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ड्राइवरों की हड़ताल MP में,किराना से दूध तक सप्लाई प्रभावित: स्कूल बसें भी नहीं चलीं; पुलिस के पहरे में खंडवा भेज रहे पेट्रोल-डीजल इंदौर से /MP NEWS

भोपाल

मध्यप्रदेश में दूसरे दिन मंगलवार को ट्रक-बस ड्राइवर्स की हड़ताल का असर जरूरी सेवाओं पर दिख रहा है। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर सहित अन्य जिलों में दूध से लेकर सब्जी और किराना सप्लाई कम हुई। स्कूल-कॉलेज बसें बंद रहने से स्टूडेंट्स और पेरेंट्स परेशान हुए। कई स्कूलों में छुट्‌टी घोषित कर दी गई। कुछ स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस लगी हैं। यात्री बसें बंद होने से लोग परेशान हो रहे हैं। उमरिया में प्रशासन ने वाहन चालकों को पेट्रोल-डीजल देने की लिमिट तय कर दी है। इंदौर से पुलिस के पहरे में पेट्रोल-डीजल खंडवा भेजा जा रहा है। कई जगह सब्जी और अनाज मंडियां बंद हैं।

ड्राइवर उस हिट एंड रन से जुड़े कानून का विरोध कर रहे हैं, जिसमें 10 साल की सजा और 7 लाख रुपए जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

भोपाल के नादरा बस स्टैंड पर ये हाल है। यहां बसों का संचालन बंद है।

भोपाल के नादरा बस स्टैंड पर ये हाल है। यहां बसों का संचालन बंद है।

इंदौर : पुलिस के पहरे में खंडवा भेजा जा रहा 17 टैंकर डीजल-पेट्रोल
खंडवा में चेम्बर ऑफ कॉमर्स एवं पेट्रोलियम एसोसिएशन ने सोमवार रात सांसद, कलेक्टर और एसपी को पेट्रोल-डीजल की किल्लत से अवगत कराया था। उन्होंने बताया कि ड्राइवरों की हड़ताल अभी नहीं थमेगी। जिसके बाद खंडवा से 17 खाली गाड़ियां इंदौर के मांगलिया डिपो भेजी गई। मंगलवार सुबह सभी गाड़ियां पुलिस बल के संरक्षण में खंडवा के लिए रवाना हो गई हैं।

जबलपुर: ड्राइवर बोले- बस मालिक घर आकर धमका रहे
जबलपुर में ड्राइवरों का आरोप है कि बस मालिक अफवाह फैला रहे हैं कि आज से हड़ताल खत्म हो गई है, जबकि ऐसा कुछ नहीं है। बस मालिक घर-घर जाकर ड्राइवरों को धमका रहे हैं कि तुम्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा। सोमवार को बस मालिकों ने बैठक करके निर्णय लिया कि मंगलवार से बसें चलेंगी, पर कोई भी ड्राइवर बस चलाने को तैयार नहीं है। आज भी कोई बस आईएसबीटी से नहीं निकली।

नर्मदापुरम में पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया है। ऐसे में यहां बैरिकेड लगा दिए गए हैं।

नर्मदापुरम में पंपों पर पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया है। ऐसे में यहां बैरिकेड लगा दिए गए हैं।

पढ़िए, आपसे जुड़ी कौन सी सेवाएं होंगी प्रभावित और हड़ताल का क्या असर रहेगा..

चार्टर्ड बस, सिटी और सूत्र बसें नहीं चलेंगी
भोपाल में सिटी बसें मंगलवार को भी बंद हैं। बीसीएलएल के प्रवक्ता संजय सोनी ने बताया कि सूत्र सेवा, चार्टर्ड और रेड बसों की ड्यूटी मंगलवार को लगाई है। ड्राइवर्स ने फिलहाल आने की बात पर जवाब नहीं दिया है। ऑपरेटर्स लगातार उनसे संपर्क में हैं। नाम नहीं बताने की शर्त पर निजी बस ऑपरेटर्स ने बताया कि मंगलवार को भी ड्राइवर्स ने आने से इनकार किया है। इसी तरह जबलपुर और ग्वालियर में भी चार्टर्ड समेत सभी बसें बंद हैं। हालांकि, प्रशासन ने दावा किया कि इंदौर में मंगलवार को एआईसीटीएसएल से जुड़ी सारी सिटी बसें और चार्टर्ड बसें भी चलेंगी।

