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फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड से लोन बैंक मैनेजर सहित चार को तीन-तीन साल की सजा / Shivpuri News

शिवपुरी: अपर सत्र न्यायाधीश एके गुप्ता की अदालत में शुक्रवार को हुए एक फैसले में फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर 3 लाख का लोन लेने वाले चार आरोपियों को 3-3 साल की सजा व 20-20 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया। शासन की ओर से पैरवी अपर लोक अभियोजक मनोज रघुवंशी ने की।

यह था मामला : शिवपुरी कोतवाली में 10 सितंबर 2018 को फरियादी बैजंतीमाला पत्नी जहान सिंह यादव निवासी बीलवरा माता बैराड़, हाल निवास अशोक बिहार कॉलोनी, ने एफआइआर दर्ज कराई थी कि मेरे नाम से फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड बनवाकर इलाहाबाद बैंक शिवपुरी से 3 लाख रुपए का लोन निकाल लिया गया। पुलिस ने फरियादी की रिपोर्ट पर आरोपी बलराम पुत्र अमर जाटव निवासी हाजीखेड़ा थाना सिरसौद, नरेश धाकड़ पुत्र हजारीलाल धाकड़, अजीत पुत्र रामप्रसाद दीक्षित टोरिया बैराड़, धंतीबाई उर्फ धनवंती बाई पत्नी रामसेवक धाकड़ बैराड़ एवं तत्कालीन इलाहाबाद बैंक मैनेजर रमेशचंद्र पुत्र पन्नालाल केन के विरुद्ध धारा 467, 468, 471, 474 भादवि के तहत मामला दर्ज कर लिया था।

बैजंती की जगह धंतीबाई पहुंची थी बैंक

इस मामले में आरोपी धंतीबाई उर्फ धनवंती बाई धाकड़ निवासी बैराड़ को यह फर्जीबाड़ा करने वाले लोग बैजंतीमाला यादव बनाकर बैंक में ले गए थे। यानि जिस महिला बैजंतीबाई की कृषि भूमि पर फर्जी किसान क्रेडिट कार्ड बनाकर लोन लिया था, उसकी जगह धंतीबाई को बैंक में पेश किया था।

दीक्षित को छोड़कर सभी को दी सजा
अपर सत्र न्यायाधीश एके गुप्ता ने पक्ष-विपक्ष के वकीलों की दलील सुनने के बाद आरोपी बने अजीत दीक्षित के खिलाफ कोई साक्ष्य नहीं मिला। जबकि महिला व बैंक मैनेजर सहित चारों आरोपियों को 3-3 वर्ष के कारावास एवं 20-20 हजार रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई

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