सवाई माधोपुर

थानापति महंत बलराम महाराज को लाॅरेंस गैंग का गुर्गा बनकर फिरौती मांगने के मामले में निजी सचिव समेत 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया गया है।
महाकाल मन्दिर उज्जैन के थानापति महंत बलराम महाराज को लॉरेंस गैंग का गुर्गा बनकर 20 करोड़ रुपए की फिरौती मांगने के मामले में सनसनीखेज खुलासा किया है। सवाई माधोपुर की जिला पुलिस ने इस मामले में महंत के ही निजी सचिव समेत 7 बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
आश्रम में भजन करते समय आया था कॉल
मामले को लेकर SP हर्षवर्धन अगरवाला ने प्रेस वार्ता कर केस का खुलासा किया है। महाकाल मन्दिर उज्जैन के थानापति महंत बलराम महाराज पुत्र प्रह्ला निवासी पादड़ी तोपखाना थाना सवाई माधोपुर ने 29 दिसम्बर को एक रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसमे बताया था दोपहर करीब 2 बजे वह अपने आश्रम में भजन कर रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात मोबाइल नम्बर 7024679192 से उनके पास कॉल आया और धमकी दी कि लॉरेंस विश्नोई का भांजा बोल रहा हूं। तीन दिन के अंदर 20 करोड़ की व्यवस्था कर देना नहीं तो शरीर को बंदूक की गोलियों से छलनी कर दूंगा।
गिरफ्तारी के लिए किया टीम का गठन
SP अगरवाला ने बताया कि मामला कुख्यात गैंगस्टर से जुड़ा होने और प्रतिष्ठित धार्मिक स्थल के थानापति बलराम महाराज के पैतृक जन्म स्थान पादड़ी तोपखाना आश्रम से संबंधित था। इसकी गंभीरता को देखते हुए ASP हिमांशु शर्मा के निकटतम सुपरविजन में सवाई माधोपुर के साइबर टीम सहित चुनिंदा पुलिस कर्मियों की एक टीम गठित की गई। जिसमे सीओ ग्रामीण अनिल डोरिया और खंडार थानाधिकारी दिनेश चंद बैरवा भी शामिल रहे।
तकनीकी एविडेंस से आरोपी तक पहुंची पुलिस
साइबर टीम की ओर तकनीकी और मानवीय आसूचना के आधार पर एविडेंस इकठ्ठा किए गए। एविडेंस की पड़ताल पर सामने आया कि धमकी में उपयोग में संदिग्ध मोबाइल नम्बर का उपयोगकर्ता सुनील कुमार उर्फ सन्नी पुत्र रमेश चन्द राजपूत निवासी बगदरी जिला श्योपुर है। पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर टोंक, जयपुर, कोटा, आगरा, मुरैना, श्योपुर और दिल्ली टीमें भेजी। इसके बाद पुलिस ने सन्नी को दिल्ली से डिटेन किया। सन्नी को गिरफ्तार करने के बाद उससे पूछताछ की और अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सार्थक प्रयास किए। जिसके बाद पुलिस अन्य 6 आरोपी तक भी पहुंच गई।

SP हर्षवर्धन अगरवाला ने प्रेस वार्ता कर वारदात का खुलासा किया ।
पीएस ही निकला मास्टर माइंड
इस दौरान अस्थाई रूप से अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी भी पुलिस द्वारा तैनात किए गए थे। पुलिस ने जब मामले का खुलासा किया तो आश्चर्यजनक पहलू सामने आए। महाराज का निजी सचिव ही घटना का सूत्रधार निकला। महाराज का निजी सहायक रामलखन गुर्जर ही मुख्य षड्यंत्र कर्ता के रूप में शामिल रहा है। यह निजी सचिव के रूप में महाराज के पास काम करता था। इस कारण उसे महाराज बलराम कृष्ण के पास नकदी होने की सूचना थी। इसके चलते उसमे सन्नी से फोन करवा कर वारदात को अंजाम दिया।
सात लोगों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने आरोपी सुनील कुमार राजपूत, राम लखन गुर्जर, नरेश लोहार निवासी श्योपुर, धरमू निवासी पादरी तोपखाना खंडार, प्रदीप सिकरवार निवासी मुरैना मध्य प्रदेश, विजेंद्र निवासी गोवर्धनपुरा नांता कोटा और उमेश पाठक निवासी खण्डार शामिल है। इनमें रामलखन गुर्जर ही मुख्य षड्यंत्र कर्ता के रूप में शामिल रहा है। यह निजी सचिव के रूप में महाराज के पास कार्य करता था।





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