Press "Enter" to skip to content

सीवर प्रोजेक्ट का काम अभी ख़त्म नहीं, लागत बढ़कर 120 करोड़ तक पहुंची / Shivpuri News

शिवपुरी: सीवर प्रोजेक्ट लाइन बिछाने का काम मार्च 2023 तक पूरा नहीं हो पाया है। जबकि समय के साथ लागत लगातार बढ़ रही है। लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग ने सीवर लाइन का चौथी बार रिवाइज्ड ऐस्टीमेट बनाकर भेजा है। शुरूआती लागत 67 करोड़ से बढ़कर अब 120.83 करोड़ रुपए पहुंच रही है। जबकि सीवर लाइन बिछाने के काम में एक महीने का वक्त और लग रहा है।


जानकारी के मुताबिक जुलाई 2013 में सीवर लाइन बिछाने की शुरूआत शिवपुरी शहर के अंदर से की गई। खुदी पड़ी सड़कों से साल 2017 व 2018 में किसी तरह निजात मिलने लगी। फिर ठाकुर बाबा घाटी पर खुदाई का काम शुरू हुआ तो कठोर पत्थर निकलने से सीवर लाइन बिछाने का काम प्रभावित हुआ।

पांच साल होने को आ रहे हैं, ठाकुर बाबा घाटी पर अभी भी 70 मीटर में सीवर लाइन बिछना बाकी रह गई है। सीवर लाइन खुदाई का काम पूरा भी हो जाता है तो शेष काम बिना रिवाइज्ड ऐस्टीमेट मंजूर हुए नहीं हो सकता है। बता दें कि सीवर प्रोजेक्ट का काम महज 21 महीने में पूरा होना था। इस काम में दस साल बीतने जा रहे हैं।

जबकि घसारही से नीचे सीवर ट्रीटमेंट प्लांट बहुत पहले बनकर तैयार हो चुका है। सीवर लाइन का काम कंप्लीट नहीं होने से टेस्टिंग तक नहीं हो सकी है। पीएचई में ठेकेदार का 1.18 करोड़ के भुगतान शेष हैं। 38 लाख रु. का बिल डेढ़ महीने से रुका है जबकि अभी 80 करोड़ का काम और हो गया है। भोपाल से बिल भुगतान के लिए राशि जारी नहीं हो पा रही है। ऐसे में काम प्रभावित होना लाजमी है।

9.28 करोड़ रुपए की और जरूरत
साल 2013 में काम शुरू हुआ, उस वक्त सीवर प्रोजेक्ट की लागत 67 करोड़ रुपए थी। दूसरी और तीसरी बार ऐस्टीमेट रिवाइज्ड किया तो लागत 111 करोड़ 55 लाख पहुंच गई थी। अब चौथी बार रिवाइज्ड ऐस्टीमेट बनाया है, जो दूसरी बार संशोधित होने के बाद 120.83 करोड़ रुपए की लागत पहुंच रही है। इस तरह 9.28 करोड़ रुपए की लागत और बढ़ गई है।

कनेक्शन कौन करेगा, तय नहीं
पीएचई सीवर लाइन का काम बरसात से पहले कंप्लीट कर भी देती है तो कनेक्शन को लेकर मामला अटका रहेगा। क्योंकि अभी तक तय नहीं हो सका है कि सीवर कनेक्शन नगर पालिका को करना है, अथवा पीएचई को। मामला भोपाल स्तर पर अटका है। सीवर कनेक्शन का मामला अभी तक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंचा है।

रिवाइज्ड ऐस्टीमेट भेजा है
सीवर प्रोजेक्ट में अभी 70 मीटर लाइन बिछना बाकी है। कोशिश कर रहे हैं एक महीने में काम खत्म हो जाए। रिवाइज्ड ऐस्टीमेट बनाकर भेजा है जिसमें सीवर प्रोजेक्ट लागत 120.83 करोड़ रु. पहुंच रही है।
– राकेश रहोरा, एसडीओ, पीएचई

एक माह का काम बचा है
ठाकुर बाबा घाटी पर खुदाई के लिए मशीन आना है, लगभग एक महीने का काम बचा है। हमारे बिलों का भुगतान भी रुका है। भुगतान मिलने से शेष अन्य काम भी जल्द पूरा करा देंगे।
– आरडी अग्रवाल, ठेकेदार, जैन एंड राय ग्वालियर

More from Fast SamacharMore posts in Fast Samachar »
More from ShivpuriMore posts in Shivpuri »

Be First to Comment

Leave a Reply

error: Content is protected !!