ऑटो ड्राइवर: बीमार, बुजुर्ग को सेवाएं देंगे
भोपाल में सर्वधर्म ऑटो चालक संघ अध्यक्ष आदिल खान ने बताया कि मंगलवार को ऑटो भी बंद रहेंगे। प्रशासन की तरफ से हमें समझाइश आई थी। हालांकि, बुजुर्ग, कमजोर और बीमार लोगों के साथ नरमी बरती जाएगी। भोपाल में तीन हजार से ज्यादा ऑटो चलते हैं। नर्मदापुरम में भी ऑटो ड्राइवरों ने बस-ट्रक ड्राइवरों के समर्थन में हड़ताल शुरू कर दी है।

कैब ड्राइवर: 3 जनवरी तक हड़ताल पर रहेंगे
भोपाल टैक्सी यूनियन के जिलाध्यक्ष नफीस उद्दीन ने बताया कि अधिकतर कैब ड्राइवर 3 जनवरी तक हड़ताल पर रहेंगे। भोपाल में दो हजार से अधिक कैब चलती हैं। करीब एक हजार कैब ड्राइवर हड़ताल पर हैं। दूसरे शहरों में भी कैब ड्राइवरों की हड़ताल की जानकारी मिली है।

भोपाल में सोमवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर यात्री ऑटो का इंतजार करते रहे।

भोपाल में सोमवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर यात्री ऑटो का इंतजार करते रहे।

हड़ताल का ये असर…

दूध वाहन: दूध की सप्लाई 30% प्रभावित
भोपाल में दूध की 30% सप्लाई प्रभावित हुई। सांची और अमूल दूध की सप्लाई जारी है। दुग्ध संघ ने नगरीय वाहनों के जरिए दूध इकट्ठा किया और फैक्ट्री तक लाया गया। कुछ इलाकों में दूध नहीं पहुंचने की भी खबर है। राजधानी में सांची दूध की सप्लाई प्रतिदिन करीब ढाई लाख लीटर है। वहीं, अमूल दूध की खपत 70 हजार लीटर प्रतिदिन है। खुले दूध की खपत प्रतिदिन 6 से 8 लाख लीटर तक है।

दुग्ध संघ के एमडी सतीश कुमार ने बताया कि सुबह के लिए ड्राइवर्स का इश्यू है। कलेक्टर की मदद से कई ड्राइवर्स को बुलाया है। वहीं संघ के कई अन्य ड्राइवर्स को भी बोला है कि वह भी दूध पहुंचाने में काम करेंगे। इधर, र्मदापुरम में दूध और सब्जी की सप्लाई प्रभावित हुई।

भोपाल में देर रात तक दूध डेयरियों पर भीड़ लगी रही।

भोपाल में देर रात तक दूध डेयरियों पर भीड़ लगी रही।

सब्जी मंडी: 70 फीसदी व्यापार पर असर
भोपाल की करोंद मंडी में मंगलवार को सब्जियां लेकर गाड़ियां नहीं आईं। विक्रेताओं का कहना है कि कुछ किसान खुद के वाहनों से सब्जी लेकर मंडी आएंगे। 70 प्रतिशत से अधिक फल व सब्जी की आवक पर असर पड़ सकता है। इस कारण सब्जी व फल महंगे हो सकते हैं। इंदौर की चोइथराम मंडी में सब्जियों की गाड़ियां नहीं आईं। जबलपुर की मंडी के भी यही हाल हैं।

स्कूल: भोपाल-इंदौर के कई स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस
भोपाल में कई स्कूलों में मंगलवार की छुट्‌टी घोषित कर दी गई। मप्र स्कूल बस सेवा संचालक समिति के अध्यक्ष शिवकुमार सोनी ने बताया कि मंगलवार को भी स्कूल बस व स्कूल वैन बंद रहेंगी। प्रदेश में सवा लाख से ज्यादा स्कूल बसें व वैन चलती हैं। हालांकि, इंदौर और भोपाल के कुछ स्कूलों में ऑनलाइन क्लासेस लग रही हैं।

इंदौर में कलेक्टर डॉ. इलैया राजा टी ने सभी स्कूलों को बसें चलाने के निर्देश भी दिए थे, लेकिन मंगलवार को कई स्कूल बसें नहीं चलीं। बच्चे बस स्टॉप पर खड़े रहे। परिजन ने कंडक्टर-ड्राइवर को फोन करके कंफर्म किया। इसके बाद वे घर लौट आए। कई परिजन खुद बच्चों को छोड़ने स्कूल पहुंचे। वहीं, कई स्कूलों की छुट्‌टी कर दी गई। कुछ में ऑनलाइन क्लास लगी।

