम्बा ने कहा मैं इंदौर आकर बहुत खुश हूं। मैं पहली बार भारत आई हूं। मैं भारत सरकार को 80 रामसर साइट की बधाई देती हूं। रामसर साइट और पर्यावरण की कई बातें दुनिया को भारत से सीखना चाहिए। हमने कल यशवंत सागर भी देखा। यहां हमने देखा कि कैसे उस समय राजवंश ने यशवंत सागर से पीने का पानी सप्लाया किया जा रहा था। यह आश्चर्यजनक है। डॉ. मुम्बा ने नमस्ते से भाषण शुरू किया और धन्यवाद देकर भाषण खत्म किया।

मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सभी को संकल्प लेना होगा कि सरकार ने इस रामसर साइट को बना दिया लेकिन इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हमारी सबकी है। यहां चोरी न हो, यहां ज्यादा से ज्यादा लोग पहुंचें ऐसे प्रयार करना चाहिए।

महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि पिछले दो माह में इसकी खूबसूरती पर बहुत काम किया है। हमने 30 एमएलडी का एक सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट का काम शुरू किया है। यहां इको टूरिज्म शुरू किया जा सकेगा।

केंद्र सरकार के डीजी फॉरेस्ट और स्पेशल सेक्रेटरी जितेंद्रसिंह ने कहा पर्यावरण संरक्षण को लेकर संविधान में विशेष रूप से उल्लेख किया गया है। इससे पहले सीएम यादव और रामसर सचिवालय की महासचिव डॉ. मुसोन्दा मुम्बा ने तालाबों के संरक्षण की मार्गदर्शिका के ब्रोशर का विमोचन किया। इसके बाद देश के सभी रामसर साइट की पुस्तक का विमोचन भी किया।

कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने बताया कि देश में रामसर साइट की संख्या 75 से बढ़कर 80 हो गई है। पूरे देश में रामसर साइट को लेकर जागरुकता बढ़ रही है।

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, पर्यावरण और वन मंत्री नागर सिंह चौहान, पर्यावरण राज्यमंत्री दिलीप अहिरवार भी हैं। कार्यक्रम में देश के सभी राज्य वेटलैंड अथॉरिटी के अधिकारी, साइंटिस्ट्स तथा देश की 80 रामसर साइट्स के प्रबंधक सहित दो से ज्यादा एक्सपर्ट्स भी मौजूद रहे।

सीएम और रामसर सचिवालय की महासिचव डॉ. मुसोन्दा मुम्बा ने ब्रोशर ने शनिवार से शुरू हो रहे पर्यावरण संबंधी फिल्म फेस्टिवल के डिजीटल ब्रोशर का अनावरण किया।

सीएम और रामसर सचिवालय की महासिचव डॉ. मुसोन्दा मुम्बा ने ब्रोशर ने शनिवार से शुरू हो रहे पर्यावरण संबंधी फिल्म फेस्टिवल के डिजीटल ब्रोशर का अनावरण किया।

सिरपुर रामसर साइट से निकलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खातीपुरा स्थित श्री राम मंदिर पहुँचे। यहाँ पर उन्होंने राम दरबार का पूजन अर्चन किया।

सिरपुर रामसर साइट से निकलने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खातीपुरा स्थित श्री राम मंदिर पहुँचे। यहाँ पर उन्होंने राम दरबार का पूजन अर्चन किया।

इसलिए मना रहे ‘वर्ल्ड वेटलैंड डे’

हर साल 2 फरवरी को वर्ल्ड वेटलैंड डे मनाया जाता है। इस दिन 1971 में ईरान के रामसर शहर में तालाबों को बचाने के लिए अंतर्राष्ट्रीय संधि पर हस्ताक्षर किए गए थे। यह दिन तालाबों के प्रति जागृति लाने के उद्देश्य से मनाया जाता है। इस साल की थीम ‘Wetlands and Human Wellbeing’ है। इसका मुख्य उद्देश्य इ तालाबों का संरक्षण और मनुष्यों का कल्याण दोनों का अंतर्संबंध हैं और ये दोनों परस्पर एक दूसरे पर निर्भर हैं।

रामसर साइट पर प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

रामसर साइट पर प्रदर्शनी भी लगाई गई है।

मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर भाजपा के नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने स्वागत किया।

मुख्यमंत्री का एयरपोर्ट पर भाजपा के नगर अध्यक्ष गौरव रणदिवे ने स्वागत किया।

एअरपोर्ट पर विधायक मधु वर्मा, मालिनी गौड़, सावन सोनकर, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व महापौर डॉ. उमा शशि शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

एअरपोर्ट पर विधायक मधु वर्मा, मालिनी गौड़, सावन सोनकर, महापौर पुष्यमित्र भार्गव, पूर्व महापौर डॉ. उमा शशि शर्मा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

लोकसभा की तर्ज पर निगम परिषद सभागृह ‘अटल सदन’

सिरपुर के कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री दोपहर 1.30 बजे नगर निगम जाएंगे। वे वहां निर्माणाधीन नए भवन में बने निगम परिषद सभागृह ‘अटल सदन’ का लोकार्पण करेंगे। खास बात यह कि यह सभा गृह लोकसभा सदन की तर्ज पर बनाया गया है। इसमें 120 लोगों के बैठने की क्षमता है। इसके साथ ही भविष्य में 180 सीटों की क्षमता का किया जा सकता है। इसमें तीन विजिटर्स लॉबी हैं। यह सभागृह डिजिटल सेंट्रलाइज मॉनटरिंग बेस्ड है। इसके बनने से निगम की अब हल साल लाखों रुपयों की बचत होगी। अभी परिषद की बैठकें ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित की जाती रही हैं। इस दौरान एक आयोजन में निगम के करीब 10 लाख रु. खर्च होते हैं। इस तरह सालभर में 50-60 लाख रु. खर्च होते हैं। अब नया सभा गृह बनने से निगम को परेशानी नहीं होगी।


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