इंदौर

मृतक प्राची नामदेव। इनकी हत्या पति ने ही की थी।
घटना वाले दिन मैं अपना पैलेस धार रोड पर विवाह में वीडियो शूटिंग कर रहा था और मुझे घटना की जानकारी दूसरे दिन दोपहर में मिली थी। जब थाने गया तो थाना प्रभारी ने बैठा लिया और मेरे खिलाफ केस दर्ज कर झूठा फंसा दिया है।
ये बयान चाकू से गोद कर पत्नी की हत्या करने वाले पति गोविंद उर्फ अंतिम नामदेव का है, जो उसने कोर्ट में दिया। हत्या करने के बाद भी वो खुद को निर्दोष ही बताता रहा और ये साबित करना चाहता था कि उसने हत्या नहीं की है। लेकिन अपने बचाव में आरोपी पति कोई सबूत कोर्ट में पेश नहीं कर पाया और उसका झूठ पकड़ा गया।
6 साल पुराने मामले में कोर्ट में 24 गवाह पेश हुए। आखिरकार कोर्ट ने आरोपी गोविंद को धारा 302 में उम्र कैद की सजा सुनाई और 10 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
पहले जान लीजिए मामला क्या है
घटना साल 2017 के जुलाई महीने की है। एरोड्रम इलाके के अशोक नगर में गोविंद उर्फ अंतिम नामदेव पत्नी प्राची के साथ किराए से रहता था। एक साल पहले जुलाई 2016 में दोनों की शादी हुई थी। 12 जुलाई 2017 की रात करीब 2 बजे गोविंद और प्राची के बीच झगड़ा हुआ।
आवाज सुन मकान मालिक आनंद सोनी ऊपर की मंजिल पर गए और खिड़की में से झांक कर देखा तो गोविंद पत्नी प्राची के सीने पर बैठा था और चाकू से प्राची के शरीर पर वार कर रहा था। प्राची नीचे पड़ी थी। आनंद जोर से चिल्लाया तो गोविंद दरवाजा खोल कर वहां से भाग गया।
सूचना मिलने पर पुलिस की टीम तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने बाद में आरोपी गोविंद को गिरफ्तार कर मामले की जांच की और कोर्ट में चालान पेश किया।
ऐसा था क्राइम सीन, सिर्फ अंडरवियर पहन रखी थी
कमरे के गेट के पीछे खून के धब्बे थे। बीचों बीच महिला का शव बिस्तर पर पड़ा था। आधा भाग गद्दे पर और आधा भाग नीचे फर्श पर था। महिला के शरीर पर पर्पल कलर का कुर्ता और अंडरवियर थी। चारों तरफ कमरे में खून के धब्बे थे।
शव से तीन फीट की दूरी पर चाकू का प्लास्टिक का हत्था पड़ा था। वहीं जिला अस्पताल के डॉक्टर भरत वाजपेयी ने अपनी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बताया कि प्राची की मौत शरीर पर 7 जगह घोपे गए चाकू की चोटों से खून बहने के कारण हुई है।
दाहिने गाल, नाभी के ऊपर कटा हुआ घाव, हाथ पर दो घाव, दाहिनी कलाई और हथेली पर घाव, सीने पर चाकू का घाव, लिवर की बाई तरफ गहरा घाव, कंठ पर घाव जिससे सांस नली कटी हुई थी।
माता-पिता बोले जब भी प्राची भोपाल आती तो कहती गोविंद परेशान करता है
कोर्ट में मृतका प्राची के माता-पिता ने अपने बयान में कहा कि प्राची जब भी शादी के बाद भोपाल आती थी तो बताती थी कि गोविंद कोई काम नहीं करता है। पिता से पैसे लाने के लिए कहता रहता है, परेशान करता है। फोन पर भी प्राची कहती थी कि आरोपी दहेज में पैसे मांग रहा था।
रुपयों को लेकर पति-पत्नी के बीच झगड़ा होता रहता था। प्राची की बहन विनी ने बयान में कहा कि एक स्कूल में पढ़ाने का काम करती थी। वो प्राची से मिलने उसके घर आती-जाती रहती थी। पति गोविंद उसे मायके से पैसे लाने के लिए परेशान करता था।
घटना वाले दिन शाम को 7 बजे भी वो प्राची से मिली थी, तो उसने बताया था कि पति गोविंद से उसकी लड़ाई चल रही है और वो उससे बात नहीं कर रही है। पति गोविंद उसे बहुत परेशान कर रहा है। हालांकि कोर्ट ने माना कि घटना के पहले आरोपी ने किसी प्रकार की दहेज की कोई मांग नहीं की थी।
दहेज के लिए पत्नी प्राची को प्रताड़ित करना साबित नहीं हुआ है। आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने की वजह से रुपए की मांग करने की संभावना है।

कोर्ट में बयान देते हुए मकान मालिक आनंद सोनी मुकर गया। उसने कोर्ट को बताया कि उसे पता नहीं है कि गोविंद और उसकी पत्नी के बीच क्या हुआ था। घटना के समय वो घर पर मौजूद नहीं था। रतलाम गया हुआ था। सुबह 8-9 बजे घर आया तो भीड़ लगी थी।
घर वालों ने बताया कि गोविंद की पत्नी ऊपर मृत पड़ी है। पुलिस वाले उसे थाने ले गए थे और दस्तावेजों पर उससे साइन करवाई थी।बता दें कि मकान मालिक आनंद ही इस केस में मुख्य और चश्मदीद गवाह था, क्योंकि पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि आनंद ने खिड़की से गोविंद को पत्नी प्राची की हत्या करते हुए देखा है।
घटना के समय घर पर नहीं होने के संबंध में कोई सबूत नहीं दे सका पति
आरोपी पति घटना के समय घर पर नहीं होने के संबंध में कोई सबूत भी पेश नहीं कर सका। जब वो थाने पहुंचा तो उसने कपड़े बदल लिए थे। बाद में उसकी निशानदेही पर पुलिस ने हत्या के दौरान पहने कपड़े (जींस-टी शर्ट) और मर्डर वेपन (चाकू) भी जब्त किया, जिसे उसने पत्नी की हत्या के बाद पलंग के नीचे छुपा दिया था। इससे पहले पुलिस ने चाकू का हत्था ही मौके से जब्त किया था।










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