करैरा। नगर परिषद करैरा में मप्र यूडीसी विभाग की जलावर्धन योजना पांच सालों से कछुआ गति से चल रही है। यूडीसी ने रियान कंपनी को 49 करोड़ की जलावर्धन योजना का टेंडर दिया था। ठेकेदार के कार्य की गति को देखते हुए मानो ऐसा लगता है कि करैरा नगर के लोंगो को 49 करोड़ की जलावर्धन योजना का लाभ मिलने में अभी 5 साल और इंतजार करना होगा। स्थिति यह है कि अब इस योजना के लिए लगाए गए मीटर तक चोरी हो गए हैं। सोमवार की रात वार्ड क्रमांक 9 में सर्वोदय चौराहे पर अज्ञात बदमाशों ने नल के मीटर चोरी कर लिए। जो मीटर अभी लगे हुए हैं वह भी बिना उपयोग हुए कंडम हो जाएंगे। यहां यह भी सवाल उठ रहा है कि जब अभी पानी आने की कोई उम्मीद ही नहीं है तो फिर कंपनी ने अभी से मीटर क्यों लगा दिए। योजना में अभी सिर्फ डिस्ट्रीब्यूशन लाइन डालने का काम ही किया गया है। जबकि जहां से पानी करैरा तक लाया जाना है वहां पर अभी लाइन ही नहीं बिछाई गई है। यदि इस पूरी योजना की निष्पक्ष जांच करा ली जाए तो बड़ा भ्रष्टाचार सामने आ सकता है। नवनिर्वाचित नगर परिषद अध्यक्ष ने भी इसे संज्ञान में लिया है। कंपनी ने अभी योजना का 50 प्रतिशत काम भी पूरा नहीं किया है। जबकि इसका कागजों में 60 प्रतिशत से अधिक काम होना बताया जाकर भुगतान भी ले लिया है। यूडीसी के अधिकारी भी इसकी नियमित मानीटरिंग नहीं कर रहे हैं। मानीटरिंग के अभाव में यह योजना कंपनी अपने अनुसार चला रही है।
नवनिर्वाचित अध्यक्ष ने भी ली जानकारी
नवनिर्वाचित परिषद की अध्यक्ष शारदा रामस्वरूप रावत के भी संज्ञान में यह मामला है। पद संभालने के बाद उन्होंने भी सीएमओ से सबसे पहले इस योजना की प्रोग्रेस के बारे में जानकारी ली क्योंकि इससे पूरे नगर की पानी की समस्या दूर हो सकती है। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष भी इस योजना की प्रगति को लेकर असंतुष्ट हैं और जल्द ही संबंधित विभाग को इसके लिए पत्र भी लिखा जाएगा।
अभी डैम से पानी की लाइन ही नहीं डाली
जलावर्धन योजना के लिए समौहा डैम से पानी लाया जाना है। यह नगर से करीब 25 किमी की दूरी पर स्थित है। अभी इसके लिए लाइन नहीं डाली गई है। इसके पहले कंपनी ने डिस्ट्रीब्यूशन लाइन पूरी बिछा दी और मीटर तक लगा दिए। जब कंपनी का भुगतान रोक दिया जाता है तो पाइप डलना शुरू हो जाते हैं और फिर भुगतान होते ही काम मनमाने ढ़ंग से शुरू हो जाता है। कंपनी के अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग काम करने में परेशानी खड़ी कर रहे हैं इसलिए काम नहीं हो पा रहा है।
इनका कहना है…
इस बारे में नवनिर्वाचित अध्यक्ष से मार्गदर्शन लेकर संबंधित विभाग को पत्र लिखा जाएगा। काम धीमी गति से चल रहा है तो उन्हें मानीटरिंग करना चाहिए। इसके लिए कल ही चर्चा करेंगे और पत्र लिखेंगे।
- ताराचंद धूलिया, सीएमओ
इंटकवेल के काम पर रोक लगी हुई है। कुछ लोगों ने स्टे लगवा दिया था इसलिए परेशानी आ रही है। यही कारण है कि काम धीमी गति से चल रहा है।
जेडी गुर्जर, महाप्रबंधन रेयान कंपनी






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