किराना : भोपाल में सप्लाई 100% प्रभावित
भोपाल के थोक बाजारों से आसपास के 200 किमी के दायरे में किराना सामान की सप्लाई होती है। हड़ताल के पहले दिन 50% सप्लाई पर असर पड़ा था, जबकि आज 100% असर पड़ने की संभावना है।

भोपाल व्यापारी महासंघ के महासचिव अनुपम अग्रवाल ने बताया कि भोपाल के थोक किराना मार्केट से सीहोर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, रायसेन, विदिशा, छिंदवाड़ा समेत 200 किलोमीटर में सामान पहुंचता है, लेकिन ट्रक या लोडिंग वाहन चालकों की हड़ताल से सप्लाई नहीं हो पा रही है।

बता दें भोपाल में इंदौर, डबरा, पिपरिया से दालें, महाराष्ट्र से शक्कर, उत्तर प्रदेश, गुजरात और दिल्ली से से चावल आता है। वहीं, आटे की सप्लाई लोकल मिल से होती है। हर रोज 200 टन तक किराना सामान की सप्लाई शहर और आसपास के जिलों में होती है।

108 एम्बुलेंस: इमरजेंसी में चालू रहेंगी
मध्य प्रदेश 108 एम्बुलेंस सेवा के सीनियर मैनेजर तरुण सिंह ने बताया कि 108 एम्बुलेंस कर्मचारी इमरजेंसी में काम कर रहे हैं। मंगलवार को भी यह सेवाएं जारी रहेंगी। वर्तमान स्थिति को देखते हुए सख्त निर्देश दिए हैं। सभी को हाई अलर्ट पर लोकेशन पर रहना है। भोपाल में 108 एम्बुलेंस की कुल 43 गाड़ियां चलती हैं।

पेट्रोल पंप: स्थिति में सुधार के आसार

तस्वीर नर्मदापुरम के एक पेट्रोल पंप की है। कई पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म हो गया।

तस्वीर नर्मदापुरम के एक पेट्रोल पंप की है। कई पेट्रोल पंप पर ईंधन खत्म हो गया।

सोमवार को भले ही पेट्रोल पंपों पर भीड़ रही। मंगलवार को स्थिति में सुधार हो सकता है। भोपाल पेट्रोल डीजल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह ने बताया कि पेट्रोल की किल्लत को लेकर ड्राइवर्स से बात हुई है। अधिकतर ड्राइवर्स ने पेट्रोल पहुंचाने की बात पर सहमति जताई है। उम्मीद है कि मंगलवार को स्थिति में सुधार आएगा, क्योंकि डिपो पर सोमवार दे रात टैंकर निकलना शुरू हो गए हैं। कई पेट्रोल पंपों पर स्टॉक भी खत्म हो गया था।

उज्जैन-रतलाम के लिए ट्रेन भी नहीं
भोपाल से उज्जैन-रतलाम आने-जाने वाले लोगों के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट का कोई साधन ही नहीं है। हड़ताल के कारण सभी बसें बंद हैं, वहीं, भोपाल-रामगंजमंडी रेल बिछाए जाने के कारण इस रूट की 6 से अधिक ट्रेनें निरस्त हैं। दिन में कोई भी ट्रेन उपलब्ध नहीं है। रात में दो ट्रेन जरूर हैं। ये ट्रेनें भी फुल हैं।

सोमवार को ये हालात रहे
हड़ताल के पहले दिन सोमवार को भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर, सागर, देवास समेत कई जिलों में बस और ट्रकों के पहिए थमे रहे। बस बंद होने से स्टैंड पर यात्री भटकते रहे और उन्हें वापस लौटना पड़ा। ड्राइवर्स ने अपनी गाड़ियां सड़कों पर खड़ी कर दीं, जिससे कई जगह लंबा जाम भी लगा। हड़ताल लंबी चलने और पेट्रोल की आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका की वजह से लोग अपने वाहनों में पेट्रोल भरवाने पहुंचे, तो दे रात तक पेट्रोल पंपों पर कतार लगी रही। भोपाल के रोहित नगर स्थित पंप पर ‘Xp 100’ पेट्रोल 160 रुपए प्रति लीटर में बेचा गया। देर रात तक डेयरियों पर भीड़ लगी रही।

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