जयपुर

बात जब भक्त और भगवान की हो तो श्री राम और हनुमान जी की छवि सामने आ ही जाती है। कोई भी ग्रंथ उठा लें, इस धरती पर न हनुमान जैसा समर्पित भक्त हुआ, न राम जैसे शरणागत वत्सल भगवान। हनुमान जी तो अजर-अमर देवता हैं, और 22 जनवरी को जब अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण-प्रतिष्ठा हो रही होगी, शायद सबसे अधिक प्रसन्न वे ही होंगे। राम जी की लंका विजय में हनुमान जी की कितनी बड़ी भूमिका थी, यह सब जानते और मानते हैं। इसलिए हनुमान जी को अपने जीवन में उतार लीजिए, आपकी आधी समस्याएं तो आने से पहले ही विदा हो जाएंगीं।
यह बात जीवन प्रबंधन गुरु पं विजयशंकर मेहता ने रविवार को श्री सनातन धर्मसभा आदर्श नगर की ओर से श्रीराम मंदिर अयोध्या प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव अंतर्गत आयोजित कार्यक्रम एक शाम रामभक्त हनुमान के नाम में कही। समिति के महामंत्री अनिल खुराना ने बताया पं मेहता ने अपने व्याख्यान में कहा हनुमानजी परिवार के देवता हैं। परिवार में शांति चाहते हैं तो हनुमानजी को गुरु और हनुमान चालीसा को मंत्र बनाकर जीवन में उतार लीजिए। हनुमान चालीसा कोई साधारण पंक्तियां नहीं, एक महामंत्र है जिसकी हर चौपाई में तुलसी दास जी ने हनुमान जी का शब्दावतार करवाया है। आगे उन्होंने कहा कि पूजा आदत नहीं स्वभाव होना चाहिए हमें आदत से नहीं स्वभाव से कथा सुननी चाहिए। स्वभाव से कथा सुनने से आप केवल कथा ही नहीं सुनेंगे अपितु कथा को जीवन में उतार पाएंगे ।

उन्होंने कहा कि इस मन को अच्छे कार्य अच्छे नहीं लगते ,हनुमान जी शांति के दूत हैं ।हनुमान जी शक्ति और भक्ति के देवता हैं ।हनुमान जी के विशेष गुणों के स्वामी हैं वो विद्वान हैं ,गुणवान हैं ,चतुर हैं और आतुर हैं ।अपने बच्चों को हनुमान जी से जोड़िए और उन्हें खूब शिक्षा दिलवाइए ।कार्यक्रम से जुड़े संजय भसीन और संजय धवन ने पं विजय शंकर मेहता जी का माल्यार्पण कर आशीर्वाद लिया ।
अध्यक्ष हरचरण लेकर ने बताया कि मुख्य आयोजन के तहत सोमवार को सुबह 8 बजे पंचकुंडीय यज्ञ आयोजित होगा ।प्रात: 11 बजे बड़ी स्क्रीन पर अयोध्या से प्रसारित प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के लाइव दर्शन होंगे ,महिला मंडल द्वारा भजन कीर्तन होंगे ,शाम को भव्य दीपमाला सजाई जाएगी, ढोल ताशे गूंजेंगे ।शाम 6.30 बजे पंडित प्रेम प्रकाश दुबे के द्वारा सुंदर काण्ड का पाठ होगा । रात 8 .30 बजे भव्य आतिशबाजी होगी।





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