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क्यों होती है एलर्जी और क्या होती है: कब है डॉक्टरी परामर्श जरूरी,कैसे हो सकता है एलर्जी से बचाव

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ के मुताबिक- “किसी भी फॉरेन सब्सटेंस यानी बाहरी पदार्थ के प्रति हमारे शरीर के इम्यून सिस्टम का सक्रिय हो जाना एलर्जी है। मेडिसिन की भाषा में इन विदेशी पदार्थों को एलर्जेन कहते हैं।”

जिन चीजों से एलर्जी होती है, वो आमतौर पर हार्मलेस चीजें होती हैं, जिससे वास्तव में शरीर को कोई खतरा नहीं होता। लेकिन फिर भी हमारा इम्यून सिस्टम उसे खतरनाक समझकर तुरंत ऐसे संकेत देने लगता है। जैसेकि कुछ खास तरह के खाद्य पदार्थ, परागकण या पालतू जानवरों की रूसी। किसी व्यक्ति को इनमें से किसी भी चीज से एलर्जी हो सकती है।

आपने अकसर लोगों को कहते सुना होगा कि उन्हें अमुक चीज से एलर्जी है। कई बार यह एलर्जी इतनी सीवियर होती है कि उसके लिए दवा भी लेनी पड़ती है। डॉक्टर्स एंटीबायाेटिक दवाओं के साथ एंटी एलर्जी मेडिसिन भी प्रिस्क्राइब करते हैं।

लेकिन बहुत सारे लोग यह ठीक-ठीक नहीं समझते कि एलर्जी दरअसल होती क्या है। खांसी, जुखाम, बुखार या डायबिटीज की तरह एलर्जी को ठीक-ठीक आइडेंटीफाई करना मुश्किल है। हमें यह भी नहीं पता चलता कि कब और किस चीज से एलर्जी हो सकती है।

आज जरूरत की खबर में हम बात करेंगे इसी एलर्जी के बारे में। हमारी आज की एक्सपर्ट हैं डॉ. तृप्ति बनर्जी, जो एक जनरल फिजिशियन हैं।

इसके अलावा इस लेख में दी गई जानकारियां डॉ. क्लिफर्ड बेसेट की किताब ‘द न्यू एलर्जी सॉल्यूशंस’ से ली गई हैं।

सवाल- एलर्जी क्यों होती है?

जवाब- हमारा इम्यून सिस्टम दरअसल हमारी रक्षा में चौबीसों घंटे तैनात एक आर्मी है। उसका काम है शरीर पर हमला कर रहे खतरनाक बैक्टीरिया, वायरस से लड़ना और हमें प्रोटेक्ट करना।

यूं तो वातावरण में बहुत तरह के सब्सटेंस मौजूद हैं और सब खतरनाक भी नहीं होते।

हेल्दी इम्यून सिस्टम इनवायरमेंट के साथ एडजेस्ट करके यह पता लगाने में सक्षम होता है कि कौन सा फॉरेन सब्सटेंस खतरनाक है और कौन सा हार्मलेस। जैसेकि कुत्ते या बिल्ली के बालों से कोई खतरा नहीं है। लेकिन कुछ लोगों को इससे एलर्जी होती है क्योंकि उनका शरीर इसे खतरे की तरह आइडेंटीफाई करता है और तुरंत ऐसे सिगनल देता है, जैसेकि आंखों से पानी आना, छींक आना या त्वचा पर रैशेज पड़ना वगैरह।

सवाल- एलर्जी के लक्षण क्या होते हैं?

जवाब- एलर्जी बहुत तरह की होती है और उसके लक्षण भी अलग-अलग हो सकते हैं।

1. फूड एलर्जी

फूड एलर्जी का अर्थ है किसी खास खाद्य पदार्थ से होने वाली एलर्जी। आपकी बॉडी उसे स्वीकार नहीं करती और प्रतिक्रिया देती है, जैसेकि सूजन होना, पित्त बढ़ना, उल्टी, मतली या फिर थकान महसूस होना। फूड एलर्जी को आइडेंटीफाई करना थोड़ा मुश्किल होता है। लेकिन यदि किसी अमुक चीज को खाने के बाद आपको बार-बार ऊपर दिए गए लक्षण दिखें तो डॉक्टरी सलाह जरूरी है।

2. सीजनल एलर्जी

ये सबसे कॉमन एलर्जी है। किसी खास मौसम या वातावरण में होने वाली एलर्जी, जैसे सर्दियां, बारिश, ज्यादा धूप या गर्मी।

3. सीवियर एलर्जी

आमतौर पर एलर्जी के लक्षण सीवियर नहीं होते और एंटी एलर्जी मेडिसिन लेने पर तुरंत चले भी जाते हैं। लेकिन अगर आपको किसी चीज से सीवियर एलर्जी है तो उसका संकेत सांस लेने में परेशानी, चक्कर आना, बेहोश होना वगैरह हो सकता है।

ये संकेत जीवन-घातक भी हो सकते हैं। यदि आप किसी ऐसे संभावित एलर्जेन के संपर्क में आते हैं और ऐसे लक्षण महसूस करते हैं तो चिकित्सकीय परामर्श जरूरी है।

4. स्किन एलर्जी

ये सबसे कॉमन एलर्जी है। जब भी हमारी त्वचा किसी एलर्जेन के संपर्क में आती है तो सूजन, रेडनेस, रैशेज वगैरह के रूप में एलर्जी को आइडेंटीफाई करती है।

इसके अलावा ओवरऑल एलर्जी के लक्षणों और संकेतों को नीचे दिए ग्राफिक से समझ सकते हैं-

सवाल – एलर्जी क्यों होती है? शरीर हार्मलेस सब्सटेंस को खतरे के रूप में क्यों देखने लगता है?

