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बहुचर्चित चायना शर्मा हत्याकांड का पुलिस ने किया खुलासा, लूट के उद्देश्य की गई थी महिला की हत्या, 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार / Shivpuri News

शिवपुरी: आज तीन माह पहले बैराड में दिन दहाडे घर में घुसकर चायना शर्मा के घर में लूट और उसके बाद हत्या के बडे पैचीदे मामले को पोहरी एसडीओपी और उनकी टीम ने खुलासा करने में सफलता हासिल की है। इस हत्याकाण्ड में पुलिस ने 6 आरोपीयों को गिरफ्तार किया है। इस घटना के दो आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस अब इस आरोपीयों की तलाश कर रही है।


जानकारी के अनुसार बीते 10 अक्टूबर 2023 को दोपहर में घर में न्यौता देने की कहकर आए आरोपीयों ने दिन दहाडे एक चायना शर्मा की हत्या कर दी थी। इस मामले में पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपीयों की तलाश शुरू की। परंतु आरोपीयों ने इस बारदात को इतनी सफाई से अंजाम दिया कि पुलिस भी इन आरोपीयों तक नहीं पहुंच पा रही थी। जिसके चलते परिजनों में भी आक्रोश देखने को मिल रहा था।

इस मामले को लेकर मृतिका चायना शर्मा के पति अजय शर्मा और परिजनों ने पुलिस की कार्यप्रणाली से नाखुश होकर थाने के बाहर भूख हडताल की थी। इस भूख हडताल के बाद पुलिस ने परिजनों को 15 दिन में हत्याकाड का खुलासा करने का आश्वासन दिया और पुलिस ने इस मामले का आज खुलासा कर दिया है।

बताया जा रहा है कि इस हत्याकाण्ड का मास्टरमाईड हेंमत शर्मा उम्र 16 साल निवासी गुरीच्क्षा थाना गोवर्धन है तो कि मृतिका के घर के पास में ही किराए का कमरा लेकर पढाई करता था। समाज का होने के नाते आरोपी का चायना शर्मा के घर आना जाना था। साथ ही मृतिका के बच्चों से आरोपी ने दोस्ती कर रखी थी। जिसके चलते आरोपी को पता था कि घर में जेवरात और अन्य सामान कहा रखा रहता है।


जिसके चलते आरोपी ने अपने रूम पार्टनर महेन्द्र तोमर निवासी गुरीक्षा के साथ मिलकर रैकी की और इस बारदात की पटकथा लिखी। दोनों आरोपीयों ने इस मामले में अपने मामा पवन शर्मा उर्फ बंडा निवासी धतूरा जो कि बैराड थाना क्षेत्र का हिस्ट्रीशीटर बदमाश है को पूरी प्लानिंग बताई। उसके बाद आरोपी अपने साथी मोनू उर्फ दीपक तोमर निवासी गुरीक्षा,भरत तोमर निवासी गुरिछा जो पहले भी लूट और हत्या के मामले में गोवर्धन थाना क्षेत्र में आरोपी है ने अपने साथी भरत तोमर निवासी गुरिछा,.कल्याण उर्फ कल्ला रावत निवासी वीलवरा माता बैराड़,आरोपी बृजमोहन उर्फ खन्ना परिहार निवासी हर्रई थाना गोवर्धन,शुभम तोमर निवासी के साथ मिलकर इस घटना को अंजाम दिया है।

बताया जा रहा है कि यह आरोपीयों में से दो आरोपी घर में घुसे थे और मृतिका को कहा कि वह ऐंचवाडा से पटा का न्यौता देने आए है। जहां आरोपी घर में घुसे। जिसमें से एक आरोपी को मृतिका ने पहचान लिया। जिसके चलते आरोपीयों ने उसकी गला दबाकर हत्या कर घर में रखे सोने चांदी के जेवर लूटकर ले गए। इस मामले में परिजनों ने पहले स्मैक के नशेलचीयों में हत्या का संदेह जाहिर किया था।

एसडीओपी सुजीत भदौरिया ने प्रेस वर्ता करते हुए बताया है कि परिजनों ने इस मामले को लेकर स्मैकचीयों पर संदेह बताया उससे पुलिस को परेशानी हुई थी। जिसके चलते पुलिस ने अपनी पूरी उर्जा स्मैकचीयों पर खर्च कर दी। जिसके चलते पुलिस इनके पास नहीं पहुंच पा रही थी। तभी पुलिस को जब सफलता हाथ नहीं लगी तो पुलिस ने इस मामले में आदतन अपराधियों को तलाश किया। जहां कडी जोडी तो कडी जुडती चली गई और पुलिस ने इस मामले बैराड थाना प्रभारी नवीन यादव और उनकी टीम के साथ मिलकर 6 आरोपीयों को गिरफ्तार कर लिया है।

मामले का खुलासा करने पति के साथ भूख हडताल पर बैठे थे आरोपी
इस मामले में सबसे अहम बात यह है कि उक्त आरोपी इतने शातिर थे कि किसी को उनपर शक नहीं हो जिसके चलते यह आरोपी मृतिका के पति के साथ भूख हडताल पर बैठे थे। जिसके चलते इनपर किसी ने संदेह नहीं किया।

गिरमानी के तालाब में फैंक दिया था लूटा हुआ मोबाईल
इस मामले में एसडीओपी सुजीत भदौरिया ने बताया है कि पुलिस ने जब इन आरोपीयों से पूछताछ की तो आरोपीयों ने बताया है कि उन्हें डर था कि इस मामले का अगर खुलासा होगा तो मोबाईल सबसे बडी समस्या बनेगा। जिसके चलते आरोपीयों ने बडे शातिर तरीके से पहले मोबाईल को तोडा और उसके बाद इसे गिरमानी के तालाब में फैक दिया। जहां पुलिस ने इन आरोपीयों की निशानदेही पर तालाब से मोबाईल भी बरामद कर लिया है।

लूटे गए सोने को ग्वालियर में गोल्ड लोन में गिरवी रखकर पैसे बांट लिए
थाना प्रभारी नवीन यादव ने बताया है कि यह आरोपी इतने शातिर थे कि इन्होंने लूटे गए माल को बेचने में रिश्क नहीं लिया। उन्हें डर था कि इस माल को बेचने में यह पकडे जा सकते है। जिसके चलते आरोपी ग्वालियर गए और उन्होंने वहां गोल्ड लोन में इस सोने को 4 लाख 70 हजार रूपए में गिरवी रखा और फिर इस पैसे को लेकर आपस में बांट लिया।

सीसीटीव्ही से बचने के लिए चुना बैराड गांव का रास्ता
इस मामले में पुलिस ने बताया है कि आरोपी इतने शातिर थे कि उन्हें यह पता था कि सीसीटीव्ही से वह पकडे जा सकते है। जिसके चलते आरोपीयों ने इस मामले में सीसीटीव्ही से बचने के लिए बैराड गांव का रास्ता चुना।

पुलिस ने आरोपीयों से यह माल किया जप्त
पुलिस ने प्रेस बार्ता करते हुए बताया है कि इस मामले में पुलिस ने आरोपीयों की निशानदेही पर रेडमी कंपनी का मोबाईल तालाब से जेसीबी से खोदकर जप्त किया। साथ ही पुलिस ने इस आरोपीयों से 1 लाख 9 रूपए के जेबरात,20 हजार रूपए नगद,घटना में प्रयुक्त की गई टाटा की मांजा कार क्रमांक एमपी 07 एमएम 8888 सहित,दो देशी कट्टा और दो जिंदा राउण्ड जप्त किए गए है।

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