शिवपुरी में बुजुर्ग ने जीवनभर मेहनत कर संपत्ति बनाई और उस संपत्ति पर उसी के बेटों ने कब्जा कर उसे दाना पानी के लिए भी मोहताज कर दिया। बुजुर्ग ने न्यायालय में अपने बेटों से भरण पोषण दिलाए जाने की फरियाद लगाई थी। शिवपुरी जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार को आयोजित हुई लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय ने भरण पोषण के मामले में अहम फैसला सुनाया, जिसमें अब पुत्र अपने पिता को हर माह एक हजार रुपए बतौर भरण पोषण देने होंगे।
बाप की गाढ़ी कमाई पर बेटों ने कब्जा किया:न्यायालय के आदेश पर देना होगा भरण पोषण, ट्रक सहित मकान पर किया था कब्जा
शिवपुरी में बुजुर्ग ने जीवनभर मेहनत कर संपत्ति बनाई और उस संपत्ति पर उसी के बेटों ने कब्जा कर उसे दाना पानी के लिए भी मोहताज कर दिया। बुजुर्ग ने न्यायालय में अपने बेटों से भरण पोषण दिलाए जाने की फरियाद लगाई थी। शिवपुरी जिला न्यायालय परिसर में शुक्रवार को आयोजित हुई लोक अदालत में कुटुम्ब न्यायालय ने भरण पोषण के मामले में अहम फैसला सुनाया, जिसमें अब पुत्र अपने पिता को हर माह एक हजार रुपए बतौर भरण पोषण देने होंगे।
जानकारी के अनुसार शिवपुरी निवासी घनश्याम सिंह यादव ने अपने पुत्र राजवीर यादव, बैजनाथ यादव व धनपाल यादव के खिलाफ भरण पोषण का दावा एसडीएम न्यायालय में लगाया था। आज एसडीएम न्यायालय ने फैसला सुनाते हुए तीनों पुत्र अब पिता को भरण पोषण के लिए एक हजार रुपये महीने देंगे।
घनश्याम सिंह यादव के पास एक ट्रक और एक मकान था उस पर भी उसके बेटों ने कब्जा कर लिया था। एसडीएम न्यायालय के फैसले में पुत्रों को ट्रक और मकान भी घनश्याम को सौंपने का आदेश जारी किया है। गौरतलब है पिता को काफी समय से उसके तीनों पुत्रों द्वारा परेशान किया जा रहा था जब पुत्र नहीं माने तो पिता ने न्यायालय की शरण ली। इस मामले को लोक अदालत के माध्यम से सुलझाया गया। लोक अदालत में दोनों पक्षों के बीच बैठकर मध्यस्था करते हुए समझाईश दी गई। अब घनश्याम यादव के पुत्रों को अपने पिता को हर माह भरण पोषण के तौर पर हर माह एक हजार रुपए देने होंगे। इसके साथ ही पुस्तैनी मकान और ट्रक भी लौटाना होगा। पीड़ित पिता की ओर से एडवोकेट बैजनाथ सिंह कुशवाह ने पैरवी की थी।






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