जयपुर

राम मंदिर को लेकर विरोध करने वालों पर हवामहल विधायक बाल मुकुंदाचार्य ने निशाना साधते हुए- उन्हें रावण काल का विरोधी बताया। वे बोले- रावण काल में राम के विरोधी अब रूप लेकर आए हैं। उन्हें राम मंदिर भी नहीं जाना चाहिए।
दरअसल, गुरुवार को 22 जनवरी को रामलला प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के तहत विश्व हिंदू परिषद की ओर से 1 लाख लड्डुओं के पैकेट अयोध्या भेजे गए हैं। इसे लेकर आदर्श नगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर में कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसमें हवामहल विधायक के साथ राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ क्षेत्रीय प्रचारक माननीय निम्बाराम भी मौजूद थे।
विधायक ने कांग्रेस पर साधा निशान, विरोध करने वालों की तुलना रावण काल से
कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सदस्यों के अयोध्या नहीं जाने के सवाल पर बाल मुकुंदाचार्य बोलें- जो राम के विरोधी रावण के काल में थे । अब वह लोग रूप धर के आ गए है। वह राम जी के विरोधी आज भी है, पहले भी थे… वह कैसे जाएंगे।
राम जी की जिन पर कृपा होगी वही अयोध्या आएंगे। सीधी सी बात है जिन पर राम जी की कृपा नहीं है वह नहीं आ सकते। वह तो रामसेतु को भी तोड़ने वाले थे, जिनको हमारे आंदोलन ने रोका। भारतीय जनता पार्टी, विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल के साथ सभी संगठन और संतों का सबका योगदान रहा तो रामसेतु बच पाया।

जयपुर से अयोध्या के लिए रवाना हुए 1 लाख प्रसादी के पैकेट अयोध्या भेजे गए हैं।
जो रामजी को नहीं मानते उन पर राम की कृपा भी नहीं
बालमुकुंदाचार्य बोले- राम मंदिर नहीं बने उसके लिए खूब प्रयास किया। सारा जोर लगा दिया की राम मंदिर ना बन सके। देश और दुनिया के लोगों की हम राम भक्तों की कामना राम जी ने पूरी की और प्रधान सेवक के रूप में आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आए और भाजपा की सरकार आई। राम मंदिर बनकर तैयार हो गया इसलिए वह राम जी के विरोधी है। वह रामजी को नहीं मानते इसलिए वह राम जी के उत्सव में आना नहीं चाहते। राम जी की कृपा भी नहीं है इसलिए भी नहीं आना चाहिए।
जानकी रसोई के लिए तैयार किए गए प्रसादी के पैकेट
विहिप जयपुर के प्रवक्ता अमितोष पारीक ने बताया एक लाख बूंदी के प्रसादी का पैकेट विहिप की केंद्रीय समिति के सदस्य दामोदर दास मोदी की ओर से सेठ मन्नालाल सूरजमल मोदी ट्रस्ट के माध्यम से रवाना किया जा रहा है। यह प्रसाद अयोध्या की सीता रसोई में आने वाले भक्तों के भोजन में दिया जाएगा।
बताया कि कुछ दिनों पहले जब रामजन्म भूमि के ट्रस्टी चंपत राय जयपुर आए थे। तब उनके भोजन में यह बूंदी परोसी गई थी। यह प्रसाद उन्हें बहुत पसंद आया था इसलिए उन्होंने यह इच्छा जाहिर की थी कि यदि यह प्रसाद हम अयोध्या जी भी भक्तों के लिए मंगवा सके तो जयपुर के इस प्रसाद से लाखों लोगों का मुंह मीठा किया जा सकेगा। ऐसे में यह प्रसाद के एक लाख पैकेट ट्रक में पैक कर रवाना किया गया है। उन्होंने बताया कि विश्व हिंदू परिषद और अन्य हमारे सभी सामाजिक संगठन के तत्वाधान में भगवान की सेवा में मां जानकी जी की रसोई में प्रसादी हेतु भेजा जा रहा है।





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