शिवपुरी जिले के पोहरी में बुधवार को कोर्ट के आदेश पर पोहरी एसडीएम की कार की कुर्की की गई है.दरअसल वर्ष 2019 में कोर्ट ने पोहरी एसडीएम को एक किसान को जमीन का मुआवजा देने का आदेश जारी किया था. लेकिन कोर्ट के इस आदेश का पालन नहीं हो सका. ऐसे में द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश की कोर्ट ने सख्त रवैया अपनाते हुए 19 दिसंबर 2022 को एसडीएम ऑफिस की संपत्ति कुर्क कर पीड़ित को राशि अदा करने का आदेश जारी कर दिया.कोर्ट अमीन को यह कार्रवाई 3 दिन के भीतर करना होगी.कोर्ट के इसी आदेश के पालन में आज पोहरी एसडीएम की कार की कुर्की की गई है.
सिंचित जमीन को असिंचित बता कर दिया मुआवजा
दरअसल यह पूरा मामला वर्ष 2014-15 का है जब अपर काकेटो डैम के निर्माण के कारण बूढ़दा गांव के किसान संतचरण धाकड़ की सिंचित जमीन जमीन डूब क्षेत्र में आ गई.
लेकिन तत्कालीन एसडीएम पोहरी और जल संसाधन विभाग के इंजीनियर ने संत चरण धाकड़ की जमीन को असिंचित बताकर मुआवजे का वितरण कर दिया.जिसके विरुद्ध किसान संत चरण धाकड़ ने सिविल कोर्ट में याचिका दायर कर उचित मुआवजे की मांग की. कोर्ट ने संचरण की जमीन को सिंचित माना और एसडीएम को किसान संचरण धाकड़ को ₹274145 मुआवजा राशि अदा करने का आदेश दिया. लेकिन एसडीएम द्वारा कोर्ट के आदेश का पालन नहीं किया गया जिसके बाद कोर्ट ने एसडीएम ऑफिस की संपत्ति कुर्की कर किसान को मुआवजा अदा करने का आदेश दिया।






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