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अनुत्तीर्ण होने का था पूरा यकीन, मिले 67% अंक: डीजे पर जमकर नाचे छात्र के परिजन / Shivpuri News

शिवपुरी: जरा सोचिए किसी विद्यार्थी को अनुत्तीर्ण होने का पूरा अनुमान हो और वह न केवल पास हो गया हो बल्कि फर्स्ट डिवीजन अंक भी हासिल कर लें तो परिजनों का खुशी में झूम उठना लाजिम है। ऐसा ही एक मामला मप्र के शिवपुरी जिले में सामने आया है। यहां सिरसौद गांव में एक परिवार अपने घर से डीजे पर नाचते गाते हुए 29 मई को गांव के मंदिर पूजा कराने पहुंचा था। जब ग्रामीणों ने परिवार से इस तरह खुशियां मनाने का कारण पूछा तो उन्होंने बताया कि हमें बेटे के 10वीं में फैल होने का पूरा यकीन था। लेकिन, हमारी उम्मीदों के विपरीत वह अच्छे नंबरों से पास हुआ है। इसीलिए आज मंदिर में पूजा करने आए हैं।

25 मई को घाेषित हुआ था 10वीं का रिजल्ट

माध्यमिक शिक्षा मंडल ने कक्षा 10वीं का रिजल्ट 25 मई को घोषित किया था। इस दिन शिवपुरी जिले के सिरसौद का एक छात्र सचिन लोधी बाकी छात्रों की तरह पास होने की उम्मीद नहीं लगाए बैठा था। उसके परिजनों को भी पूरा भरोसा था कि वह निश्चित फैल होगा। हालांकि, जब नतीजे सामने आए तो न केवल वह छात्र बल्कि उसका पूरा परिवार चौंक गया। उम्मीदों के विपरीत सचिन लोधी पास हो चुका था। यही नहीं उसने 67 प्रतिशत अंक हासिल किए थे। पहले तो परिजनों को भरोसा ही नहीं हुआ। हालांकि, जब उन्हें यकीन हो गया तो उनकी खुशियां का ठिकाना नहीं रहा। तब से अब तक छात्र के प्रथम श्रेणी में पास होने पर छात्र के परिजनों की खुशी थमने का नाम नहीं ले रही। इसी के चलते सोमवार को पूरा परिवार डीजे पर नाचते गाते हुए मंदिर पूजा करने पहुंचा था।

भाई ने कहा- भरोसा नहीं था कि सचिन पास होगा

सिरसौद गांव के राजकुमार लोधी ने बताया कि मेरा चचेरा भाई सचिन लोधी पढ़ाई-लिखाई में कमजोर है, और न ही वह पढ़ाई-लिखाई करता था। जबकि परिवार चाहता था कि सचिन पढ़ाई करें। इस बार सचिन से दसवीं के एक्जाम दिए थे। हालांकि, हमारे पूरे परिवार को भरोसा नहीं था कि सचिन पास होगा लेकिन 25 मई को जारी परिणामों में सचिन के नंबर देख सभी हैरान रह गए। सचिन ने दसवीं कक्षा की परीक्षा 67 प्रतिशत अंक लाकर प्रथम श्रेणी में पास की है। इसी के चलते घर में खुशी का माहौल है, और सोमवार को सचिन को परिजन डीजे के साथ मंदिर पर पूजा कराने लाए हैं।

छात्र सचिन लोधी का कहना है कि परिणाम मेरी सोच से बिल्कुल ही विपरीत आए। मैं खुद भी हैरान हूं।
छात्र सचिन लोधी का कहना है कि परिणाम मेरी सोच से बिल्कुल ही विपरीत आए। मैं खुद भी हैरान हूं।
अब पढ़िए सचिन ने क्या बताई पास होने की वजह

दसवीं कक्षा में प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण हुए सचिन लोधी का कहना है कि मुझे भी बिल्कुल भी शुरुआत में विश्वास नहीं था कि मैं इस साल दसवीं की कक्षा में पास हो सकूंगा। लेकिन, जैसे-जैसे एग्जाम नजदीक आते जा रहे थे, मैंने अंतिम समय में मैने पढ़ाई की थी। इसके बाद दसवीं कक्षा के एग्जाम दिए थे। परिणाम मेरी सोच से बिल्कुल ही विपरीत आए। मैं खुद भी हैरान हूं कि मेरे 67 प्रतिशत अंक आए हैं। इसी के चलते मेरे परिवार वालों में खुशी की लहर है।

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