नई दिल्ली

निजामुद्दीन दरगाह विजिट के बाद इमैनुअल मैक्राें फ्रांस लौट गए।
2 दिन के राजकीय दौरे पर भारत आए फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रों शुक्रवार (26 जनवरी) की रात दिल्ली स्थित सूफी संत हजरत निजामुद्दीन औलिया की दरगाह पहुंचे। स्वदेश वापसी से पहले उनका भारत में यह आखिरी कार्यक्रम था। मैक्रों यहां रात 9.45 बजे पहुंचे और आधे घंटे से ज्यादा समय तक वहां रहे।
इस दौरान उन्होंने सूफी संत की मजार पर फूल चढ़ाए और कव्वाली सुनी। खादिमों ने मैक्रों की दस्तारबंदी (दुपट्टा ओढ़ाकर सम्मान) भी की। राष्ट्रपति मैक्रों 75वें गणतंत्र दिवस समारोह के मुख्य अतिथि थे।
भारत में सूफी संस्कृति का केंद्र मानी जाने वाली निजामुद्दीन औलिया की दरगाह लगभग 700 साल पुरानी है। यहां निजामुद्दीन औलिया के शिष्य अमीर खुसरो की मजार भी है।
देखिए फ्रांसीसी राष्ट्रपति की दरगाह विजिट से जुड़ी तस्वीरें…

खादिमों ने मैक्रों को सम्मान के तौर पर दुपट्टा ओढ़ाया।

मैक्रों के साथ उनका डेलीगेशन भी दरगाह में मौजूद रहा।

सूफी संत की मजार पर मैक्रों ने चादर और फूल चढ़ाए।

इस दौरान उन्होंने दरगाह के बारे में जानकारी भी हासिल की।
मोदी-मैक्रों ने जयपुर में रोड शो किया था
इससे पहले गुरुवार को मैक्रों ने PM मोदी के साथ जयपुर में रोड शो किया था। डेढ़ किलोमीटर लंबे इस रोड शो के दौरान राष्ट्रपति मैक्रों और PM मोदी ने हवा महल देखा। मोदी-मैक्रों ने जंतर मंतर पर सम्राट यंत्र भी देखा। यह जंतर-मंतर पर सबसे बड़ा यंत्र है। इसकी ऊंचाई 90 फीट है।
रोड शो खत्म करने के बाद दोनों नेताओं ने जयपुर की गलियों में शॉपिंग की थी। इस दौरान मोदी ने मैक्रों को UPI पेमेंट डिजिटल सिस्टम के बारे में जानकारी दी। उन्होंने 500 रुपए में राम मंदिर का मॉडल खरीदा और UPI पेमेंट किया। इसे तुरंत राष्ट्रपति मैक्रों को गिफ्ट कर दिया। इसके बाद दोनों नेताओं ने साथ में चाय पी। इसका पेमेंट राष्ट्रपति मैक्रों ने UPI से किया था।
सैटेलाइट लॉन्च के लिए NSIL और एरियनस्पेस में करार
वहीं, टाटा ग्रुप और फ्रांस की एयरक्राफ्ट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी एयरबस के बीच भी समझौता हुआ। इसके तहत दोनों कंपनी साथ मिलकर भारत में H125 सिंगल इंजन हेलीकॉप्टर बनाएंगी। ये हेलीकाप्टर गुजरात के वडोदरा में मैन्युफैक्चर किए जाएंगे। पहले से ही टाटा और एयरबस मिलकर 40 C295 ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट बना रहीं हैं।
सिंगल इंजन H130 हेलिकॉप्टरों का इस्तेमाल मेडिकल एयरलिफ्ट, सर्विलांस मिशन, VIP ड्यूटीस और साइटसीइंग सर्विसेज के लिए किया जाएगा। विदेश सचिव विनय क्वात्रा ने कहा कि दोनों नेताओं में इस बात पर सहमति बनी कि साल 2026 को भारत-फ्रांस इनोवेशन ईयर के तौर पर मनाया जाएगा।
इसके अलावा डिफेंस स्पेस में भी पार्टनरशिप को लेकर करार हुआ। विदेश सचिव ने बताया कि तीसरा MoU सैटेलाइट लॉन्च में साझेदारी के लिए न्यू स्पेस इंडिया लिमिटेड (NSIL) और फ्रांस के एरियनस्पेस के बीच साइन हुआ।





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