जवाब- लैंसेट में प्रकाशित एक स्टडी के मुताबिक यूरोप में 20 फीसदी लोग एलर्जी से पीड़ित हैं, लेकिन डॉक्टरों और शोधकर्ताओं के पास इस सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं है कि एलर्जी क्यों होती है। हमारा इम्यून सिस्टम क्यों किसी सामान्य तत्व को खतरा समझकर रिएक्ट करने लगता है।

इसका इम्यूनिटी के कमजोर या मजबूत होने से भी कोई सीधा कनेक्शन नहीं है क्योंकि सामान्यत: एक हेल्दी इम्यून सिस्टम वाला शरीर भी किसी खास एलर्जेन पर रिएक्ट कर सकता है।

सवाल- किन-किन चीजों से एलर्जी हो सकती है?

जवाब- इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझते हैं-

सवाल- एलर्जी का ट्रीटमेंट या इलाज क्या है?

जवाब- ये कोई हेल्थ कंडीशन नहीं है, जिसकी डायग्नोसिस किसी मेडिकल टेस्ट के जरिए की जा सके। इसलिए सबसे पहले तो ये आइडेंटीफाई करना जरूरी है कि आपको किस चीज से एलर्जी है।

  • किसी खास फूड से एलर्जी है।
  • किसी खास तरह की स्मेल से एलर्जी है।
  • सीजनल एलर्जी है यानी किसी खास मौसम में एलर्जी के लक्षण उभरते हैं।
  • पशुओं से एलर्जी है।

इसे आइडेंटीफाई करने के लिए अटेंटिव रहना जरूरी है। ऊपर बताए गए लक्षणों में से कोई भी लक्षण अगर बार-बार उभर रहा है तो आपको ध्यान देना चाहिए कि आपके वातावरण में उस वक्त मौजूद कौन सा फैक्टर इसका कारण हो सकता है।

एलर्जी के ट्रीटमेंट के कई तरीके हो सकते हैं। इसे डीटेल में समझते हैं-

1. मेडिकेशन यानी एंटी एलर्जी दवाइयां

सिट्रिजिन, एलर्जा, मेडरॉल, लेवोलिन जैसी कुछ कॉमन एंटी एलर्जी मेडिसिन हैं, जो सामान्य एलर्जी के लक्षण होने पर डॉक्टर प्रिस्क्राइब करते हैं।

नोट- लेकिन बिना डॉक्टरी सलाह के अपने मन से कोई दवाई न लें।

2. इमर्जेंसी एपिनेफ्रन (Epinephrine)

यदि आपको कोई गंभीर, जीवन घातक एलर्जी है तो डॉक्टरी सलाह से आप इमर्जेंसी एपिनेफ्रीन शॉट अपने साथ रखें। ट्रैवल के दौरान डॉक्टर के संपर्क में रहें। साथ यात्रा कर रहे व्यक्ति को सिचुएशन की जानकारी हो।

3. इम्यूनोथैरेपी

भारत में इम्यूनोथैरेपी बहुत कॉमन नहीं है। मेट्रो शहरों के बड़े अस्पतालों में ही उपलब्ध है। इसमें एक लंबी समयावधि में एंटी एलर्जी इंजेक्शन दिए जाते हैं, जिससे बॉडी में धीरे-धीरे एलर्जी के लक्षण प्रकट होना बंद हो जाते हैं। बॉडी का इम्यून सिस्टम एलर्जेन को एडॉप्ट कर लेता है।

सवाल- एलर्जी के लक्षण प्रकट होने पर क्या करें?

जवाब- एलर्जी से बचाव के लिए आप नीचे दिए गए जरूरी कदम उठा सकते हैं-

  • सबसे पहले अपने एलर्जी के कारण यानी एलर्जेन को आइडेंटीफाई करें।
  • अगर एलर्जेन पता हैं, जैसे कोई खास फूड, एनीमल, स्मेल, धूल, धुंआ वगैरह तो उसे पूरी तरह अवॉइड करें।
  • डॉक्टर के द्वारा प्रिस्क्राइब एंटी एलर्जी मेडिसिन हमेशा अपने साथ रखें।
  • बॉडी की इम्यूनिटी बढ़ाएं। हेल्दी लाइफ स्टाइल फॉलो करें।
  • सिचुएशन सीवियर है और इम्यूनोथैरेपी लेना चाहते हैं तो किसी प्रतिष्ठित इम्यूनोथैरेपिस्ट से सलाह लें।
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