लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी को 10 हजार की रिश्वत लेते पकड़ा, 20 हजार में हुई थी डील
मध्य प्रदेश में लोकायुक्त पुलिस लगातार रिश्वतखोरों के खिलाफ कार्यवाही कर रही है बावजूद इसके रिश्वतखोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं.रिश्वतखोरी का ऐसा ही एक मामला शिवपुरी जिले के पिछोर तहसील से सामने आया है.जहां लोकायुक्त पुलिस ने एक पटवारी सहित 4 लोगों को किसान से 10 हजार की रिश्वत लेने के मामले में पकड़ा है.पकड़े गए पटवारी का नाम लाखन सिंह है जो वर्तमान में पिछोर तहसील के बाचरौन हल्का में पदस्थ है.पटवारी लाखन सिंह ने इंद्राज दुरुस्ती के एक प्रकरण में किसान से पैसों की मांग की थी.फरियादी ने इसकी शिकायत ग्वालियर लोकायुक्त पुलिस से की.जिसके बाद लोकायुक्त पुलिस ने गुरुवार को पटवारी और उसके तीन साथियों को पकड़ा है
पटवारी ने दूसरे के नाम चढ़ा दी फरियादी की जमीन
जानकारी के अनुसार किसान बादाम सिंह लोधी के पिता सालिगराम लोधी के नाम एक पट्टे की जमीन थी.जिसमें वर्ष 2022-23 में फरियादी के चाचा का नाम खसरे में जोड़ कर आने लगा.जब आवेदक को इसकी जानकारी मिली तब आवेदक ने इंद्राज दुरुस्ती का प्रकरण पिछोर तहसील में लगाया जहां पटवारी लाखन सिंह द्वारा इंद्राज दुरुस्ती के नाम पर किसान से ₹30000 की मांग की गई.लेकिन किसान और पटवारी की ये डील ₹20000 में फाइनल हो गई.बादाम सिंह ने पटवारी को ₹10000 एडवांस दे दिए जिसके बाद पटवारी द्वारा ओर अधिक पैसों की मांग की जाने पर लगी जिस पर किसान ने इसकी शिकायत 22 दिसंबर को लोकायुक्त पुलिस ग्वालियर में दर्ज कराई.
पटवारी ने साथियों को भेजा रिश्वत के पैसे लेने
लोकायुक्त पुलिस ने पटवारी और किसान की बातचीत टेप कर प्रकरण दर्ज कर लिया.पटवारी और किसान के बीच तय हुई रिश्वत की राशि देने गुरुवार को लोकायुक्त पुलिस की टीम के साथ जब किसान पिछोर तहसील कार्यालय पर पहुंचा तब पटवारी खुद पैसे लेने नहीं पहुंचा बल्कि उसने अपने दोस्त रामेश्वर लोधी कप्तान लोधी और जितेंद्र वर्मा को भेजा जिस पर लोकायुक्त पुलिस ने कार्यवाही करते हुए पटवारी सहित चारों लोगों को पकड़ लिया है.लोकायुक्त पुलिस की टीम मामले में वैधानिक कार्यवाही कर रही है.






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